{"_id":"682774e500bfebd1d20e60d5","slug":"one-machine-of-dialysis-unit-is-not-working-patients-are-facing-problem-hardoi-news-c-213-1-hra1004-131355-2025-05-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: डायलिसिस यूनिट की एक मशीन खराब, मरीजों को परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: डायलिसिस यूनिट की एक मशीन खराब, मरीजों को परेशानी
विज्ञापन
हरदोई। मेडिकल कॉलेज में संचालित डायलिसिस यूनिट के जिम्मेदारों की मनमानी ने मरीजों को परेशान कर दिया है। यूनिट की एक डायलिसिस मशीन बीते कई दिनों से खराब है। मशीन बंद होने से किडनी मरीजाें को डायलिसिस कराने के लिए अब पहले से अधिक इंतजार करना पड़ रहा है।
मेडिकल काॅलेज में डायलिसिस यूनिट की स्थापना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर वर्ष 2022 में शुरू की गई थी। शुरूआत के समय ही यहां दस मशीनें लगाई गई थीं। डायलिसिस सेंटर शुरू होने पर न सिर्फ जिले के बल्कि आसपास के जनपदों के मरीज भी यहां डायलिसिस के लिए आने लगे। यहां सुविधा न होने पर मरीजों काे लखनऊ, कानपुर और बरेली जैसे जनपदों की दौड़ लगानी पड़ती थी। औसतन हर रोज 40 मरीज यहां डायलिसिस के लिए पहुंचते हैं, लेकिन इनमें 27 से 30 मरीजों की ही डायलिसिस हो पाती है।
मौजूदा समय में डायलिसिस के लिए 116 मरीज प्रतीक्षा सूची में हैं। तीन मरीज ऐसे हैं, जिनकी एक सप्ताह में दो बार डायलिसिस होती है। अभी तक 10 मशीनों पर ही डायलिसिस होने से मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा था, लेकिन अब एक मशीन खराब हो गई है। इस कारण से प्रतीक्षा सूची बढ़ गई है। यूनिट प्रभारी शहनवाज ने बताया कि मशीन का मोटर खराब हो गया है। जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन कोई बनाने नहीं आया।
विज्ञापन
मंजूरी के बाद भी नहीं बढ़े बेड
हरदोई। डायलिसिस यूनिट में तीन बेडों को बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी जा चुकी है। अप्रैल में बेड बढ़ाने को लेकर कवायद भी की गई, लेकिन इसी बीच यूनिट प्रभारी का स्थानांतरण हो गया। ऐसे में अब मंजूरी होने के बाद भी बेड नहीं बढ़ाए गए हैं। नए आए यूनिट प्रभारी ने बताया कि बेड बढ़ाए जाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इसके लिए सीतापुर स्थित सेंटर मैनेजर ही जानकारी दे सकते हैं।
विज्ञापन
मेडिकल काॅलेज में डायलिसिस यूनिट की स्थापना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर वर्ष 2022 में शुरू की गई थी। शुरूआत के समय ही यहां दस मशीनें लगाई गई थीं। डायलिसिस सेंटर शुरू होने पर न सिर्फ जिले के बल्कि आसपास के जनपदों के मरीज भी यहां डायलिसिस के लिए आने लगे। यहां सुविधा न होने पर मरीजों काे लखनऊ, कानपुर और बरेली जैसे जनपदों की दौड़ लगानी पड़ती थी। औसतन हर रोज 40 मरीज यहां डायलिसिस के लिए पहुंचते हैं, लेकिन इनमें 27 से 30 मरीजों की ही डायलिसिस हो पाती है।
विज्ञापन
मौजूदा समय में डायलिसिस के लिए 116 मरीज प्रतीक्षा सूची में हैं। तीन मरीज ऐसे हैं, जिनकी एक सप्ताह में दो बार डायलिसिस होती है। अभी तक 10 मशीनों पर ही डायलिसिस होने से मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा था, लेकिन अब एक मशीन खराब हो गई है। इस कारण से प्रतीक्षा सूची बढ़ गई है। यूनिट प्रभारी शहनवाज ने बताया कि मशीन का मोटर खराब हो गया है। जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन कोई बनाने नहीं आया।
विज्ञापन
मंजूरी के बाद भी नहीं बढ़े बेड
हरदोई। डायलिसिस यूनिट में तीन बेडों को बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी जा चुकी है। अप्रैल में बेड बढ़ाने को लेकर कवायद भी की गई, लेकिन इसी बीच यूनिट प्रभारी का स्थानांतरण हो गया। ऐसे में अब मंजूरी होने के बाद भी बेड नहीं बढ़ाए गए हैं। नए आए यूनिट प्रभारी ने बताया कि बेड बढ़ाए जाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इसके लिए सीतापुर स्थित सेंटर मैनेजर ही जानकारी दे सकते हैं।