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Hardoi News: सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने में प्रधानाध्यापक निलंबित
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हरदोई। विकास खंड भरखनी के परिषदीय शिक्षक को सोशल मीडिया पर जाति विशेष और सरकार की नीतियों के खिलाफ टिप्पणी करना महंगा पड़ा। बीएसए ने शिक्षक को निलंबित कर दिया है।
बीएसए डाॅ. विनीता की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि विकास खंड भरखनी के प्राथमिक विद्यालय खनिकलापुर के प्रभारी प्रधानाध्यापक विनोद शिरोमणि ने सोशल मीडिया पर एक जाति विशेष और सरकार की नीतियों के खिलाफ टिप्पणी की थी। इसकी शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी को ग्राम मुंडेर निवासी कमलेश तिवारी ने की थी। इसमें आरोप लगाया था कि प्रभारी प्रधानाध्यापक का व्यवहार बच्चों और अन्य शिक्षकों के साथ भी सही नहीं है। बीएसए की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि सरकार के खिलाफ टिप्पणी करना शिक्षक सेवा नियमावली के खिलाफ है। उन्हें निलंबित कर बीआरसी से संबंध दिया गया है। इसके साथ ही बीईओ भरखनी और बावन का जांच अधिकारी बनाया गया और जांच रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देशित किया है कि खंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से की जा रही अनियमितता की खबरें सोशल मीडिया व समाचार पत्रों में प्रकाशित हो रही हैं। इससे विभाग की छवि खराब हो रही है। इसके अलावा खंड शिक्षा अधिकारियों की लगातार शिकायतें आ रही हैं। बीएसए ने जारी पत्र में कहा कि अगर खंड शिक्षा अधिकारियों ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया, तो प्रथम दृष्टया उनको दोषी मानते हुए वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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बीएसए डाॅ. विनीता की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि विकास खंड भरखनी के प्राथमिक विद्यालय खनिकलापुर के प्रभारी प्रधानाध्यापक विनोद शिरोमणि ने सोशल मीडिया पर एक जाति विशेष और सरकार की नीतियों के खिलाफ टिप्पणी की थी। इसकी शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी को ग्राम मुंडेर निवासी कमलेश तिवारी ने की थी। इसमें आरोप लगाया था कि प्रभारी प्रधानाध्यापक का व्यवहार बच्चों और अन्य शिक्षकों के साथ भी सही नहीं है। बीएसए की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि सरकार के खिलाफ टिप्पणी करना शिक्षक सेवा नियमावली के खिलाफ है। उन्हें निलंबित कर बीआरसी से संबंध दिया गया है। इसके साथ ही बीईओ भरखनी और बावन का जांच अधिकारी बनाया गया और जांच रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
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बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देशित किया है कि खंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से की जा रही अनियमितता की खबरें सोशल मीडिया व समाचार पत्रों में प्रकाशित हो रही हैं। इससे विभाग की छवि खराब हो रही है। इसके अलावा खंड शिक्षा अधिकारियों की लगातार शिकायतें आ रही हैं। बीएसए ने जारी पत्र में कहा कि अगर खंड शिक्षा अधिकारियों ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया, तो प्रथम दृष्टया उनको दोषी मानते हुए वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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