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कहीं बगावत का घात तो कहीं भितरघात की बिसात
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हरदोई। विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही जिले की चुनावी तस्वीर अब उकरनी शुरू हो गई है। यूं तो प्रमुख दलों के प्रत्याशी चुनाव मैदान में मगर निर्दलीय उम्मीदवार भी कम नहीं है।
इन सबके बीच किसी के लिए भितरघात तो किसी के लिए बगावत का घात देने की चुनावी बिसात बिछ गई है।
यह घात किसके लिए कितने घातक होंगे या फिर किसके लिए लिए कितना बाधक बनेंगे, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, फिलहाल हर कोई अपने अपने हिसाब से चुनाव को बेहतर से बेहतर बनाने में जुटा हुआ है।
विधानसभा चुनाव के चौथे चरण में शामिल जिले की सभी विधानसभा सीटों हरदोई सदर, सवायजपुर, बिलग्राम- मल्लावां, संडीला, शाहाबाद, बालामऊ, गोपामऊ, सांडी के लिए 23 फरवरी को मतदान होना है।
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इन सभी सीटों पर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के नामों पर गौर करें तो किसी सीट पर किसी पार्टी का बागी निर्दल उम्मीदवार अपनी ही रही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ मोर्चा खोलकर चुनावी घात की बिसात बना रहा, तो कहीं किसी सीट पर अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ पार्टी में रहकर भितरघात का प्रयास करने को बिसात बिछाई जा रही है।
इतना ही नहीं किसी सीट पर तो कभी एक ही राजनीतिक कद्दावर नेता के दरबार में साथ साथ बैठने वाले चुनाव में आमने-सामने हैं। इसी तरह कुछ अन्य स्थानों पर भी ऐसी ही भीतर खाने की चर्चाएं हैं।
सियासत के खेल में अजब मेल और गजब के अलगाव होते रहते हैं। इनकी बानगी इस चुनाव में देखने को मिल रही। यह अलग बात है कि इन सब हालातों को बखूबी समझने वाले दिग्गज राजनेताओं को इसकी परवाह भी नहीं है।
वे भितरघात को रोकने के लिए हर स्तर पर मसलों को साधने एवं चुनाव मैनेजमेंट जानते हैं। सबसे ज्यादा मुश्किलें उनके सामने नजर आती हैं, जो चंद लोगों तक अपने को सीमित किए रहे और चुनाव के समय सब कुछ ठाक करने के प्रयास में है
मगर उनके प्रयास कितने सफल होंगे यह तो समय बताएगा, फिलहाल कुछ स्थानों पर भितरघात एवं बगावत के घात देने की तैयारी में लगे लोग चुनावी बिसात बिछाने के साथ तेजी पकड़े हुए हैं।
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इन सबके बीच किसी के लिए भितरघात तो किसी के लिए बगावत का घात देने की चुनावी बिसात बिछ गई है।
यह घात किसके लिए कितने घातक होंगे या फिर किसके लिए लिए कितना बाधक बनेंगे, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, फिलहाल हर कोई अपने अपने हिसाब से चुनाव को बेहतर से बेहतर बनाने में जुटा हुआ है।
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विधानसभा चुनाव के चौथे चरण में शामिल जिले की सभी विधानसभा सीटों हरदोई सदर, सवायजपुर, बिलग्राम- मल्लावां, संडीला, शाहाबाद, बालामऊ, गोपामऊ, सांडी के लिए 23 फरवरी को मतदान होना है।
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इन सभी सीटों पर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के नामों पर गौर करें तो किसी सीट पर किसी पार्टी का बागी निर्दल उम्मीदवार अपनी ही रही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ मोर्चा खोलकर चुनावी घात की बिसात बना रहा, तो कहीं किसी सीट पर अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ पार्टी में रहकर भितरघात का प्रयास करने को बिसात बिछाई जा रही है।
इतना ही नहीं किसी सीट पर तो कभी एक ही राजनीतिक कद्दावर नेता के दरबार में साथ साथ बैठने वाले चुनाव में आमने-सामने हैं। इसी तरह कुछ अन्य स्थानों पर भी ऐसी ही भीतर खाने की चर्चाएं हैं।
सियासत के खेल में अजब मेल और गजब के अलगाव होते रहते हैं। इनकी बानगी इस चुनाव में देखने को मिल रही। यह अलग बात है कि इन सब हालातों को बखूबी समझने वाले दिग्गज राजनेताओं को इसकी परवाह भी नहीं है।
वे भितरघात को रोकने के लिए हर स्तर पर मसलों को साधने एवं चुनाव मैनेजमेंट जानते हैं। सबसे ज्यादा मुश्किलें उनके सामने नजर आती हैं, जो चंद लोगों तक अपने को सीमित किए रहे और चुनाव के समय सब कुछ ठाक करने के प्रयास में है
मगर उनके प्रयास कितने सफल होंगे यह तो समय बताएगा, फिलहाल कुछ स्थानों पर भितरघात एवं बगावत के घात देने की तैयारी में लगे लोग चुनावी बिसात बिछाने के साथ तेजी पकड़े हुए हैं।