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स्केल आफ फाइनेंस बढ़ा तो मिलेगा ज्यादा ऋण!

Mon, 02 Mar 2015 01:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई Updated Mon, 02 Mar 2015 01:01 AM IST
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Scale of Finance will raise more debt !

नए वित्तीय वर्ष के लिए तय होने वाले बैंकों के स्केल

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आफ फाइनेंस को लेकर बैंक अफसरों में चर्चाओं के साथ ही राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक का कार्यालय भी सक्रिय हो गया है। अगर फसली ऋणों के लिए फाइनेंस आफ स्केल बढ़ा तो नए वित्तीय वर्ष में किसानों को पहले के मुकाबले फसलों के लिए बैंकों से ज्यादा ऋण मिल सकेगा।

सूत्रों के मुताबिक कमोवेश हर वर्ष बैंकों के लिए स्केल आफ फाइनेंस तय किया जाता है, जिस पर बैंकों द्वारा फसली ऋण साख सीमा बनाई जाती है। हर वर्ष तय होने वाले स्केल आफ फाइनेंस में फसलों की बढ़ती लागत का ध्यान रखा जाता है। अबकी संभावना है कि स्केल आफ फाइनेंस बढ़ सकता है।

जिससे नए वित्तीय वर्ष में किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड में पहले के मुकाबले ज्यादा ऋण मिलने का रास्ता बन जाएगा। चल रहे स्केल से एक हेक्टेयर कृषि भूमि के मानक को लेकर धान, मक्का गेहूं तथा दलहनी एवं तिलहनी फसलों के लिए 50 हजार एवं गन्ने के लिए 1 लाख से 1 लाख तक की ऋण सीमा रहती है, जबकि एक हेक्टेयर पर आलू की फसल के लिए एक लाख की सीमा के अलावा अन्य फसलों के लिए ऋण सीमा तय है।

किसानों को एक हेक्टेयर खेती के लिए उक्त स्केल के अनुसार बैंकों से लगभग के दायरे में कर्ज मिल जाता है । फसलों की बढ़ती लागत तथा प्रबंधन पर होने वाले खर्च में बढ़ोतरी को ध्यान में रखकर स्केल आफ फाइनेंस नए वित्तीय वर्ष के लिए तय किए जाते हैं।

अगले माह से शुरू हो रहे नए वित्तीय वर्ष के लिए तय होने वाले स्केल में कर्ज सीमा बढ़ाने की संभावनाएं बन रही हैं। इस बाबत डीडीएम नाबार्ड राजीव मोहन कहते हैं कि इस ओर जरूरी बिंदुओं पर राय मशविरा के बाद निर्णय लिए जाएंगे।

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