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भ्रष्टाचार में लिप्त है चकबंदी विभाग, राजस्व में न हो विलय

Thu, 10 Oct 2019 11:21 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 10 Oct 2019 11:21 PM IST
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हरदोई। चकबंदी विभाग का राजस्व विभाग में हो रहे विलय के विरोध में राजस्व कर्मियों ने गुरुवार को धरना दिया। राजस्व महासंघ के बैनर तले मार्च निकालकर कलक्ट्रेट पहुंचे पदाधिकारियों ने चकबंदी विभाग पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर सिटी मजिस्ट्रेट गजेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा।
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महासंघ के जिला उपाध्यक्ष व नायब तहसीलदार सदर विष्णु दत्त मिश्र ने कहा कि चकबंदी विभाग का राजस्व विभाग में विलय किया जाता है तो कर्मियों की पदोन्नति प्रभावित होगी। राजस्वकर्मियों पर कार्य का बोझ भी बढ़ जाएगा, इससे कार्य प्रभावित होना तय है। चकबंदी विभाग काजल की कोठरी के समान है, जो इससे जुड़ेगा वह इसकी अव्यवस्था का शिकार हो जाएगा। शाहाबाद तहसीलदार अवधेश कुमार ने कहा कि राजस्व विभाग यह मान चुका है कि चकबंदी विभाग निष्प्रयोज्य है। कहा कि विभाग भ्रष्टाचार से ग्रस्त है। तहसीलदार सवायजपुर मूसाराम थारू ने कहा कि सरकार कर्मियों की वेतन विसंगति दूर करने में कोई रुचि नहीं ले रही है। इससे इतर चकबंदी विभाग का बोझ राजस्व पर डाल रही है। तहसीलदार संडीला अंबिका चौधरी व तहसीलदार बिलग्राम अवींद्र शुक्ला ने कहा कि सरकार को महासंघ की तीन मांगों वेतन विसंगति, सुविधाएं व संशोधनों के मामले में अन्य विभागों से प्रथक होकर विचार करना चाहिए। धरने को लेखपाल संघ की सदर तहसील शाखा के अध्यक्ष ऐश्वर्य प्रकाश मिश्र, तहसील संडीला के मंत्री सुशील गुप्ता, मुकेश मित्तल, उपाध्यक्ष नितिन राजपूत, राकेश कुमार सिंह, नरेश शुक्ला, श्रीपाल वर्मा, राजेश गुप्ता, अजय पाल सिंह व कमलेश राजपूत ने भी संबोधित किया। इस मौके पर श्रीकांत मिश्र, अतुल गुप्ता, श्रीपाल वर्मा, सत्यपाल, मोहम्मद जमाल, लवकेश, रामजी द्विवेदी, ज्ञान प्रकाश वर्मा आदि मौजूद रहे।
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