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Hardoi News: पानी कम होने के साथ बीमारियों और गंदगी ने पसारे पांव
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फोटो 40: बिलग्राम के कटरी जरेला गांव के किनारे भरा पानी। संवाद
फोटो 40: बिलग्राम के कटरी जरेला गांव के किनारे भरा पानी। संवाद
फोटो 41: कटियारी के सुलखामऊ गांव में बाढ़ के पानी से घिरी झोपड़ी। संवाद
फोटो 42: दहेलिया-मुर्थिया मार्ग पर भरा बाढ़ का पानी। संवाद
फोटो 43: बेड़ीजोर गांव में बाढ़ के पानी में डूबी तिल्ली की फसल। संवाद
- प्रभावित गांवों में पानी और गंदगी से चर्म रोग और बुखार से पीड़ित हो रहे लोग
- दुश्वारियों झेल रहे आमलोग
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई/बिलग्राम/सांडी/हरपालपुर। नदियों में एक बार फिर से पानी कम होना शुरू हो गया है। पानी कम होने के साथ ही गांवों में गंदगी और बीमारियां पनप रहीं हैं। बाढ़ प्रभावित 101 गांवों के लोगों में तेजी से चर्म रोग, बुखार, जुकाम और मलेरिया के रोगी बढ़े हैं। आमजन जीवन दुश्वारियों से जूझ रहा है।
बैराजों से छोड़े जाने वाली पानी में कमी आने से कई दिनों बाद गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी के पानी में सोमवार को कमी दर्ज की गई। पानी कम होने से गांवों और आबादी से पानी ने निकलना शुरू किया है, हालांकि इससे लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। जलभराव, गंदगी और कीचड़ के कारण प्रभावित लोगों के पैरों में चर्म रोग बढ़ा है। लोगों के पैरों में खुजली और सड़न जैसी बीमारी हो रही है।
बिलग्राम क्षेत्र के राजघाट और कटरी क्षेत्र के आसपास से पानी नहीं घटा है। बाढ़ के कारण एक बड़ी आबादी संघर्ष से गुजर रही है। आवागमन, शिक्षा, खानपान और मवेशियों को लेकर समस्याएं हैं। कटरी के गांव मक्कू पुरवा, सोनारी पुरवा, जरेला, पुन्ना पुरवा, घासीराम पुरवा, रायसिंह पुरवा समेत गांवों के आसपास पानी का प्रकोप जारी है। फसलों में भी पानी भरा हुआ है।
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हरपालपुर/सांडी के कटियारी क्षेत्र में गंगा, रामगंगा, गर्रा, नीलम और गंभीरी नदी का जलस्तर कुछ कम होने से लोगों में राहत है। हालांकि मौसम के बदलाव के साथ लोगों में बीमारियां फैल रही हैं। गंगा और रामगंगा के बीच बसे दहेलिया, मुरबा शहाबुद्दीनपुर, बारामऊ, अदनियां, अली शेरपुरवा, सुलखामऊ, गढ़िया, कटरी छोछपुर, चंद्रमपुर, पतारपुरवा आदि करीब दो दर्जन गांव और मजरों में अभी भी लोगों के घरों से लेकर गलियारों में पानी भरा है। इससे आवागमन में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में पानी भर जाने से ग्रामीणों ने अपने जानवर सड़कों पर बांध रखे हैं। सर्वाधिक दिक्कतें पशुओं के चारे की है। अलीशेर पुरवा के सरोज ने बताया कि पर्याप्त मात्रा में राशन नहीं मिल रहा है। इरफान, बदरुन्निसा, कमरुद्दीन ने कहा कि प्रशासन की ओर से दो-तीन दिनों से खाना नहीं आया है। रमेश ने बताया कि समय पर खाना नहीं आ रहा है।
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फोटो 44: बाढ़ पीड़ितों को राशन किट वितरित करते विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू। संवाद
पिछली सरकारों में मोमबत्ती व सूखी ब्रेड मिलती थी, अब एक माह का राशन : विधायक
