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Hardoi News: लाइसेंसी बंदूक से पेट में गोली लगने से सिक्योरिटी गार्ड की मौत
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फोटो- 44- अमरेश। फाइल फोटो
बघौली। थाना क्षेत्र के तिलकपुरवा में घरेलू विवाद के चलते सुरक्षा गार्ड ने लाइसेंसी बंदूक से पेट में गोली मारकर खुदकुशी कर ली। बृहस्पतिवार आधीरात के बाद हुई घटना का पता शुक्रवार सुबह चला। परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इसी बीच पुलिस पहुंच गई। शव कब्जे में लिया गया है।
तिलकपुरवा निवासी अमरेश सिंह (40) के पास लाइसेंसी दोनाली बंदूक थी। वह दिल्ली में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। आगामी 11 अक्तूबर से परिवार की ओर से गांव में शिवपुराण का आयोजन होना था। इसके कारण अमरेश सिंह परिवार समेत गांव में थे। बृहस्पतिवार शाम वह बुलट मोटर साइकिल से गांव गए थे। पत्नी रीना ने पुलिस को बताया कि वापस आने पर उनके हाथ पैरों में छिले के निशान थे। साथ ही वह शराब के नशे में भी थे। चोट के बारे में पूछने पर उन्होंने भैंस से टकराकर गिर जाने की बात कही।
इस पर परिजनों ने शराब की लत को लेकर नाराजगी जताई। इसके कुछ देर बाद अमरेश ने खाना खाया और फिर कमरे में चला गया। शनिवार सुबह कमरे से बाहर न आने पर परिजनों ने खिड़की से देखा तो वह बिस्तर पर औंधे मुंह पड़े थे। इस पर परिजनों ने दरवाजा तोड़ दिया। बिस्तर पर ही बंदूक रखी हुई थी और उनके पेट पर चोट का निशान था।
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इसी बीच पुलिस को संदिग्ध घटना की जानकारी मिली तो थानाध्यक्ष प्रशांत द्विवेदी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। परिजनों से पूछताछ की। परिजन शव का अंतिम संस्कार कराने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा। थानाध्यक्ष ने बताया कि पेट में गोली लगने से मौत होने की बात सामने आई है। पेास्टमार्टम शनिवार को होगा तब स्थिति और स्पष्ट होगी। जो परिस्थितियां हैं, उनमें खुदकुशी ही लग रही है।
परिजनों ने नहीं सुनी फायर की आवाज, घटना को भी घुमाते रहे
प्राथमिक जांच में पुलिस भले ही गोली मारकर खुदकुशी किए जाने की बात कह रही हो, लेकिन मामला संदिग्ध ही लग रहा है। दरअसल मृतक की पत्नी रीना समेत अन्य परिजनों ने फायर की आवाज सुनने से इनकार किया है। काफी देर तक यह लोग पुलिस को बताते रहे कि भैंस से टकराकर आई चोटों के कारण मौत हुई है। गोली लगने की बात को परिजन खारिज करते रहे। इसके बाद जब पुलिस ने पेट में पड़े जले के निशान दिखाए तो परिजन चुप्पी साध गए। ऐसे में कहीं न कहीं पुलिस को भी पूरी घटना पर संदेह है।
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तिलकपुरवा निवासी अमरेश सिंह (40) के पास लाइसेंसी दोनाली बंदूक थी। वह दिल्ली में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। आगामी 11 अक्तूबर से परिवार की ओर से गांव में शिवपुराण का आयोजन होना था। इसके कारण अमरेश सिंह परिवार समेत गांव में थे। बृहस्पतिवार शाम वह बुलट मोटर साइकिल से गांव गए थे। पत्नी रीना ने पुलिस को बताया कि वापस आने पर उनके हाथ पैरों में छिले के निशान थे। साथ ही वह शराब के नशे में भी थे। चोट के बारे में पूछने पर उन्होंने भैंस से टकराकर गिर जाने की बात कही।
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इस पर परिजनों ने शराब की लत को लेकर नाराजगी जताई। इसके कुछ देर बाद अमरेश ने खाना खाया और फिर कमरे में चला गया। शनिवार सुबह कमरे से बाहर न आने पर परिजनों ने खिड़की से देखा तो वह बिस्तर पर औंधे मुंह पड़े थे। इस पर परिजनों ने दरवाजा तोड़ दिया। बिस्तर पर ही बंदूक रखी हुई थी और उनके पेट पर चोट का निशान था।
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इसी बीच पुलिस को संदिग्ध घटना की जानकारी मिली तो थानाध्यक्ष प्रशांत द्विवेदी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। परिजनों से पूछताछ की। परिजन शव का अंतिम संस्कार कराने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा। थानाध्यक्ष ने बताया कि पेट में गोली लगने से मौत होने की बात सामने आई है। पेास्टमार्टम शनिवार को होगा तब स्थिति और स्पष्ट होगी। जो परिस्थितियां हैं, उनमें खुदकुशी ही लग रही है।
परिजनों ने नहीं सुनी फायर की आवाज, घटना को भी घुमाते रहे
प्राथमिक जांच में पुलिस भले ही गोली मारकर खुदकुशी किए जाने की बात कह रही हो, लेकिन मामला संदिग्ध ही लग रहा है। दरअसल मृतक की पत्नी रीना समेत अन्य परिजनों ने फायर की आवाज सुनने से इनकार किया है। काफी देर तक यह लोग पुलिस को बताते रहे कि भैंस से टकराकर आई चोटों के कारण मौत हुई है। गोली लगने की बात को परिजन खारिज करते रहे। इसके बाद जब पुलिस ने पेट में पड़े जले के निशान दिखाए तो परिजन चुप्पी साध गए। ऐसे में कहीं न कहीं पुलिस को भी पूरी घटना पर संदेह है।