{"_id":"5d7547668ebc3e939d469955","slug":"poor-heart-paitent-child-will-get-new-life-hardoi-news-knp5124075179","type":"story","status":"publish","title_hn":"गरीब हृदय रोगी बच्चों को मिलेगा नया जीवन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गरीब हृदय रोगी बच्चों को मिलेगा नया जीवन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई। विधिक सेवा प्राधिकरण अब बच्चों की धड़कनें सहेजने का कार्य करेगा। प्राधिकरण ऐसे बच्चों की तलाश करेगा जो जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित हैं। उनका नि:शुल्क इलाज कराया जाएगा।
आपके बच्चे की नि:शुल्क चिकित्सा (निदान व समाधान) हमारा संकल्प है.. का उल्लेख करते हुए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी भागीरथ वर्मा की ओर से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जनपद न्यायाधीश एसएएच रिजवी को पत्र भेजा गया है। पत्र में बताया गया है कि सत्य सांई हार्ट हॉस्पिटल राजकोट को संचालित करने वाली संस्था प्रशांती मेडिकल सर्विसेज एंड रिसर्च फाउंडेशन की ओर से मुख्य न्यायाधीश को अवगत कराया गया है कि भारत में डेढ़ लाख बच्चे जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित होते हैं, लेकिन उचित चिकित्सा के अभाव में इनमें से 80 हजार बच्चों की असमय मृत्यु हो जाती है।
मुख्य न्यायाधीश ने इसका संज्ञान लेते हुए प्राधिकरण स्तर से इस दिशा में कार्य की अपेक्षा करते हुए निर्देश जारी किए। इस बाबत जिला जज डीएम, सीएमओ, सीएमएस के साथ बैठक करके दिशा निर्देश भी तय करेंगे। पत्र में उल्लेख किया गया है कि इस दिशा में कार्य के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, बाल रोग विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों का भी सहयोग लिया जाएगा। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के डिप्टी सेक्रेटरी सुबोध भारती ने बताया कि प्राधिकरण इस प्रकार के बाल हृदय रोगियों को चिह्नित करेगा। उसके बाद ऐसे बच्चे, जिनके अभिभावक इलाज कराने में असमर्थ हैं, उनका प्राधिकरण के सहयोग से नि:शुल्क इलाज की योजना है। राज्य प्राधिकरण की ओर से इस बाबत जिले को आवेदन पत्र का प्रोफार्मा और हृदय रोग के लक्षण से संबंधित पंफलेट भी भेजे गए हैं।
विज्ञापन
पीएलवी करेंगे लोगों को जागरूक : प्राधिकरण सचिव
हरदोई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव सबीहा खातून ने बताया कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जनपद न्यायाधीश एसएएच रिजवी के निर्देशानुसार उक्त कार्य के लिए जिले भर में पैरा लीगल वॉलंटियर्स कार्य करेंगे। वहीं 12 सितंबर को तहसील स्तर के अधिकारियों की व 13 सितंबर को जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक भी होगी। उन्होंने बताया कि कोई भी जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति अधिक जानकारी के लिए प्राधिकरण कार्यालय से भी फार्म प्राप्त कर सकता है।
पीड़ित के ये हो सकते लक्षण
हरदोई। राज्य प्राधिकरण की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए पंफलेट भी जारी किया गया है। उसमें जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लक्षणों का भी उल्लेख किया गया। हृदय की असमान्य धड़कन, शरीर की त्वचा व नाखूनों का नीला या पीला होना, तेजी से सांसें लेना, पेट व पैरों में सूजन, आंखों के चारों ओर सूजन, वजन का कम होना, बेहोश होना भी हृदय रोग के लक्षण है।
28 बच्चों के दिल का ऑपरेशन जल्द कराएगा आरबीएसके
हरदोई। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला मैनेजर डॉ. शाहिद बताते हैं कि इस वर्ष 28 बच्चे दिल के रोगी चिह्नित किए गए हैं। जिनका ऑपरेशन जल्द अलीगढ़ मेडिकल कालेज में कराया जाएगा। इनमें बावन ब्लाक से 5, सुरसा से 9, शाहाबाद से तीन, बिलग्राम से दो, हरियावां से दो, टोडरपुर, टड़ियावां, अहिरोरी, भरखनी व संडीला से एक-एक व भरावन से दो बच्चे चिह्नित कर लिए गए हैं।
पांच बच्चों का गुजरात के सत्य सांई में होगा ऑपरेशन