हरपालपुर। विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने सोमवार को जीवनपुरवाव, चंद्रमपुर गांव में अधिकारियों के साथ बाढ़ पीड़ितों को राशन किट व लंच पैकेट बांटे। कहा कि पिछली सरकारों में मोमबत्ती व सूखी ब्रेड बांटी जाती थी। भाजपा सरकार प्रत्येक बाढ़ पीड़ित के साथ खड़ी है। किट में पूरे एक महीने का राशन व लंच पैकेट भी दिया जा रहा है। जानवरों के चारे की भी व्यवस्था कराई जा रही है। स्वास्थ्य व पशुपालन विभाग की टीम लगातार बाढ़ ग्रस्त इलाकों में काम कर रही हैं। बाढ़ प्रभावित सात परिवारों को आवास की स्वीकृति दी गई है। 90 आवास रिजर्व रखे गए हैं। सवायजपुर एसडीएम शिवानी सिंह ने कहा कि बाढ़ ग्रस्त इलाकों में राजस्व टीम लगातार काम कर रही है। इस दौरान तहसीलदार सौरभ सिंह, नायब तहसीलदार रामकिशोर, ब्लॉक प्रशासक अनोखेलाल कश्यप, डॉ. रजनीश त्रिपाठी, संजय पाठक, अभिराम सिंह मौजूद रहे। संवाद
कम छोड़े जा रहे पानी से नदियों का घटा जलस्तर
बैराजों से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा में कमी आई है। सोमवार को गंगा नदी में नरौरा बैराज से 6,428 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं गर्रा नदी में नानकसागर बैराज से 1,034 क्यूसेक और पीलीभीत के ड्यूनी बैराज से 2,597 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इधर कई दिनों बाद गंगा नदी के जलस्तर में कमी दर्ज गई है। गंगा नदी का पानी फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर 136.95 मीटर गेज पर आया है, हालांकि अभी चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से ऊपर ही बना हुआ है। राजघाट पर 125.92 मीटर गेज पर पानी आया है, यहां पर अभी खतरे के निशान 135.81 मीटर से ऊपर है। रामगंगा नदी का पानी शाहजहांपुर के हुल्लापुर घाट पर 137.05 मीटर गेज पर आया है। ऐसे ही गर्रा नदी का पानी शाहजहांपुर के मुमुक्ष आश्रम घाट पर 146.25 मीटर और सांडी में केंद्रीय जल आयोग की साइट पर 129.94 मीटर पर आ गया है।
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फोटो 41: कटियारी के सुलखामऊ गांव में बाढ़ के पानी से घिरी झोपड़ी। संवाद
फोटो 42: दहेलिया-मुर्थिया मार्ग पर भरा बाढ़ का पानी। संवाद
फोटो 43: बेड़ीजोर गांव में बाढ़ के पानी में डूबी तिल्ली की फसल। संवाद
- प्रभावित गांवों में पानी और गंदगी से चर्म रोग और बुखार से पीड़ित हो रहे लोग
- दुश्वारियों झेल रहे आमलोग
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई/बिलग्राम/सांडी/हरपालपुर। नदियों में एक बार फिर से पानी कम होना शुरू हो गया है। पानी कम होने के साथ ही गांवों में गंदगी और बीमारियां पनप रहीं हैं। बाढ़ प्रभावित 101 गांवों के लोगों में तेजी से चर्म रोग, बुखार, जुकाम और मलेरिया के रोगी बढ़े हैं। आमजन जीवन दुश्वारियों से जूझ रहा है।
बैराजों से छोड़े जाने वाली पानी में कमी आने से कई दिनों बाद गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी के पानी में सोमवार को कमी दर्ज की गई। पानी कम होने से गांवों और आबादी से पानी ने निकलना शुरू किया है, हालांकि इससे लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। जलभराव, गंदगी और कीचड़ के कारण प्रभावित लोगों के पैरों में चर्म रोग बढ़ा है। लोगों के पैरों में खुजली और सड़न जैसी बीमारी हो रही है।
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बिलग्राम क्षेत्र के राजघाट और कटरी क्षेत्र के आसपास से पानी नहीं घटा है। बाढ़ के कारण एक बड़ी आबादी संघर्ष से गुजर रही है। आवागमन, शिक्षा, खानपान और मवेशियों को लेकर समस्याएं हैं। कटरी के गांव मक्कू पुरवा, सोनारी पुरवा, जरेला, पुन्ना पुरवा, घासीराम पुरवा, रायसिंह पुरवा समेत गांवों के आसपास पानी का प्रकोप जारी है। फसलों में भी पानी भरा हुआ है।
