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Hardoi News: एसडीएम पर हमला, पथराव में सिर फटा
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फोटो-49- मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन कराने जाते घायल एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा साथ में अन्य अधिकारी। संवाद
फोटो-50- सीटी स्कैन कक्ष के बाहर खड़े सुरक्षाकर्मी। संवाद
- बाढ़ राहत की तैयारियों का जायजा लेने गए थे, प्रधान पुत्र और ग्रामीणों ने दिया घटना को अंजाम
- शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के परियल गांव की घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई / शाहाबाद। कोतवाली क्षेत्र के परियल गांव में बाढ़ राहत की तैयारियों का जायजा लेने गए एसडीएम से प्रधान पुत्र ने अभद्रता करदी। इस पर एसडीएम ने उसे अपने पास बैठा लिया। प्रधान पुत्र ने फोन कर गांव से महिलाएं और ग्रामीण बुला लिए। मामला शांत होने पर एसडीएम वापस जाने लगे तभी महिलाओं और ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। सिर में पत्थर लगने से एसडीएम घायल हो गए। उनके सिर में पांच टांके लगाए गए हैं। मेडिकल कॉलेज में डीएम, एसपी समेत आला प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
शाहाबाद के एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा सोमवार शाम लगभग साढ़े चार बजे परियल गांव गए थे। यह गांव गर्रा नदी के किनारे है। 11 जून को बाढ़ राहत का मॉकड्रिल होना है। इसकी तैयारी के सिलसिले में वह परियल गए थे। इस दौरान बालू भरी ट्राली के अभिलेख देखे। अभिलेख सही मिलने पर उसे जाने दिया गया। बाढ़ शरणालय की दृष्टि से वह अन्नपूर्णा भवन और आरआरसी देखने लगे। इस दौरान प्रधान पुत्र वहां आ गया। आरआरसी में दो दरवाजे न लगे हाेने के बारे में पूछने पर प्रधान पुत्र आक्रामक हो गया। इस पर एसडीएम ने उसे अपने पास बैठा लिया। इस बीच प्रधानपुत्र ने गांव में फोन कर दिया तो ग्रामीण आ गए। इस पर एसडीएम ने बताया कि इन्हें कोई सजा देने के लिए नहीं बैठाया है। बाढ़ को लेकर जानकारी करने के लिए रोका है। इस पर ग्रामीण शांत हो गए। कुछ देर बाद जब एसडीएम वापस जाने लगे ताो ग्रामीणों ने प्रधान पुत्र के साथ मिलकर पथराव और हमला कर दिया।घायल एसडीएम को उनके सहयोगी वहां से लेकर सीएचसी शाहाबाद पहुंचे। घटना का पता चलने पर एडीएम प्रफुल्ल त्रिपाठी और एसडीएम सदर मयंक कुंडू भी वहां आ गए। इसके बाद एसडीए को मेडिकल कॉलेज लाया गया। यहां डीएम अनुनय झा, एसपी अशोक कुमार मीणा समेत पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी पहुंच गए। पूरे मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है।
इनसेट
प्रधान के पति हैं भाजपा के जिला पंचायत सदस्य
परियल की प्रधान शिवरानी हैं। उनके पति लालाराम राजपूत जिला पंचायत के सदस्य हैं। लालाराम राजपूत पूर्व में बसपा और सपा में रहने के बाद इन दिनों भाजपा में सक्रिय हैं। लालाराम राजपूत लगातार तीसरी बार जिला पंचायत सदस्य हैं। उनका पक्ष जानने के लिए उन्हें कॉल की गई, लेकिन उनके व परिजन के मोबाइल स्विच ऑफ मिले।
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इनसेट
गेट न लगे होने और भुगतान पूरा होने के सवाल पर बिगड़ा प्रधान पुत्र का मूड
विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि आरआरसी के दरवाजे न लगे होने और अन्न पूर्णा भवन का शटर न खुलने पर एसडीएम ने इसकी फोटो खींच ली। दोनों फोटो बीडीओ शाहाबाद को भेज दीं। बीडीओ शाहाबाद ने बताया कि आरआरसी ग्राम पंचायत को हैंडओवर हेा गया है और इसका पूरा भुगतान हो चुका है। अन्नपूर्णा भवन हैंडओवर न होने की जानकारी भी बीडीओ ने दी। इस पर एसडीएम ने भुगतान पूरा होने औरगेट न लगे होने पर नाराजगी जताई तो प्रधान पुत्र का मूड बिगड़ गया।
वर्जन
कानून व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति किसी को भी नहीं है। जिन लोगों ने भी घटना को अंजाम दिया है, वे चाहे जितने ताकतवर हों, उनसे सख्ती से निपटा जाएगा। कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस की नीति का पालन हर हाल में होगा।
