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‘कुपोषण की रोकथाम पुनीत कार्य’
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Tue, 26 May 2015 12:55 AM IST
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पोषण हेतु कार्यशाला के आयोजन के क्रम में सोमवार को बिलग्राम और माधौगंज
में एक दिवसीय कार्यशाला हुईं, जिसमें डीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकत्री व आशा
बहुओं से कहा कि वो पोषण मिटाकर क्षेत्र को प्रदेश में अव्वल बनाएं।
डीएम ने इस कार्य को सामाजिक दृष्टिकोण से जोड़ते हुए पुनीत कार्य बताया। राज्य पोषण मिशन पर विकास खंड कार्यालय बिलग्राम व माधौगंज में एक कार्यशाला का आयोजन बाल विकास विभाग व स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुईं, जिसमें डीएम रमेश मिश्रा ने कहा कि आंगनबाड़ी व आशा इस कार्यक्रम को पूरी लगन व मेहनत से करें और अपने विकास खंड का नाम रोशन करें।
इस दौरान सीडीओ विजय गुप्ता, सीएमओ डा. वीके गुप्ता, डीपीओ प्रकाश कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डा. उदयनाथ, सीडीपीओ बहार आरा जैदी, वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक शानू खान ने भी पोषण मिशन के बाबत जागरूक किया। कहा कि जन्म के एक घंटे के अंदर स्तनपान की शुरुआत छह माह तक केवल मां का दूध बच्चे को दिया जाए और सातवें माह पूरक आहार के साथ मां का दूध बच्चे के लिए जारी रखा जाए।
ऊपरी आहार को आयु के अनुसार सही मात्रा में देना, बढ़ती आयु के साथ मात्रा बढ़ाना, बच्चों को सूक्ष्म पोषक तत्वों जैसे आयरन, आयोडीन, विटामिन ए से आच्छादित करना, खानपान के समय सफाई और टीकाकरण कराना, कम वजन वाले बच्चों को जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र पर 14 दिनों के उपचार हेतु भेजना, बालिकाओं का पोषण सही रखने आदि के टिप्स भी अफसरों ने दिए।
डीएम, सीडीओ, सीएमओ व डीपीओ ने कार्यकत्रियों द्वारा पुष्टाहार से बनाए गए व्यंजनों को भी चखा। इस दौरान डीएम ने प्रधानों की मनमानी पर अधिकार सीज करने की चेतावनी दी और कहा कि अधिकांश प्रधानाें द्वारा स्वास्थ्य किटों को नहीं खरीदा जा रहा, जिससे गांव में बच्चों, धात्री व गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण में दिक्कत आ रही है।
डीएम ने इस कार्य को सामाजिक दृष्टिकोण से जोड़ते हुए पुनीत कार्य बताया। राज्य पोषण मिशन पर विकास खंड कार्यालय बिलग्राम व माधौगंज में एक कार्यशाला का आयोजन बाल विकास विभाग व स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुईं, जिसमें डीएम रमेश मिश्रा ने कहा कि आंगनबाड़ी व आशा इस कार्यक्रम को पूरी लगन व मेहनत से करें और अपने विकास खंड का नाम रोशन करें।
इस दौरान सीडीओ विजय गुप्ता, सीएमओ डा. वीके गुप्ता, डीपीओ प्रकाश कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डा. उदयनाथ, सीडीपीओ बहार आरा जैदी, वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक शानू खान ने भी पोषण मिशन के बाबत जागरूक किया। कहा कि जन्म के एक घंटे के अंदर स्तनपान की शुरुआत छह माह तक केवल मां का दूध बच्चे को दिया जाए और सातवें माह पूरक आहार के साथ मां का दूध बच्चे के लिए जारी रखा जाए।
ऊपरी आहार को आयु के अनुसार सही मात्रा में देना, बढ़ती आयु के साथ मात्रा बढ़ाना, बच्चों को सूक्ष्म पोषक तत्वों जैसे आयरन, आयोडीन, विटामिन ए से आच्छादित करना, खानपान के समय सफाई और टीकाकरण कराना, कम वजन वाले बच्चों को जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र पर 14 दिनों के उपचार हेतु भेजना, बालिकाओं का पोषण सही रखने आदि के टिप्स भी अफसरों ने दिए।
डीएम, सीडीओ, सीएमओ व डीपीओ ने कार्यकत्रियों द्वारा पुष्टाहार से बनाए गए व्यंजनों को भी चखा। इस दौरान डीएम ने प्रधानों की मनमानी पर अधिकार सीज करने की चेतावनी दी और कहा कि अधिकांश प्रधानाें द्वारा स्वास्थ्य किटों को नहीं खरीदा जा रहा, जिससे गांव में बच्चों, धात्री व गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण में दिक्कत आ रही है।