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शराब के लिए संपत्ति बेचे जाने से नाराज बेटे ने की थी किसान की हत्या
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फोटो-11- घटना का खुलासा करने के दौरान हत्यारोपी के बारे में जानकारी देते एसपी अमित कुमार। संवाद
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। दो जून को शहर कोतवाली क्षेत्र में किसान की हत्या कर शव रजबहे में फेंके जाने की घटना का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। शराब के लिए पैतृक संपत्तियां बेचने के बाद बचे एक मात्र प्लाट का भी सौदा करने से नाराज पुत्र ने ही पिता की गला दबाकर हत्या की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
शुक्रवार को एसपी अमित कुमार ने बताया कि दो जून को शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम तत्योरा निवासी श्यामू सिंह उर्फ श्याम सिंह (46) पुत्र दीप सिंह का शव ऊंचाथोक के पास सूखे रजबहे में पड़ा मिला था। मृतक के पुत्र जितेंद्र की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। जितेंद्र की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्घ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। एसपी ने बताया कि विवेचना के दौरान अलग-अलग कड़ी जोड़ी गईं तो शक की सुई मृतक के पुत्र जितेंद्र पर ही आकर टिक गईं। जितेंद्र ने जानकारी दी कि पिता श्यामू सिंह शराबी था। इसके कारण ऊंचाथोक मोहल्ला और तत्योरा में स्थित काफी खेत और प्लाट पिता ने बेच दिए थे। मोहल्ला ऊंचाथोक स्थित मकान बेचने के बाद जितेंद्र तत्योरा में एक मकान बनाकर रहने लगा था। जितेंद्र ने एक नि:शक्त से शादी भी कर ली थी। इसके बाद श्यामू सिंह भी पुत्र के बनाए मकान में रहने लगा था। गिरफ्तार हत्यारोपी का कहना है कि श्यामू सिंह कि पास जो आखिरी प्लाट बचा था उसका भी सौदा तय कर दिया था। इसके अलावा श्यामू अपनी पुत्रवधू पर फब्तियां कसता था। एक जून को पिता-पुत्र ने एक साथ बैठकर शराब पी। श्यामू के नशे में हो जाने पर जितेंद्र ने गमछे से गला कसकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद पिता के शव को कंधे पर डालकर कुछ ही दूरी पर स्थित सूखे रजबहे में डाल दिया। एसपी ने बताया कि हत्या में इस्तेमाल गमछा भी बरामद कर लिया गया है।
छह वर्ष पहले श्यामू ने बेटे को मार दी थी गोली
शहर कोतवाल शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि श्यामू सिंह उर्फ श्याम सिंह शराब के लिए कई साल से अपने खेत और प्लाट बेच रहा था। छह वर्ष पहले इस पर इकलौते पुत्र जितेंद्र उर्फ जीतू ने आपत्ति जताई थी। तब नाराज होकर श्याम सिंह ने अपने पुत्र के गोली मार दी थी। पेट में गोली लगने से जितेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया था, लेकिन घर वालों ने उपचार कराने के बाद मामला रफा-दफा कर दिया था। इतना ही नहीं श्याम सिंह की पत्नी की मौत भी संदिग्ध हालात में आग में जलकर अब से लगभग दो दशक पहले तब हो गई थी, जब जितेंद्र महज पांच माह का था।
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शुक्रवार को एसपी अमित कुमार ने बताया कि दो जून को शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम तत्योरा निवासी श्यामू सिंह उर्फ श्याम सिंह (46) पुत्र दीप सिंह का शव ऊंचाथोक के पास सूखे रजबहे में पड़ा मिला था। मृतक के पुत्र जितेंद्र की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। जितेंद्र की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्घ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। एसपी ने बताया कि विवेचना के दौरान अलग-अलग कड़ी जोड़ी गईं तो शक की सुई मृतक के पुत्र जितेंद्र पर ही आकर टिक गईं। जितेंद्र ने जानकारी दी कि पिता श्यामू सिंह शराबी था। इसके कारण ऊंचाथोक मोहल्ला और तत्योरा में स्थित काफी खेत और प्लाट पिता ने बेच दिए थे। मोहल्ला ऊंचाथोक स्थित मकान बेचने के बाद जितेंद्र तत्योरा में एक मकान बनाकर रहने लगा था। जितेंद्र ने एक नि:शक्त से शादी भी कर ली थी। इसके बाद श्यामू सिंह भी पुत्र के बनाए मकान में रहने लगा था। गिरफ्तार हत्यारोपी का कहना है कि श्यामू सिंह कि पास जो आखिरी प्लाट बचा था उसका भी सौदा तय कर दिया था। इसके अलावा श्यामू अपनी पुत्रवधू पर फब्तियां कसता था। एक जून को पिता-पुत्र ने एक साथ बैठकर शराब पी। श्यामू के नशे में हो जाने पर जितेंद्र ने गमछे से गला कसकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद पिता के शव को कंधे पर डालकर कुछ ही दूरी पर स्थित सूखे रजबहे में डाल दिया। एसपी ने बताया कि हत्या में इस्तेमाल गमछा भी बरामद कर लिया गया है।
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छह वर्ष पहले श्यामू ने बेटे को मार दी थी गोली
शहर कोतवाल शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि श्यामू सिंह उर्फ श्याम सिंह शराब के लिए कई साल से अपने खेत और प्लाट बेच रहा था। छह वर्ष पहले इस पर इकलौते पुत्र जितेंद्र उर्फ जीतू ने आपत्ति जताई थी। तब नाराज होकर श्याम सिंह ने अपने पुत्र के गोली मार दी थी। पेट में गोली लगने से जितेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया था, लेकिन घर वालों ने उपचार कराने के बाद मामला रफा-दफा कर दिया था। इतना ही नहीं श्याम सिंह की पत्नी की मौत भी संदिग्ध हालात में आग में जलकर अब से लगभग दो दशक पहले तब हो गई थी, जब जितेंद्र महज पांच माह का था।
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