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पैरोल खत्म होने पर भी जेल वापस नहीं लौटे 13 कैदी
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हरदोई। कोरोना संक्रमण के दौरान जिला कारागार से रिहा किए गए 27 कैदियों में से आधे पैरोल खत्म होने के बाद भी वापस जेल नहीं पहुंचे हैं।
कोरोना संक्रमण के शुरुआती दौर में ही जिला कारागार मेें निरुद्ध लोगों की संख्या कम करने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट ने कुछ विशेष आदेश जारी किए थे। इसी क्रम में प्रदेश सरकार ने जिला कारागार के ऐसे कैदियों को पैरोल देने का निर्णय लिया था, जिन्हेें सात वर्ष से कम की सजा सुनाई गई थी। जिला कारागार प्रशासन ने 27 कैदी चिह्नित किए थे। बीच-बीच में पैरोल की अवधि बढ़ती रही। 16 नवंबर को सभी 27 कैदियों की पैरोल अवधि खत्म हो चुकी है। इसके बाद भी अभी तक पैरोल पर छूटे 27 कैदियों में से 13 ही वापस जिला कारागार पहुंचे हैं। (ब्यूरो)
जेल अधीक्षक की सुनिए
जेल अधीक्षक बृजेंद्र सिंह ने बताया कि जो कैदी पैरोल खत्म होने के बाद भी वापस कारागार नहीं आए हैं, उनके लिए संबंधित थाना कोतवाली प्रभारियों को लिखा गया है। साथ ही संबंधित कैदियों को भी सूचित कर जल्द न्यायालय के जरिये वापस कारागार आने को कहा गया है।
इन थाना क्षेत्रों से नहीं लौटे कैदी
जिला कारागार प्रशासन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक बेहटागोकुल, पचदेवरा, लोनार, माधौगंज, संडीला, सांडी, बघौली, देहात कोतवाली और कानपुर नगर के रहने वाले एक-एक कैदी पैरोल खत्म होने के बाद भी वापस जेल नहीं आए हैं। टड़ियावां और कोतवाली शहर क्षेत्र के दो-दो कैदी भी वापस कारागार नहीं पहुंचे हैं।
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एक कैदी की हो गई मौत
जेलर संजय कुमार ने बताया कि पैरोल पर छोड़े गए एक कैदी की मौत हो गई है। पिहानी कोतवाली क्षेत्र के निवासी मुनीश राठौर पुत्र ओमकार को चोरी के मामले में सजा सुनाई गई थी। पैरोल पर छोड़े जाने के दौरान उसकी मौत घर पर ही हो गई थी।
137 लोगों की दस दिसंबर को पूरी होगी पैरोल
कोरोना संक्रमण के कारण 137 विचाराधीन बंदियों को भी पैरोल पर छोड़ा गया है। आठ हफ्ते की पैरोल दस दिसंबर को खत्म हो रही है। यह ऐसे बंदी हैं, जिनपर चल रहे वाद में सात साल से कम की ही सजा होनी है।
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कोरोना संक्रमण के शुरुआती दौर में ही जिला कारागार मेें निरुद्ध लोगों की संख्या कम करने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट ने कुछ विशेष आदेश जारी किए थे। इसी क्रम में प्रदेश सरकार ने जिला कारागार के ऐसे कैदियों को पैरोल देने का निर्णय लिया था, जिन्हेें सात वर्ष से कम की सजा सुनाई गई थी। जिला कारागार प्रशासन ने 27 कैदी चिह्नित किए थे। बीच-बीच में पैरोल की अवधि बढ़ती रही। 16 नवंबर को सभी 27 कैदियों की पैरोल अवधि खत्म हो चुकी है। इसके बाद भी अभी तक पैरोल पर छूटे 27 कैदियों में से 13 ही वापस जिला कारागार पहुंचे हैं। (ब्यूरो)
जेल अधीक्षक की सुनिए
जेल अधीक्षक बृजेंद्र सिंह ने बताया कि जो कैदी पैरोल खत्म होने के बाद भी वापस कारागार नहीं आए हैं, उनके लिए संबंधित थाना कोतवाली प्रभारियों को लिखा गया है। साथ ही संबंधित कैदियों को भी सूचित कर जल्द न्यायालय के जरिये वापस कारागार आने को कहा गया है।
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इन थाना क्षेत्रों से नहीं लौटे कैदी
जिला कारागार प्रशासन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक बेहटागोकुल, पचदेवरा, लोनार, माधौगंज, संडीला, सांडी, बघौली, देहात कोतवाली और कानपुर नगर के रहने वाले एक-एक कैदी पैरोल खत्म होने के बाद भी वापस जेल नहीं आए हैं। टड़ियावां और कोतवाली शहर क्षेत्र के दो-दो कैदी भी वापस कारागार नहीं पहुंचे हैं।
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एक कैदी की हो गई मौत
जेलर संजय कुमार ने बताया कि पैरोल पर छोड़े गए एक कैदी की मौत हो गई है। पिहानी कोतवाली क्षेत्र के निवासी मुनीश राठौर पुत्र ओमकार को चोरी के मामले में सजा सुनाई गई थी। पैरोल पर छोड़े जाने के दौरान उसकी मौत घर पर ही हो गई थी।
137 लोगों की दस दिसंबर को पूरी होगी पैरोल
कोरोना संक्रमण के कारण 137 विचाराधीन बंदियों को भी पैरोल पर छोड़ा गया है। आठ हफ्ते की पैरोल दस दिसंबर को खत्म हो रही है। यह ऐसे बंदी हैं, जिनपर चल रहे वाद में सात साल से कम की ही सजा होनी है।