फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Renovation of Jan Aushadhi Center stuck, patients wandering for medicines

Hardoi News: जन औषधि केंद्र का नवीनीकरण अटका, दवाओं के लिए भटक रहे मरीज

Wed, 05 Feb 2025 10:11 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 05 Feb 2025 10:11 PM IST
विज्ञापन
Renovation of Jan Aushadhi Center stuck, patients wandering for medicines
मेडिकल कॉलेज के जन औषधि केंद्र पर लगा ताला। - फोटो : मेडिकल कॉलेज के जन औषधि केंद्र पर लगा ताला।
हरदोई। मेडिकल कॉलेज स्थित जन औषधि केंद्र का अनुबंध समाप्त हो गया है। नवीनीकरण अभी तक न हाेने से केंद्र पर दवाएं भी खत्म हो चुकी हैं। दवाएं न होने की वजह से अब केंद्र पर ताला पड़ गया है और मरीजों को दवाओं के लिए भटकना पड़ रहा है। बाहर से निजी मेडिकल स्टोर से मरीजों को महंगी दवाएं लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
विज्ञापन

मरीजों को सस्ती जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने के लिए मेडिकल कॉलेज में जन औषधि केंद्र संचालित है। जेनेरिक दवाओं पर मरीजों को 70 प्रतिशत तक की छूट मिलती है। जो सिरप व दवा निजी मेडिकल स्टोर पर 100 रुपये में है वह जन औषधि केंद्र पर 30 रुपये में मिल जाती है। इससे मरीजों को खर्चाें में काफी सहूलियत मिल जाती है। मरीजों को केंद्र पर 125 प्रकार की दवाएं मिल रही थी, लेकिन अब तो वह भी बंद हो गई हैं। केंद्र का अनुबंध दिसंबर में खत्म हो गया है और अभी तक नवीनीकरण नहीं हुआ। नवीनीकरण न होने से केंद्र पर अब दवाएं भी समाप्त हो चुकी हैं। इससे संचालकों ने अब केंद्र पर ताला डाल दिया है। मरीजों को अब बाहर से लिखी गईं दवाएं निजी मेडिकल स्टोर पर अधिक दाम में खरीदना पड़ रहा है।
विज्ञापन



मरीजों की जेब पर बढ़ा बोझ
हरदोई। जन औषधि केंद्र पर एंटीबायोटिक्स की एमॉक्सी, बीकॉम्प्लेक्स, पेशाब में दिक्कत दूर करने की यूरीमैक्स-डी, खांसी की दवा एमरॉक्सी और दर्द की डाक्लोजेल सहित आई ड्राॅप और पैर में सूजन की दवाएं आसानी से मिल जाती थीं। यह दवाएं निजी मेडिकल स्टोर से खरीदने पर 100 से 150 रुपये तक मिलती हैं, जबकि जन औषधि केंद्र पर इन्हीं दवाओं के लिए 30 से 35 और 50 रुपये ही व्यय करने पड़ते हैं, लेकिन अब केंद्र बंद होने से मरीजों को फिर से परेशान होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन





केस-1- सरायथोक पूर्वी निवासी राधिका ने बताया कि पेट में समस्या को लेकर उन्होंने चिकित्सक को दिखाया। उन्होंने दवाएं लिखी तो जन औषधि केंद्र पर दवा लेने आए। यहां पहुंचने पर केंद्र पर ताला पड़ा मिला। ऐसे में अब निजी मेडिकल स्टोर से दवा खरीदनी पड़ेगी। जो काफी महंगी मिलेगी।


केस- 2- ऊंचाथोक निवासी विनिता गुप्ता ने बताया कि हृदय रोग से संबंधित दवाएं लेने के लिए आए थे। कुछ दवाएं तो मेडिकल कॉलेज से मिल गई हैं, लेकिन दो दवाएं नहीं मिलीं। इसे ही लेने आए हैं पर केंद्र पर ताला पड़ा है। इस वजह से दवा नहीं मिली। निजी मेडिकल स्टोर पर तो काफी महंगी दवा मिलेगी।

केस-3- शहर निवासी अवनीश पांडेय ने बताया कि उनकी यूरिक एसिड बढ़ी हुई है। अब जन औषधि केंद्र ही बंद है तो बाहर से लेनी पड़ेगी। केंद्र खुला होता तो 70 प्रतिशत छूट पर दवा मिल जाती, लेकिन अब महंगी दवा खरीदनी पड़ेगी।



-जन औषधि केंद्र का अनुबंध दिसंबर में समाप्त हो गया है, अब नवीनीकरण कराना है। कुछ दस्तावेज कम पड़ रहे हैं। इसलिए नवीनीकरण नहीं हो पाया है। नवीनीकरण होने के बाद ही दवाएं मंगवाकर संचालन कराया जाएगा। -शरद कुमार, प्रभारी जन-औषधि केंद्र



-जन औषधि केंद्र के नवीनीकरण करने के लिए संचालकों से दस्तावेज मांगे गए थे, इसमें उनकी ओर से कुछ नियम व शर्तें बताई गई हैं। इस वजह से नवीनीकरण अटका हुआ। अभी नवीनीकरण होने में समय भी लग सकता है। -डॉ. जेविन बिष्णु गोगोई, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed