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Hardoi News: टेक्सटाइल में दक्ष बनाकर आत्मनिर्भर बनेंगे कारागार के बंदी
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। जाने-अनजाने में अपराध की दुनिया में कदम रखकर कारागार की दीवारों के पीछे पहुंचे हुनरमंद बंदियों को टेक्सटाइल में दक्ष बनाया जाएगा। चयनित बंदियों को एक जनपद-एक उत्पाद में हथकरघा के साथ जुड़े टेक्सटाइल का प्रशिक्षण जिला उद्योग व उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के माध्यम से दिलाया जाएगा। इसके लिए 25 बंदियों को चयनित किया गया है।
एक जनपद-एक उत्पाद के तहत यहां पर हथकरघा को शामिल किया गया था, शासन ने अब हथकरघा के साथ टेक्सटाइल को इससे जोड़ दिया है। ऐसे में यहां पर टेक्सटाइल में भी लोगों को दक्ष बनाए जाने की दिशा में काम शुरू कराया गया है। जिला उद्योग व उद्यम प्रोत्साहन केंद्र की ओर से शुरू की गई प्रक्रिया में प्रथम चरण में कारागार की दीवारों के पीछे बंद हुनरमंद बंदियों को दक्ष बनाने का निर्णय लिया गया है।
उद्योग केंद्र की ओर से कारागार में बंद बंदियों में से 18 साल से अधिक आयु के हुनरमंद 25 बंदियों को 10 दिवसीय प्रशिक्षण के लिए चुना गया है।
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प्रशिक्षण के बाद मिलेंगे टूल किट
उद्योग के केंद्र के उपायुक्त दुर्गेश कुमार ने बताया कि बंदियों को 10 दिवसीय प्रशिक्षण में दक्ष बनाए जाने के बाद काम शुरू करने के लिए 16-20 हजार रुपये की लागत की टूल किट प्रदान की जाएगी। इससे बंदी समय का सदुपयोग कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे और आमदनी में बढ़ोतरी होगी।
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लखनऊ की संस्था देगी प्रशिक्षण
उद्योग केंद्र के उपायुक्त ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए निदेशालय की ओर से लखनऊ की उप्र निर्यात संवर्द्धन परिषद को नामित किया गया है। परिषद के प्रशिक्षकों ने जिला कारागार में बंदियों का प्रशिक्षण शनिवार से शुरू करा दिया है।
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हरदोई। जाने-अनजाने में अपराध की दुनिया में कदम रखकर कारागार की दीवारों के पीछे पहुंचे हुनरमंद बंदियों को टेक्सटाइल में दक्ष बनाया जाएगा। चयनित बंदियों को एक जनपद-एक उत्पाद में हथकरघा के साथ जुड़े टेक्सटाइल का प्रशिक्षण जिला उद्योग व उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के माध्यम से दिलाया जाएगा। इसके लिए 25 बंदियों को चयनित किया गया है।
एक जनपद-एक उत्पाद के तहत यहां पर हथकरघा को शामिल किया गया था, शासन ने अब हथकरघा के साथ टेक्सटाइल को इससे जोड़ दिया है। ऐसे में यहां पर टेक्सटाइल में भी लोगों को दक्ष बनाए जाने की दिशा में काम शुरू कराया गया है। जिला उद्योग व उद्यम प्रोत्साहन केंद्र की ओर से शुरू की गई प्रक्रिया में प्रथम चरण में कारागार की दीवारों के पीछे बंद हुनरमंद बंदियों को दक्ष बनाने का निर्णय लिया गया है।
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उद्योग केंद्र की ओर से कारागार में बंद बंदियों में से 18 साल से अधिक आयु के हुनरमंद 25 बंदियों को 10 दिवसीय प्रशिक्षण के लिए चुना गया है।
प्रशिक्षण के बाद मिलेंगे टूल किट
उद्योग के केंद्र के उपायुक्त दुर्गेश कुमार ने बताया कि बंदियों को 10 दिवसीय प्रशिक्षण में दक्ष बनाए जाने के बाद काम शुरू करने के लिए 16-20 हजार रुपये की लागत की टूल किट प्रदान की जाएगी। इससे बंदी समय का सदुपयोग कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे और आमदनी में बढ़ोतरी होगी।
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लखनऊ की संस्था देगी प्रशिक्षण
उद्योग केंद्र के उपायुक्त ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए निदेशालय की ओर से लखनऊ की उप्र निर्यात संवर्द्धन परिषद को नामित किया गया है। परिषद के प्रशिक्षकों ने जिला कारागार में बंदियों का प्रशिक्षण शनिवार से शुरू करा दिया है।