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न मिल रहा भोजन, न हो रही पढ़ाई
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sat, 02 May 2015 11:56 PM IST
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कर दिया है, पर विभाग न तो विद्यार्थियों को विद्यालय बुला पाया है और न ही
उनको सुविधाएं ही दिलाने में कामयाब रहा है। विद्यालय में न तो बच्चाेें
को गुणवत्तायुक्त भोजन मिल पा रहा और न ही उनकी पढ़ाई शुरू हो सकी है।
स्कूलों में रस्म अदायगी की जा रही है। शनिवार को नगर क्षेत्र के विद्यालयोें का कुछ ऐसा ही नजारा दिखाई दिया। प्राथमिक विद्यालय ऊंचा थोक को जिले का मॉडल विद्यालय बनाया गया है। जहां पर वर्तमान सत्र से अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्रदान की जानी हैं, पर यहां पर सुविधाएं पहले से भी बदतर हैं।
विद्यालय में रसोई गैस होने के बाद भी यहां पर एक कक्षा कक्ष में परंपरागत चूल्हे से भोजन पकाया जा रहा था। वहीं विद्यालय में मात्र छह नवीन प्रवेश हुए है। स्कूल प्रभारी फिरोज अहमद के अनुसार विद्यालय में कुल 63 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, जिसमें से 33 उपस्थित थे।
प्राथमिक स्कूल जलाखर पुरवा (पुलिस लाइन परिसर) में चूल्हे पर तहरी बनाने की कवायद चल रही थी। जिसमें सिर्फ पीले चावल ही नजर आ रहे थे। अन्य कोई सामग्री का अता पता नहीं था। विद्यालय में टीम को देख एक प्रशिक्षु टीचर ने एक बालिका को पढ़ाना शुरू कर दिया। विद्यालय के प्रभारी नदारद थे।
विद्यालय में 97 के सापेक्ष मात्र 15 विद्यार्थी उपस्थित थे। प्राथमिक विद्यालय रेलवेगंज द्वितीय में मिड-डे मील नहीं बन रहा था। विद्यालय के एक छात्र को टीचर ने नाश्ता लेने भेजा था। जो ऐन वक्त पर आ गया। कक्षा में एक निजी महाविद्यालय के प्रशिक्षु टीचर पढ़ा रहे थे। विद्यालय में 78 के सापेक्ष चार विद्यार्थी मौजूद थे।
प्राथमिक विद्यालय द्वितीय के कैंपस में ही जूनियर हाईस्कूल संचालित है। विद्यालय के टीचर प्राथमिक विद्यालय में मौजूद थे। कक्षा में मात्र 13 विद्यार्थी थे, जबकि पंजीकरण 43 का है। विद्यालय के एक कक्ष में कूकर पर दोनों विद्यालय के भोजन बनाने की कवायद चल रही थी, जो मौजूद बच्चों के लिए भी नाकाफी लग रही थी।
प्राथमिक विद्यालय रेलवे गंज प्रथम में मात्र 12 बच्चे मौजूद थे। विद्यालय में मात्र एक किलो चावल से खीर बनाने की कवायद चल रही थी, पर खीर के लिए दूध नाम मात्र का था और मेवा नदारद थी। विद्यालय में एक भी टीचर मौजूद नहीं था। प्रशिक्षु टीचर कक्षा में मौजूद थे, पर शिक्षण कार्य बंद था।
कन्या जूनियर हाईस्कूल रेलवे गंज में मिड-डे मील के लिए रसोइया चावल बीन रही थी। विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या काफी कम थी। विद्यालय मेें 84 में से मात्र 35 बच्चे उपस्थित थे। उध्ार, कन्या प्राथमिक विद्यालय रेलवे गंज द्वितीय में मिड-डे मील के लिए एक कक्ष में भोजन बनाने की कवायद चल रही थी।
