फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Picking up shovels and pails to support the family at the fourth stage of age

Hardoi News: परिवार के पालन-पोषण के लिए उम्र के चौथे पड़ाव पर उठा रहे फावड़ा-डलिया

Sun, 01 Oct 2023 11:10 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 01 Oct 2023 11:10 PM IST
विज्ञापन
Picking up shovels and pails to support the family at the fourth stage of age
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


हरदोई। रविवार को अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस भी निपट गया। वैसे तो बुजुर्गों के भरण-पोषण के लिए कई योजनाएं दी गईं और पात्रता की श्रेणी में आने पर लाभांवित भी हो रहे हैं, लेकिन फिर भी बड़ी संख्या में उम्र के चौथे पड़ाव पर पहुंचने के बाद भी परिवार के पालन-पोषण के लिए अन्य कामों के साथ ही फावड़ा-डलिया तक उठा रहे हैं। अकेले मनरेगा में ही देखा जाए तो, अब तक 10 हजार से अधिक बुजुर्ग कार्यस्थल पर काम कर चुके हैं।
सरकार ने भी इंसान से काम लेने की आयु 60-62 वर्ष ही तय की है लेकिन यह सरकारी नौकरी तक ही सीमित है। मेहनत-मजदूरी से परिवार का पालन-पोषण करने वाले इंसान के सामने उम्र मायने नहीं रखती है। परिवार की जिम्मेदारियों के आगे न तो उन्हें अपनी उम्र की चिंता रहती है और न ही काम करने में कोई शर्म-लिहाज आता है।
विज्ञापन

रोजगार की गारंटी देने के लिए चल रही मनरेगा में भी 60 वर्ष इससे अधिक आयु वर्ग के श्रमिक कार्यस्थल पर डलिया-फावड़ा तक उठा रहे हैं। चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा में ही अकेले 10,430 बुजुर्गों ने काम किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


----------
इंसेट



बच्चों पर बोझ बन रहे माता-पिता
वैसे तो कहा जाता है कि घर में बुजुर्ग का होना जरूरी है। आधुनिकता और परिवारों के बिखराव में बुजुर्ग अपनी ही संतानों को बोझ लगने लगे हैं। यह तथ्य तहसीलों में सुलह अधिकारियों की रिपोर्ट में सामने आए हैं। उम्र के चौथेपन पर पहुंचने वाले माता-पिता को संतान से सेवा और देखभाल की जरूरत होती है पर, मजिस्ट्रेटों के पास आने वाले प्रकरणों में बुजुर्ग अपनी ही संतान पर बोझ लगते दिख रहे हैं। शहर से सटे महोलिया शिवपार व झबरापुरवा के दो मामले तो अभी एक सप्ताह पहले ही सदर एसडीएम के पास आए थे। सदर एसडीएम स्वाति शुक्ला ने बताया कि एक वृद्धा के तीन पुत्र-बहू और एक मामले में इकलौता पुत्र देखभाल से मुकर रहा था।




---------------

1.30 लाख बुजुर्गों को मिल रही पेंशन : सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत समाज कल्याण विभाग की ओर से 60 व इससे अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गाें को भरण-पोषण के लिए एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन के तौर पर दी जा रही है। जिला समाज कल्याण अधिकारी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि 1.30 लाख बुजुर्ग पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। नवीन आवेदन भी प्राप्त हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed