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ई-डिस्ट्रिक की राह में रोड़े ही रोड़े
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Tue, 05 May 2015 11:56 PM IST
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दो माह पहले शासन के निर्देश पर जिले में ई-डिस्ट्रिक
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योजना से कई सेवाओं एवं सुविधाओं को आनलाइन प्राप्त करने का उपहार दिया जा
चुका है। जिस तरह से आधी-अधूरी तैयारियों के साथ यह उपहार जिले के लोगों
को दिए गए थे, उससे शुरुआती दिनों में लोगों को काफी दिक्कतें हुई थी।
क्योंकि सभी तहसीलों में आय, जाति, निवास आदि प्रमाणपत्रों के लिए मैनुअल वर्किंग पूरी तरह से बंद कर दी गई थी, पर बाद में धीरे-धीरे आनलाइन सेवा लोगों तक पहुंचने लगी, पर पूरी तरह से व्यवस्थित ढंग से सेवाएं मिलने पर अभी भी ग्रहण लगा हुआ है।
दरअसल कहीं बिजली की समस्या तो कहीं कनेक्टिविटी की समस्या तहसीलों में इन आनलाइन सेवाओं के लिए रोड़ा बन जाती है। ऊपर से नए लोकवाणी केंद्र एवं सीएससी कामन सर्विस सेंटर न खुलने से लोगाें को दिक्कतें हों रही हैं। पुराने लोकवाणी केंद्र एवं कामन सर्विस सेंटरों में तमाम सेंटर निष्क्रिय होने से भी लोगों को दिक्कतें आती है।
ऐसे में जिले की सभी तहसीलों से समय से सेवाएं मिलने को लेकर समस्याएं बनी रहती हैं। उधर, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी अमित मिश्रा ने बताया कि जिले में करीब 400 सहज सेवा केंद्र और लोकवाणी केंद्र हैं। जिनके माध्यम से सेवाएं मिल रही हैं। इनमें से कितने केंद्र निष्क्रिय है इसकी जानकारी नहीं है।
नए केंद्र खोलने की दिशा में जरूरी कार्रवाई शासन स्तर से चल रही है। बताया कि कंप्यूटर इंटरनेट की जानकारी रखने वाले लोग सीधेे वेबसाइट पर आवेदन कर सकते है। उधर, अब आय, जाति, निवास आदि प्रमाणपत्रों के लिए तहसील में मैनुअल आवेदन वर्किंग ंद की जा चुकी है।
शासन के निर्देश पर जिले मेें ई-डिस्ट्रिक योजना लागू होने के बाद से यह सभी सुविधाएं आनलाइन कर दी गई है। आवेदकों को लोकवाणी केंद्रों/सहज सेवा केंद्रों के अलावा अन्य सेवा केंद्रों से आनलाइन आवेदन करना होता है।
वहां से आवेदन पत्रों को संबंधित तहसील/विभाग को फारवर्ड किया जाता है, जिसका आनलाइन निस्तारण कर निर्धारित अवधि में उन्हीं केंद्रों पर ई-मेल से प्रमाण पत्र आदि आ जाते हैं। इसके बाद केंद्र से प्रमाण पत्र का प्रिंट आउट मिलता है।
क्योंकि सभी तहसीलों में आय, जाति, निवास आदि प्रमाणपत्रों के लिए मैनुअल वर्किंग पूरी तरह से बंद कर दी गई थी, पर बाद में धीरे-धीरे आनलाइन सेवा लोगों तक पहुंचने लगी, पर पूरी तरह से व्यवस्थित ढंग से सेवाएं मिलने पर अभी भी ग्रहण लगा हुआ है।
दरअसल कहीं बिजली की समस्या तो कहीं कनेक्टिविटी की समस्या तहसीलों में इन आनलाइन सेवाओं के लिए रोड़ा बन जाती है। ऊपर से नए लोकवाणी केंद्र एवं सीएससी कामन सर्विस सेंटर न खुलने से लोगाें को दिक्कतें हों रही हैं। पुराने लोकवाणी केंद्र एवं कामन सर्विस सेंटरों में तमाम सेंटर निष्क्रिय होने से भी लोगों को दिक्कतें आती है।
ऐसे में जिले की सभी तहसीलों से समय से सेवाएं मिलने को लेकर समस्याएं बनी रहती हैं। उधर, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी अमित मिश्रा ने बताया कि जिले में करीब 400 सहज सेवा केंद्र और लोकवाणी केंद्र हैं। जिनके माध्यम से सेवाएं मिल रही हैं। इनमें से कितने केंद्र निष्क्रिय है इसकी जानकारी नहीं है।
नए केंद्र खोलने की दिशा में जरूरी कार्रवाई शासन स्तर से चल रही है। बताया कि कंप्यूटर इंटरनेट की जानकारी रखने वाले लोग सीधेे वेबसाइट पर आवेदन कर सकते है। उधर, अब आय, जाति, निवास आदि प्रमाणपत्रों के लिए तहसील में मैनुअल आवेदन वर्किंग ंद की जा चुकी है।
शासन के निर्देश पर जिले मेें ई-डिस्ट्रिक योजना लागू होने के बाद से यह सभी सुविधाएं आनलाइन कर दी गई है। आवेदकों को लोकवाणी केंद्रों/सहज सेवा केंद्रों के अलावा अन्य सेवा केंद्रों से आनलाइन आवेदन करना होता है।
वहां से आवेदन पत्रों को संबंधित तहसील/विभाग को फारवर्ड किया जाता है, जिसका आनलाइन निस्तारण कर निर्धारित अवधि में उन्हीं केंद्रों पर ई-मेल से प्रमाण पत्र आदि आ जाते हैं। इसके बाद केंद्र से प्रमाण पत्र का प्रिंट आउट मिलता है।