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हरपालपुर/सांडी के कटियारी क्षेत्र में गंगा, रामगंगा, गर्रा, नीलम और गंभीरी नदी का जलस्तर कुछ कम होने से लोगों में राहत है। हालांकि मौसम के बदलाव के साथ लोगों में बीमारियां फैल रही हैं। गंगा और रामगंगा के बीच बसे दहेलिया, मुरबा शहाबुद्दीनपुर, बारामऊ, अदनियां, अली शेरपुरवा, सुलखामऊ, गढ़िया, कटरी छोछपुर, चंद्रमपुर, पतारपुरवा आदि करीब दो दर्जन गांव और मजरों में अभी भी लोगों के घरों से लेकर गलियारों में पानी भरा है। इससे आवागमन में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में पानी भर जाने से ग्रामीणों ने अपने जानवर सड़कों पर बांध रखे हैं। सर्वाधिक दिक्कतें पशुओं के चारे की है। अलीशेर पुरवा के सरोज ने बताया कि पर्याप्त मात्रा में राशन नहीं मिल रहा है। इरफान, बदरुन्निसा, कमरुद्दीन ने कहा कि प्रशासन की ओर से दो-तीन दिनों से खाना नहीं आया है। रमेश ने बताया कि समय पर खाना नहीं आ रहा है।
फोटो 44: बाढ़ पीड़ितों को राशन किट वितरित करते विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू। संवाद
पिछली सरकारों में मोमबत्ती व सूखी ब्रेड मिलती थी, अब एक माह का राशन : विधायक
हरपालपुर। विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने सोमवार को जीवनपुरवाव, चंद्रमपुर गांव में अधिकारियों के साथ बाढ़ पीड़ितों को राशन किट व लंच पैकेट बांटे। कहा कि पिछली सरकारों में मोमबत्ती व सूखी ब्रेड बांटी जाती थी। भाजपा सरकार प्रत्येक बाढ़ पीड़ित के साथ खड़ी है। किट में पूरे एक महीने का राशन व लंच पैकेट भी दिया जा रहा है। जानवरों के चारे की भी व्यवस्था कराई जा रही है। स्वास्थ्य व पशुपालन विभाग की टीम लगातार बाढ़ ग्रस्त इलाकों में काम कर रही हैं। बाढ़ प्रभावित सात परिवारों को आवास की स्वीकृति दी गई है। 90 आवास रिजर्व रखे गए हैं। सवायजपुर एसडीएम शिवानी सिंह ने कहा कि बाढ़ ग्रस्त इलाकों में राजस्व टीम लगातार काम कर रही है। इस दौरान तहसीलदार सौरभ सिंह, नायब तहसीलदार रामकिशोर, ब्लॉक प्रशासक अनोखेलाल कश्यप, डॉ. रजनीश त्रिपाठी, संजय पाठक, अभिराम सिंह मौजूद रहे। संवाद
कम छोड़े जा रहे पानी से नदियों का घटा जलस्तर
बैराजों से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा में कमी आई है। सोमवार को गंगा नदी में नरौरा बैराज से 6,428 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं गर्रा नदी में नानकसागर बैराज से 1,034 क्यूसेक और पीलीभीत के ड्यूनी बैराज से 2,597 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इधर कई दिनों बाद गंगा नदी के जलस्तर में कमी दर्ज गई है। गंगा नदी का पानी फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर 136.95 मीटर गेज पर आया है, हालांकि अभी चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से ऊपर ही बना हुआ है। राजघाट पर 125.92 मीटर गेज पर पानी आया है, यहां पर अभी खतरे के निशान 135.81 मीटर से ऊपर है। रामगंगा नदी का पानी शाहजहांपुर के हुल्लापुर घाट पर 137.05 मीटर गेज पर आया है। ऐसे ही गर्रा नदी का पानी शाहजहांपुर के मुमुक्ष आश्रम घाट पर 146.25 मीटर और सांडी में केंद्रीय जल आयोग की साइट पर 129.94 मीटर पर आ गया है।

फोटो 40: बिलग्राम के कटरी जरेला गांव के किनारे भरा पानी। संवाद

फोटो 40: बिलग्राम के कटरी जरेला गांव के किनारे भरा पानी। संवाद

फोटो 40: बिलग्राम के कटरी जरेला गांव के किनारे भरा पानी। संवाद

फोटो 40: बिलग्राम के कटरी जरेला गांव के किनारे भरा पानी। संवाद