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बुखार से तप रहे लोग, जिम्मेदार बेखबर

Fri, 23 Sep 2016 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई Updated Fri, 23 Sep 2016 11:54 PM IST
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People are burning with fever, responsible oblivious
निजामपुर गांव में फैली गंदगी। - फोटो : अमर उजाला

पाली(हरदोई)। क्षेत्र में बुखार से बीमारों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकारी अस्पतालों में लोगों के इलाज में सीमित संसाधन आड़े आ रहे हैं तो निजी अस्पताल  गरीब की माली हालत के कारण पहुंच से दूर हैं। हैरानी की बात यह कि इसके बावजूद भी क्षेत्र में गंदगी फैली हुई है। साफ सफाई के प्रति किसी का ध्यान नहीं जा रहा है।   

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नगर के मोहल्ला सरायं, इमाम चौक, मलिकाना, शेखसराय, रामनगर, सहित  ग्राम निजामपुर में लगातार बुखार से बीमारों की संख्या बढ़ रही है। बीते 18 दिनों में 18 की बुखार, डेंगू से मौत हो चुकी है।
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स्वास्थ्य महकमा इस ओर कोई अभियान चलाकर न तो बुखार से पीड़ितों और न ही डेंगू संबंधी जांचें करा  रहा है। मोहल्ला शेख सराय निवासी फहीम की बेटी आयशा की बीते दिवस मौत हो गई थी।
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वहीं परिवार में कई बीमार हैं। यही हालत मोहल्ला सराय निवासी गालिव खान के परिवार की है । ग्राम निजामपुर में भी एतशाम, शहीद खान,शकरुद्दीन, नौसै खान का पूरा परिवार बुखार की चपेट में है।

ग्राम प्रधान घुर्रे खान ने बताया की गांव में कोई सफाई कर्मी तैनात नहीं है । कुछ समय पूर्व गांव में दो सफाई कर्मी तैनात थे जिन्होंने अपना स्थानांतरण जिला मुख्यालय करा लिया। जिससे समूचे गांव में गंदगी है । ग्राम निधि में सफाई का कोई बजट न होने से संपूर्ण सफाई नहीं हो पाती है ।

कस्बा के अलग-अलग मोहल्लों में शुक्रवार को बुखार की चपेट में आने से वृद्धा और बालिका की मौत हो गई। इसके साथ ही पाली में बुखार से मरने वालों की संख्या 18 हो गई है। बुखार की चपेट में आकर लगातार हो रही मौतों से लोगों में भय का माहौल बन गया है।

पाली कस्बा के मोहल्ला सराय निवासी मोहसिन की पुत्री नूर को पिछले तीन दिन से बुखार आ रहा था। मोहसिन उसका निजी चिकित्सकों से इलाज करा रहा था। शुक्रवार सुबह नूर की हालत गंभीर हो गई।

इसके चलते वह नूर को हरदोई लाने की तैयारी क र रहा था। लेकिन वह उसे हरदोई लाता इससे पहले ही उसकी मौत हो गई। वहीं, मोहल्ला मलिकाना निवासी अकील अहमद की मां इरशाद बानों को पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा था।

वह कस्बा के निजी चिकित्सक ों से उसका इलाज करा रहा था। शुक्रवार सुबह उसकी मां को तेज बुखार आया। वह हरदोई लाने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान इरशाद बानों ने दम तोड़ दिया।


इरशाद का कहना है कि मोहल्ला के कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। लेकिन यहां पर न तो फॉगिंग कराई जा रही है और न ही नियमित मच्छर मार दवा का छिड़काव कराया जा रहा है।

 

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