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सेंट जेम्स स्कूल की बीस बसों का चालान

Thu, 27 Apr 2017 12:03 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला हरदोई
ब्यूरो, अमर उजाला हरदोई Updated Thu, 27 Apr 2017 12:03 AM IST
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St. James's School Twenty Buses Invoice
सेंट जेम्स स्कूल की जांच करते एआरटीओ, एसडीएम व सीओ सिटी। - फोटो : Amar ujala

सड़क पर दौड़ रहीं मानक विहीन स्कूल बसों पर प्रशासन की नजर टेढ़ी हो गईं हैं। स्कूली वाहनों की निगरानी के लिए गठित की गई टीम ने बुधवार को लखनऊ रोड स्थित सेंट जेम्स स्कूल में बसों की पड़ताल की। मानक पूरे न होने पर 20 बसों का चालान किया। टीम ने बिना आरसी की एक बस को सीज किया है। एआरटीओ ने बताया कि सीज की गई बसों में एक का नंबर फर्जी निकला है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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शहर व आसपास के इलाके में संचालित नामी स्कूलों की अधिकांश बसें मानक विहीन हैं। बिना सुरक्षा इंतजाम के नई, पुरानी स्कूली बसें लंबे समय से बच्चों को लाने व ले जाने का काम कर रही हैं। हाल ही में अभिभावक संघ व युवा मोर्चा ने डीएम से मुलाकात उन्हें स्कूली बसों की हालत से अवगत कराया था।
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मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम ने स्कूली बसों के लिए एआरटीओ प्रवर्तन की अगुवाई में जांच टीम गठित की थी। बुधवार सुबह एआरटीओ प्रवर्तन एके मिश्रा, एसडीएम ज्ञानप्रकाश यादव व सीओ सिटी अजीत सिंह चौहान ने शहर के सेंट जेम्स स्कू ल पहुंच कर स्कूल से संबद्ध सभी बसों की जांच की। जांच के दौरान किसी भी बस में मानक पूरे नहीं मिले।
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एआरटीओ ने स्कूल की 20 बसों का चालान किया। एक बस में रजिस्ट्रेशन पेपर न मिलने व गाड़ी के नंबर पर संदेह होने के कारण उसे सीज कर दिया गया। एआरटीओ एके मिश्रा ने बताया कि स्कूली बसों के निर्धारित मानकों की अनदेखी करने पर कार्रवाई की गई है। जिस बस को सीज किया गया, उसके कागज मंगाकर जांच पड़ताल की जा रही है। बताया कि स्कूल प्रबंधन को एक सप्ताह में कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद कमी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

बसों में मिली ये खामियां  
एआरटीओ प्रवर्तन एके  मिश्रा ने बताया कि चेकिंग के दौरान स्कूल की अधिकांश बसों में मानक अधूरे मिले। बसों में अगिभनशमन यंत्र और फर्स्ट एड बाक्स भी नहीं मिले हैं। कई बस चालक बिना वर्दी के मिले। जिसके चलते बसों का चालान किया गया है।


ये हैं स्कूली बस के मानक  
स्कूली बसों के लिए मानक निर्धारित किए गए हैं। मानकों के तहत बस पीले रंग की होनी चाहिए। बस की खिड़कियों में जाली लगी होनी चाहिए, बस में फर्स्ट एड बाक्स और अगिभनशमन यंत्र उपलब्ध होने चाहिए। बस चालक का लाइसेंस पांच साल पुराना होना चाहिए, ड्यूटी के वक्त चालक वर्दी में रहना चाहिए। इसके अलावा बस के पीछे स्कूल प्रबंधन, नजदीकी पुलिस स्टेशन और प्रशासनिक अधिकारियों के मोबाइल नंबर अंकित होने चाहिए।

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