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समाजसेवी ने पेश की मानवता की मिसाल

Tue, 05 May 2015 11:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई Updated Tue, 05 May 2015 11:53 PM IST
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Social workers introduced by the example of humanity

आर्थिक तंगी से जेल में सजा काट रहे बंदियों के दर्द

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को समझते हुए समाजसेवी नवनीत गर्ग ने मानवीय आधार पर पहले करते हुए दो बंदियों की घर वापसी की व्यवस्था की। उन्होंने दोनों बंदियों के अर्थदंड को अदालत में जमा कराया। इसके बाद उनकी जिला जेल से रिहाई हो सकी।

अमर उजाला में बीते साल प्रकाशित एक खबर से प्रेरणा लेते हुए रिटायर बैंक अफसर नवनीत गर्ग ने जिला जेल के अफसरों से संपर्क कर उन लोगोें की जानकारी की जो अर्थदंड न जमा कर पाने से जेल में सजा काट रहे थे। टड़ियावां क्षेत्र के मोहम्मदपुर निवासी श्रवण पुत्र शिवराज आर्म्स एक्ट के मुकदमे में 500 रुपये अर्थदंड जमा न कर पाने से जेल में निरुद्ध थे, वहीं अतरौली क्षेत्र के महीठा निवासी रामबालक पुत्र सुखराम भी आर्म्स एक्ट के मुकदमे में 500 रुपये अर्थदंड न जमा कर पाने से सजा काट रहे थे।

समाजसेवी ने सोमवार को दोनों के अर्थदंड को कोर्ट में जमा कराया, जिससे उनकी घर वापसी हो सके। वहीं गर्ग ने अमर उजाला को बताया कि वह जिला कारागार में अर्थदंड जमा न हो पाने की वजह से सजा काट रहे आसाम (गुवाहाटी) निवासी विलियम पुत्र जार्ज विडिस्टर की रिहाई भी कराना चाहते हैं।

पर समस्या यह है कि विलियम पूरी तरह हिंदी भाषा नहीं जानते और उसके  घर परिवार से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से अपील की कि अगर विलियम के घर वालों से किसी तरह प्रशासन संपर्क कर लें तो वह विलियम की रिहाई को उस पर लगाए गए पांच हजार रुपये के अर्थदंड को जमा कराने को तैयार हैं।

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