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सुन्न, धब्बे, निशान कुष्ठ रोग की यही पहचान
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई
Updated Fri, 17 Jul 2015 12:02 AM IST
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी कक्ष में गुरुवार को कुष्ठ
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रोग निवारण गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को
कुष्ठ रोग के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई।
सीएमओ डा. वीके गुप्ता ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को कुष्ठ रोग निवारण अभियान के विषय में जानकारी दी। कुष्ठ रोग अधिकारी डा. अंबुज सिंह ने कार्यकर्ताओं को बताया कि कुष्ठ रोग की पहचान जैसे सुन्न दाग, धब्बे अथवा तंत्रिकाओं का प्रभावित होना प्रारंभिक लक्षण है।
इन लक्षणों के महसूस होते ही शीघ्र से शीघ्र पहचान करना अति आवश्यक है। जिससे विकृतियों से बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग दो प्रकार का होता है। पीबी जिसका इलाज छह माह तक होता है और एमबी जिसका इलाज 12 माह तक होता है। कुष्ठ रोग का इलाज एमडीटी द्वारा किया जाता है। यह दवा स्विटजरलैंड से आपूर्ति की जाती है।
कहा कि यह दवा किसी भी प्राइवेट मेडिकल स्टोर पर मुहैया नहीं होती है और किसी निजी चिकित्सक के पास भी मुहैया नहीं है। बताया कि यह दवा स्वास्थ्य केंद्र एवं जिला अस्पताल में नि:शुल्क दी जाती है।
गोष्ठी में जिला कुष्ठ सलाहकार डा. सुरेश अग्निहोत्री ने बताया कि जिले में कुष्ठ रोगियों की संख्या कम करने के लिए रोगियों को अतिशीघ्र खोजकर उसका उपचार प्रारंभ करना है। जिससे कुष्ठ रोग की व्यापकता दर में कमी लाई ला सके। इस मौके पर डा. आले सिद्दीकी समेत कई लोग मौजूद थे।
सीएमओ डा. वीके गुप्ता ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को कुष्ठ रोग निवारण अभियान के विषय में जानकारी दी। कुष्ठ रोग अधिकारी डा. अंबुज सिंह ने कार्यकर्ताओं को बताया कि कुष्ठ रोग की पहचान जैसे सुन्न दाग, धब्बे अथवा तंत्रिकाओं का प्रभावित होना प्रारंभिक लक्षण है।
इन लक्षणों के महसूस होते ही शीघ्र से शीघ्र पहचान करना अति आवश्यक है। जिससे विकृतियों से बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग दो प्रकार का होता है। पीबी जिसका इलाज छह माह तक होता है और एमबी जिसका इलाज 12 माह तक होता है। कुष्ठ रोग का इलाज एमडीटी द्वारा किया जाता है। यह दवा स्विटजरलैंड से आपूर्ति की जाती है।
कहा कि यह दवा किसी भी प्राइवेट मेडिकल स्टोर पर मुहैया नहीं होती है और किसी निजी चिकित्सक के पास भी मुहैया नहीं है। बताया कि यह दवा स्वास्थ्य केंद्र एवं जिला अस्पताल में नि:शुल्क दी जाती है।
गोष्ठी में जिला कुष्ठ सलाहकार डा. सुरेश अग्निहोत्री ने बताया कि जिले में कुष्ठ रोगियों की संख्या कम करने के लिए रोगियों को अतिशीघ्र खोजकर उसका उपचार प्रारंभ करना है। जिससे कुष्ठ रोग की व्यापकता दर में कमी लाई ला सके। इस मौके पर डा. आले सिद्दीकी समेत कई लोग मौजूद थे।