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Hardoi News: ऐ मेरे दोस्त लौट के आजा, बिन तेरे जिंदगी अधूरी है...
Wed, 20 Mar 2024 11:22 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Wed, 20 Mar 2024 11:22 PM IST
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हरदोई। माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में कुछ विद्यार्थियों की ओर से शृंगार व वियोग रस के उदाहरण में फिल्मी गीत लिखे मिले हैं।
वहीं कॉपी में लिखी परीक्षार्थियों की अपील व रुपये मिलने का भी सिलसिला जारी हैॅ। परीक्षक अपील पढ़कर मजे ले रहे हैं। वहीं तीनों केंद्रों पर अब तक ढाई हजार कॉपियोंं का मूल्यांकन हो चुका है, जबकि एक हजार परीक्षक केंद्रों पर नहीं पहुंचे हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का तीन केंद्रों पर मूल्यांकन किया जा रहा है। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन हाईस्कूल व इंटर की हिंदी व्याकरण में रस, अलंकार, दोहे से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं और उनके उदाहरण भी देने होते हैं। मूल्यांकन कर रहे एक परीक्षक के अनुसार परीक्षार्थियों ने रस के उदाहरण में फिल्मी गाने लिख रखे हैं।
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शृंगार रस के दो भेद होते हैं, जिसमें एक संयोग व दूसरा वियोग। संयोग रस के उदाहरण में परीक्षार्थी ने लिखा तेरा साथ है तो हमें क्या कमी है, वहीं वियोग रस के उदाहरण में लिखा ऐ मेरे दोस्त लौट के आजा, बिन तेरे जिंदगी अधूरी है। वहीं गणित विषय की एक कॉपी में परीक्षार्थी ने शिक्षक से अपील की है कि गुरु जी मैं बहुत गरीब परिवार से हूं, मेरी गणित बहुत कमजोर है, सर मुझे पास कर देना।
वहीं इंटर की कॉपियों में परीक्षार्थियोंं की ओर से रखे गए रुपये भी मिल रहे हैं। वहीं बुधवार को तीनों केंद्रों पर 66 हजार 625 कॉपियों का मूल्यांकन किया गया। जिले में अब तक दो लाख 40 हजार 767 कॉपियोंं का मूल्यांकन हो चुका है। मूल्यांकन केंद्रों पर बोर्ड की ओर से 2398 परीक्षक लगाए गए थे, मगर अभी तक सिर्फ 1364 परीक्षक ही पहुंचे हैं।
एक हजार 34 परीक्षक मूल्यांकन करने नहीं गए। इनमें अधिकांश वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षक हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक बाल मुकुंद प्रसाद ने बताया कि जो परीक्षक नहीं आए हैं, उनकी सूची बनाकर बोर्ड को भेजी जाएगी।
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वहीं कॉपी में लिखी परीक्षार्थियों की अपील व रुपये मिलने का भी सिलसिला जारी हैॅ। परीक्षक अपील पढ़कर मजे ले रहे हैं। वहीं तीनों केंद्रों पर अब तक ढाई हजार कॉपियोंं का मूल्यांकन हो चुका है, जबकि एक हजार परीक्षक केंद्रों पर नहीं पहुंचे हैं।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का तीन केंद्रों पर मूल्यांकन किया जा रहा है। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन हाईस्कूल व इंटर की हिंदी व्याकरण में रस, अलंकार, दोहे से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं और उनके उदाहरण भी देने होते हैं। मूल्यांकन कर रहे एक परीक्षक के अनुसार परीक्षार्थियों ने रस के उदाहरण में फिल्मी गाने लिख रखे हैं।
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शृंगार रस के दो भेद होते हैं, जिसमें एक संयोग व दूसरा वियोग। संयोग रस के उदाहरण में परीक्षार्थी ने लिखा तेरा साथ है तो हमें क्या कमी है, वहीं वियोग रस के उदाहरण में लिखा ऐ मेरे दोस्त लौट के आजा, बिन तेरे जिंदगी अधूरी है। वहीं गणित विषय की एक कॉपी में परीक्षार्थी ने शिक्षक से अपील की है कि गुरु जी मैं बहुत गरीब परिवार से हूं, मेरी गणित बहुत कमजोर है, सर मुझे पास कर देना।
वहीं इंटर की कॉपियों में परीक्षार्थियोंं की ओर से रखे गए रुपये भी मिल रहे हैं। वहीं बुधवार को तीनों केंद्रों पर 66 हजार 625 कॉपियों का मूल्यांकन किया गया। जिले में अब तक दो लाख 40 हजार 767 कॉपियोंं का मूल्यांकन हो चुका है। मूल्यांकन केंद्रों पर बोर्ड की ओर से 2398 परीक्षक लगाए गए थे, मगर अभी तक सिर्फ 1364 परीक्षक ही पहुंचे हैं।
एक हजार 34 परीक्षक मूल्यांकन करने नहीं गए। इनमें अधिकांश वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षक हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक बाल मुकुंद प्रसाद ने बताया कि जो परीक्षक नहीं आए हैं, उनकी सूची बनाकर बोर्ड को भेजी जाएगी।