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अब गांवों से होगा दुनिया का दीदार

Thu, 15 Jan 2015 11:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई Updated Thu, 15 Jan 2015 11:56 PM IST
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Now the world's Didar villages

आधुुनिकता की दौड़ में भले ही अभी गांवों थोड़ा पीछे

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हों, पर अब गांवों को भी हाईटेक करने पर जोर दिया जा रहा है। कंप्यूटर और इंटरनेट लगाकर गांवों को भी देश दुनिया से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई, ताकि अब गांव के व्यक्ति भी पूरी दुनिया का हाल जान सकें। ग्राम पंचायतों में कंप्यूटर लगाकर इंटरनेट से आनलाइन करने के लिए प्रदेश में राजीव गांधी पंचायत सशक्तिकरण योजना अमल में लायी गई है।

योजना से गांवों के पंचायत भवन में कंप्यूटर और इंटरनेट लगाया जाएगा और एक पंचायत सहायक की नियुक्ति भी की जाएगी, जो कंप्यूटर पर गांव संबंधी डाटा फीड करने के साथ ही ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं से संबंधित शासनादेशों के बारे में जानकारी देगा। राजीव गांधी पंचायती सशक्तीकरण अभियान से ग्राम पंचायतों के डिजिटलाइजेशन पर काम शुरू हो गया है।

डिजिटलाइजेशन कराने को जनपद की 67 ग्राम पंचायतों का चयन कर लिया गया है और अब पंचायत भवनों में कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट लगाकर ग्राम पंचायतों को आधुनिकता की दौड़ में शामिल किया जाएगा। उधर, भारत सरकार की राजीव गांधी पंचायत सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत बड़ी ग्राम पंचायतों में पहले चरण में कंप्यूटर लगाए जाने के निर्देश है।

शासन ने 2001 की जनगणना के अनुसार 5000 अथवा इससे ऊपर की आबादी वाली ग्राम पंचायतों को योजना में शामिल किया है। जिसको लेकर जिले की ऐसी 67 ग्राम पंचायतों को चयनित किया गया, जो पांच हजार अथवा पांच हजार से ज्यादा आबादी की ग्राम पंचायत हैं, जिनमें डेस्कटॉप कंप्यूटर को लगाया जाएगा।

राजीव गांधी पंचायत सशक्तिकरण योजना से गांवों को हाईटेक करने से वहां की परिसंपत्तियों पर नजर रखना है। ग्रामीण क्षेत्र में भूमि पर धड़ल्ले से कब्जा हो रहा है। किसी प्रकार कोई ठोस प्रमाण न होने की वजह से परिसंपत्तियां बच नहीं रही है। ऐसे में ग्राम सभाओं में कंप्यूटर और इंटरनेट लग जाने के बाद विभागीय साफ्टवेयर पर ग्राम पंचायत के ब्योरे व अभिलेखों, चल और अचल परिसंपत्तियों को ऑनलाइन फीड कर दिया जाएगा।

इससे परिसंपत्तियों पर आसानी से नजर रखी जा सके। उधर, ग्राम सभाओं में कंप्यूटर और इंटरनेट लगने के बाद ई-गवर्नेंस की योजनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। आय, निवासी और जाति प्रमाण पत्र के अतिरिक्त खसरा खतौनी को ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को जिला व तहसील मुख्यालय पर दौड़ लगानी पड़ती है, पर गांव में ही कंप्यूटर होने से लोग वहीं आवेदन कर प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही परिवार नकल, ग्राम सभा से जुड़ी तमाम जानकारियां भी कंप्यूटर पर फीड रहेंगी, जिसको वह किसी भी समय प्रिंट प्राप्त करवा सकते हैं।

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