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अब तो सिर्फ जाम ही जाम
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई
Updated Tue, 01 Sep 2015 12:19 AM IST
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लाख प्रयासों के बाद भी शहरवासियों को जाम से निजात
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नहीं मिल पा रही है। शहर के बीच किसी भी चौराहे से गुजरने में वाहन सवारों
को जाम के झाम से जूझना पड़ रहा है। सोमवार को भी सिनेमा चौराहा, अस्पताल
तिराहा व बड़े चौराहों पर भी लोग जाम से जूझते मिले।
शहर में पिछले काफी समय से यदि शहरवासियों के लिए कोई सबसे बड़ी समस्या बनकर उभरी है तो वह है चौराहों पर दिन में कई-कई बार लगने वाला जाम। जाम को लेकर कारण भले ही कोई हों, पर प्रशासनिक अफसर और यातायात कर्मी इस जाम की स्थितियों से निजात नहीं दिला पा रहे हैं।
नतीजा यह कि जाम से लोग सोमवार को भी कई चौराहों पर जूझते नजर आए। सोमवार को भी शहर के सिनेमा चौराहा, बड़ा चौराहा, अस्पताल तिराहे, मुन्ने मियां चौराहा सहित कई चौराहों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हुई। यातायात कर्मी बेबस नजर आए तो वाहन सवार स्वयं किसी तरह जाम खुलवाने की जुगत लगाते दिखे।
सिनेमा चौराहे पर फंसे जगतपाल का कहना है कि शहर में जाम लगना अब आम हो गया है। किसी भी आवश्यक कार्य के लिए भी निकले और आप चौराहा क्रास करते हुए सही समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच जाए तो मुश्किल है। सुहैल खान और शिशुपाल ने बताया कि मार्गों पर ही नहीं, बल्कि चौराहों पर भी अतिक्रमण इस जाम के लिए जिम्मेदार हैं।
चौराहों के इर्द गिर्द खड़े होने वाले डग्गामार वाहन, आटो व ठेले जाम की स्थितियों को और दुरूह बना रहे हैं। उधर, यातायात उपनिरीक्षक दीन दयाल ने बताया कि उनके द्वारा पूरा प्रयास रहता है कि जाम न लगे और हर चौराहे पर एक एक यातायात कर्मी की व्यवस्था रहती है।
कहा कि आड़े-तिरछे वाहनों का खड़ा होना और भारी वाहनों का कहीं न कहीं से प्रवेश कर जाना जाम की स्थितियों को उत्पन्न कर रहा है। उन्होंने बताया कि जाम न लगे इसको लेकर अन्य यातायात कर्मियों की मांग की जा रही है।
शहर में पिछले काफी समय से यदि शहरवासियों के लिए कोई सबसे बड़ी समस्या बनकर उभरी है तो वह है चौराहों पर दिन में कई-कई बार लगने वाला जाम। जाम को लेकर कारण भले ही कोई हों, पर प्रशासनिक अफसर और यातायात कर्मी इस जाम की स्थितियों से निजात नहीं दिला पा रहे हैं।
नतीजा यह कि जाम से लोग सोमवार को भी कई चौराहों पर जूझते नजर आए। सोमवार को भी शहर के सिनेमा चौराहा, बड़ा चौराहा, अस्पताल तिराहे, मुन्ने मियां चौराहा सहित कई चौराहों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हुई। यातायात कर्मी बेबस नजर आए तो वाहन सवार स्वयं किसी तरह जाम खुलवाने की जुगत लगाते दिखे।
सिनेमा चौराहे पर फंसे जगतपाल का कहना है कि शहर में जाम लगना अब आम हो गया है। किसी भी आवश्यक कार्य के लिए भी निकले और आप चौराहा क्रास करते हुए सही समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच जाए तो मुश्किल है। सुहैल खान और शिशुपाल ने बताया कि मार्गों पर ही नहीं, बल्कि चौराहों पर भी अतिक्रमण इस जाम के लिए जिम्मेदार हैं।
चौराहों के इर्द गिर्द खड़े होने वाले डग्गामार वाहन, आटो व ठेले जाम की स्थितियों को और दुरूह बना रहे हैं। उधर, यातायात उपनिरीक्षक दीन दयाल ने बताया कि उनके द्वारा पूरा प्रयास रहता है कि जाम न लगे और हर चौराहे पर एक एक यातायात कर्मी की व्यवस्था रहती है।
कहा कि आड़े-तिरछे वाहनों का खड़ा होना और भारी वाहनों का कहीं न कहीं से प्रवेश कर जाना जाम की स्थितियों को उत्पन्न कर रहा है। उन्होंने बताया कि जाम न लगे इसको लेकर अन्य यातायात कर्मियों की मांग की जा रही है।