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दुष्कर्म में आजीवन कारावास की सजा
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पांच वर्ष पूर्व मासूूम से हुए दुष्कर्म के मामले में मंगलवार को न्यायालय ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट दीपाराय ने मामले की सुनवाई के बाद बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
27 मई 2015 को पाली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी आठ वर्षीय बालिका अपने घर में मां के साथ सोई थी। आधी रात के बाद लगभग दो बजे उसका पड़ोसी दिनेश उर्फ भिम्मा बच्ची के घर में घुस गया था। बच्ची को उठाकर गांव के बाहर स्थित एक बाग में ले जाकर दुष्कर्म किया था।
उसके बाद वह मौके से फरार हो गया था। पीड़ित बच्ची के पिता ने घटना की रिपोर्ट पाली थाने में दर्ज कराई थी। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक क्षितीश कुमार दीक्षित और अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि जब घटना हुई थी तो पीड़ित का पिता गांव में नहीं था और बाहर गया हुआ था।
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न्यायालय ने पूरे मामले की सुनवाई करने के बाद साक्ष्यों के आधार पर दिनेश को दोषी को करार दिया और उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही बीस हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है। जुर्माने की राशि से आधी पीड़ित बच्ची को दी जाएगी।
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27 मई 2015 को पाली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी आठ वर्षीय बालिका अपने घर में मां के साथ सोई थी। आधी रात के बाद लगभग दो बजे उसका पड़ोसी दिनेश उर्फ भिम्मा बच्ची के घर में घुस गया था। बच्ची को उठाकर गांव के बाहर स्थित एक बाग में ले जाकर दुष्कर्म किया था।
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उसके बाद वह मौके से फरार हो गया था। पीड़ित बच्ची के पिता ने घटना की रिपोर्ट पाली थाने में दर्ज कराई थी। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक क्षितीश कुमार दीक्षित और अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि जब घटना हुई थी तो पीड़ित का पिता गांव में नहीं था और बाहर गया हुआ था।
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न्यायालय ने पूरे मामले की सुनवाई करने के बाद साक्ष्यों के आधार पर दिनेश को दोषी को करार दिया और उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही बीस हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है। जुर्माने की राशि से आधी पीड़ित बच्ची को दी जाएगी।