अनुनय झा
डीएम
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फोटो-50- सीटी स्कैन कक्ष के बाहर खड़े सुरक्षाकर्मी। संवाद
- बाढ़ राहत की तैयारियों का जायजा लेने गए थे, प्रधान पुत्र और ग्रामीणों ने दिया घटना को अंजाम
- शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के परियल गांव की घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई / शाहाबाद। कोतवाली क्षेत्र के परियल गांव में बाढ़ राहत की तैयारियों का जायजा लेने गए एसडीएम से प्रधान पुत्र ने अभद्रता करदी। इस पर एसडीएम ने उसे अपने पास बैठा लिया। प्रधान पुत्र ने फोन कर गांव से महिलाएं और ग्रामीण बुला लिए। मामला शांत होने पर एसडीएम वापस जाने लगे तभी महिलाओं और ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। सिर में पत्थर लगने से एसडीएम घायल हो गए। उनके सिर में पांच टांके लगाए गए हैं। मेडिकल कॉलेज में डीएम, एसपी समेत आला प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
शाहाबाद के एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा सोमवार शाम लगभग साढ़े चार बजे परियल गांव गए थे। यह गांव गर्रा नदी के किनारे है। 11 जून को बाढ़ राहत का मॉकड्रिल होना है। इसकी तैयारी के सिलसिले में वह परियल गए थे। इस दौरान बालू भरी ट्राली के अभिलेख देखे। अभिलेख सही मिलने पर उसे जाने दिया गया। बाढ़ शरणालय की दृष्टि से वह अन्नपूर्णा भवन और आरआरसी देखने लगे। इस दौरान प्रधान पुत्र वहां आ गया। आरआरसी में दो दरवाजे न लगे हाेने के बारे में पूछने पर प्रधान पुत्र आक्रामक हो गया। इस पर एसडीएम ने उसे अपने पास बैठा लिया। इस बीच प्रधानपुत्र ने गांव में फोन कर दिया तो ग्रामीण आ गए। इस पर एसडीएम ने बताया कि इन्हें कोई सजा देने के लिए नहीं बैठाया है। बाढ़ को लेकर जानकारी करने के लिए रोका है। इस पर ग्रामीण शांत हो गए। कुछ देर बाद जब एसडीएम वापस जाने लगे ताो ग्रामीणों ने प्रधान पुत्र के साथ मिलकर पथराव और हमला कर दिया।घायल एसडीएम को उनके सहयोगी वहां से लेकर सीएचसी शाहाबाद पहुंचे। घटना का पता चलने पर एडीएम प्रफुल्ल त्रिपाठी और एसडीएम सदर मयंक कुंडू भी वहां आ गए। इसके बाद एसडीए को मेडिकल कॉलेज लाया गया। यहां डीएम अनुनय झा, एसपी अशोक कुमार मीणा समेत पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी पहुंच गए। पूरे मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है।
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प्रधान के पति हैं भाजपा के जिला पंचायत सदस्य
परियल की प्रधान शिवरानी हैं। उनके पति लालाराम राजपूत जिला पंचायत के सदस्य हैं। लालाराम राजपूत पूर्व में बसपा और सपा में रहने के बाद इन दिनों भाजपा में सक्रिय हैं। लालाराम राजपूत लगातार तीसरी बार जिला पंचायत सदस्य हैं। उनका पक्ष जानने के लिए उन्हें कॉल की गई, लेकिन उनके व परिजन के मोबाइल स्विच ऑफ मिले।
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गेट न लगे होने और भुगतान पूरा होने के सवाल पर बिगड़ा प्रधान पुत्र का मूड
विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि आरआरसी के दरवाजे न लगे होने और अन्न पूर्णा भवन का शटर न खुलने पर एसडीएम ने इसकी फोटो खींच ली। दोनों फोटो बीडीओ शाहाबाद को भेज दीं। बीडीओ शाहाबाद ने बताया कि आरआरसी ग्राम पंचायत को हैंडओवर हेा गया है और इसका पूरा भुगतान हो चुका है। अन्नपूर्णा भवन हैंडओवर न होने की जानकारी भी बीडीओ ने दी। इस पर एसडीएम ने भुगतान पूरा होने औरगेट न लगे होने पर नाराजगी जताई तो प्रधान पुत्र का मूड बिगड़ गया।
वर्जन
कानून व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति किसी को भी नहीं है। जिन लोगों ने भी घटना को अंजाम दिया है, वे चाहे जितने ताकतवर हों, उनसे सख्ती से निपटा जाएगा। कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस की नीति का पालन हर हाल में होगा।
अनुनय झा
डीएम