विद्यालय 97 के सापेक्ष मात्र 20 विद्यार्थी मौजूद थे। बच्चे भोजन का इंतजार कर रहे थे। उध्ार, इस बाबत बीईओ उदय नारायण्ा कटियार ने बताया कि विद्यार्थियों को गुणवत्ता युक्त भोजन मुहैया कराने निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों में मिड-डे मील के संबंध में जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
स्कूलों में रस्म अदायगी की जा रही है। शनिवार को नगर क्षेत्र के विद्यालयोें का कुछ ऐसा ही नजारा दिखाई दिया। प्राथमिक विद्यालय ऊंचा थोक को जिले का मॉडल विद्यालय बनाया गया है। जहां पर वर्तमान सत्र से अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्रदान की जानी हैं, पर यहां पर सुविधाएं पहले से भी बदतर हैं।
विद्यालय में रसोई गैस होने के बाद भी यहां पर एक कक्षा कक्ष में परंपरागत चूल्हे से भोजन पकाया जा रहा था। वहीं विद्यालय में मात्र छह नवीन प्रवेश हुए है। स्कूल प्रभारी फिरोज अहमद के अनुसार विद्यालय में कुल 63 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, जिसमें से 33 उपस्थित थे।
प्राथमिक स्कूल जलाखर पुरवा (पुलिस लाइन परिसर) में चूल्हे पर तहरी बनाने की कवायद चल रही थी। जिसमें सिर्फ पीले चावल ही नजर आ रहे थे। अन्य कोई सामग्री का अता पता नहीं था। विद्यालय में टीम को देख एक प्रशिक्षु टीचर ने एक बालिका को पढ़ाना शुरू कर दिया। विद्यालय के प्रभारी नदारद थे।
विद्यालय में 97 के सापेक्ष मात्र 15 विद्यार्थी उपस्थित थे। प्राथमिक विद्यालय रेलवेगंज द्वितीय में मिड-डे मील नहीं बन रहा था। विद्यालय के एक छात्र को टीचर ने नाश्ता लेने भेजा था। जो ऐन वक्त पर आ गया। कक्षा में एक निजी महाविद्यालय के प्रशिक्षु टीचर पढ़ा रहे थे। विद्यालय में 78 के सापेक्ष चार विद्यार्थी मौजूद थे।
प्राथमिक विद्यालय द्वितीय के कैंपस में ही जूनियर हाईस्कूल संचालित है। विद्यालय के टीचर प्राथमिक विद्यालय में मौजूद थे। कक्षा में मात्र 13 विद्यार्थी थे, जबकि पंजीकरण 43 का है। विद्यालय के एक कक्ष में कूकर पर दोनों विद्यालय के भोजन बनाने की कवायद चल रही थी, जो मौजूद बच्चों के लिए भी नाकाफी लग रही थी।
प्राथमिक विद्यालय रेलवे गंज प्रथम में मात्र 12 बच्चे मौजूद थे। विद्यालय में मात्र एक किलो चावल से खीर बनाने की कवायद चल रही थी, पर खीर के लिए दूध नाम मात्र का था और मेवा नदारद थी। विद्यालय में एक भी टीचर मौजूद नहीं था। प्रशिक्षु टीचर कक्षा में मौजूद थे, पर शिक्षण कार्य बंद था।
कन्या जूनियर हाईस्कूल रेलवे गंज में मिड-डे मील के लिए रसोइया चावल बीन रही थी। विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या काफी कम थी। विद्यालय मेें 84 में से मात्र 35 बच्चे उपस्थित थे। उध्ार, कन्या प्राथमिक विद्यालय रेलवे गंज द्वितीय में मिड-डे मील के लिए एक कक्ष में भोजन बनाने की कवायद चल रही थी।
विद्यालय 97 के सापेक्ष मात्र 20 विद्यार्थी मौजूद थे। बच्चे भोजन का इंतजार कर रहे थे। उध्ार, इस बाबत बीईओ उदय नारायण्ा कटियार ने बताया कि विद्यार्थियों को गुणवत्ता युक्त भोजन मुहैया कराने निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों में मिड-डे मील के संबंध में जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।