हरदोई। दिल के रोगी पांच बच्चों को मेडिकल कालेज लखनऊ में कैंप लगाकर चिह्नित किया जाएगा और उनके दिल का ऑपरेशन गुजरात के सत्यसांई हास्पिटल में नि:शुल्क कराया जाएगा।
छह से सात लाख आता है सर्जरी का खर्चा
हरदोई। बच्चों के दिल के ऑपरेशन में एक मरीज पर करीब छह से सात लाख का खर्चा आता है जो एक गरीब परिवार के लिए चुका पाना असंभव सा है।
विज्ञापन
आपके बच्चे की नि:शुल्क चिकित्सा (निदान व समाधान) हमारा संकल्प है.. का उल्लेख करते हुए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी भागीरथ वर्मा की ओर से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जनपद न्यायाधीश एसएएच रिजवी को पत्र भेजा गया है। पत्र में बताया गया है कि सत्य सांई हार्ट हॉस्पिटल राजकोट को संचालित करने वाली संस्था प्रशांती मेडिकल सर्विसेज एंड रिसर्च फाउंडेशन की ओर से मुख्य न्यायाधीश को अवगत कराया गया है कि भारत में डेढ़ लाख बच्चे जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित होते हैं, लेकिन उचित चिकित्सा के अभाव में इनमें से 80 हजार बच्चों की असमय मृत्यु हो जाती है।
विज्ञापन
मुख्य न्यायाधीश ने इसका संज्ञान लेते हुए प्राधिकरण स्तर से इस दिशा में कार्य की अपेक्षा करते हुए निर्देश जारी किए। इस बाबत जिला जज डीएम, सीएमओ, सीएमएस के साथ बैठक करके दिशा निर्देश भी तय करेंगे। पत्र में उल्लेख किया गया है कि इस दिशा में कार्य के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, बाल रोग विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों का भी सहयोग लिया जाएगा। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के डिप्टी सेक्रेटरी सुबोध भारती ने बताया कि प्राधिकरण इस प्रकार के बाल हृदय रोगियों को चिह्नित करेगा। उसके बाद ऐसे बच्चे, जिनके अभिभावक इलाज कराने में असमर्थ हैं, उनका प्राधिकरण के सहयोग से नि:शुल्क इलाज की योजना है। राज्य प्राधिकरण की ओर से इस बाबत जिले को आवेदन पत्र का प्रोफार्मा और हृदय रोग के लक्षण से संबंधित पंफलेट भी भेजे गए हैं।
विज्ञापन
पीएलवी करेंगे लोगों को जागरूक : प्राधिकरण सचिव
हरदोई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव सबीहा खातून ने बताया कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जनपद न्यायाधीश एसएएच रिजवी के निर्देशानुसार उक्त कार्य के लिए जिले भर में पैरा लीगल वॉलंटियर्स कार्य करेंगे। वहीं 12 सितंबर को तहसील स्तर के अधिकारियों की व 13 सितंबर को जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक भी होगी। उन्होंने बताया कि कोई भी जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति अधिक जानकारी के लिए प्राधिकरण कार्यालय से भी फार्म प्राप्त कर सकता है।
पीड़ित के ये हो सकते लक्षण
हरदोई। राज्य प्राधिकरण की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए पंफलेट भी जारी किया गया है। उसमें जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लक्षणों का भी उल्लेख किया गया। हृदय की असमान्य धड़कन, शरीर की त्वचा व नाखूनों का नीला या पीला होना, तेजी से सांसें लेना, पेट व पैरों में सूजन, आंखों के चारों ओर सूजन, वजन का कम होना, बेहोश होना भी हृदय रोग के लक्षण है।
28 बच्चों के दिल का ऑपरेशन जल्द कराएगा आरबीएसके
हरदोई। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला मैनेजर डॉ. शाहिद बताते हैं कि इस वर्ष 28 बच्चे दिल के रोगी चिह्नित किए गए हैं। जिनका ऑपरेशन जल्द अलीगढ़ मेडिकल कालेज में कराया जाएगा। इनमें बावन ब्लाक से 5, सुरसा से 9, शाहाबाद से तीन, बिलग्राम से दो, हरियावां से दो, टोडरपुर, टड़ियावां, अहिरोरी, भरखनी व संडीला से एक-एक व भरावन से दो बच्चे चिह्नित कर लिए गए हैं।
पांच बच्चों का गुजरात के सत्य सांई में होगा ऑपरेशन
हरदोई। दिल के रोगी पांच बच्चों को मेडिकल कालेज लखनऊ में कैंप लगाकर चिह्नित किया जाएगा और उनके दिल का ऑपरेशन गुजरात के सत्यसांई हास्पिटल में नि:शुल्क कराया जाएगा।
छह से सात लाख आता है सर्जरी का खर्चा
हरदोई। बच्चों के दिल के ऑपरेशन में एक मरीज पर करीब छह से सात लाख का खर्चा आता है जो एक गरीब परिवार के लिए चुका पाना असंभव सा है।