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Hardoi News: बच्चों व बुजुर्गों के लिए कोरोना जैसी सावधानी और मास्क जरूरी

Thu, 16 Mar 2023 11:28 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई Updated Thu, 16 Mar 2023 11:28 PM IST
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No need to be afraid of influenza, children and the elderly should be careful
इन्फ्लूएंजा से नहीं डरने की जरूरत, बच्चों व बुजुर्ग बरतें सावधानी
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- ओपीडी में बढ़ी है बीमार बच्चों व बुजुर्गों की संख्या
- सर्दी जुकाम बुखार खांसी से हो रहे हैं ग्रसित
- 150 से 200 बीमार बच्चे रोजाना आ रहे अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। दिन-ब-दिन इन्फ्लूएंजा का प्रकोप बढ़ने लगा है। मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में जुकाम, खांसी, बुखार और गले में दर्द आम बात बनी हुई है। हालांकि जिम्मेदार इसे कोल्ड कॉमन फ्लू सामान्य बीमारी मान रहे हैं। इसलिए कह रहे हैं कि वायरस से डरने की जरूरत नहीं है, मगर खासतौर पर बच्चों व बुजुर्गों की इम्युनिटी को देखते हुए कोरोना जैसी सावधानी बरतनी आवश्यक है। वह अनिवार्य रूप से मास्क लगाने की सलाह दे रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष सक्सेना ने बताया कि इन दिनों खांसी, जुकाम, बुखार और गले की समस्या से परेशान बच्चों की संख्या बढ़ी हुई है। उनका मानना है की एक कॉमन कोल्ड फ्लू सामान्य बीमारी है। इस बीमारी में प्रत्येक मरीज को ध्यान देने की जरूरत है कि तीन दिन तक घर पर रहकर आराम करें को पानी गर्म पिएं। इसके साथ ही डॉक्टर से परामर्श लेकर दवा का सेवन करें अगर बीमारी बढ़ती है, तो फिर तत्काल डॉक्टर से मिलकर दवा का सेवन करें। घर पर रहने से तीन दिन में स्वयं ही वायरल फीवर ठीक हो जाता है।
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इन्फ्लूएंजा गले को दबा रहा है और बढ़ रहा दर्द
डिप्टी सीएमओ डॉ. पंकज मिश्रा के मुताबिक कॉमन कोल्ड फ्लू इस बीमारी में जो मरीज ग्रसित हो रहे हैं। उनमें खासकर वायरल फीवर, खांसी, जुकाम और गले पर वायरस दबाव बना रहा है। इससे मरीज के गले में आवाज कम होती चली जा रही है और गला बैठ रहा है। यही नहीं गले में दर्द भी हो रहा है। इस तरह के मरीजों की संख्या का दायरा काफी बड़ा हुआ है। जिला अस्पताल की ओपीडी में देखा जाए तो पिछले कुछ दिनों से ओपीडी की संख्या 3000 के पार पहुंचने लगी है। इसमें खासकर इन्फ्लूएंजा के रोगियों की संख्या है।
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कोट
मरीजों को दवाओं की कमी नही होने दी जाएगी। जो भी दवाएं नहीं हैं, उन्हें मंगाकर पूरा कराया जाएगा। - डॉ. आर्य देश दीपक पाल, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज
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मरीजों की जुबानी उनकी परेशानी
टड़ियावां के घमोइया गांव निवासी योगेश दवा लेने के लिए जिला अस्पताल की ओपीडी में आए थे। उन्हें गैस संबंधी परेशानी है। डॉक्टर की ओर से पैंटॉक डीएसआर कैप्सूल खाने की सलाह दी गई, लेकिन जब वह दवा काउंटर पर पहुंचे तो उनको दवा न होने की बात बताई गई।


जरौली रामपुर निवासी सुरेंद्र ने बताया कि उनके भाई की हालत खराब होने के कारण डॉक्टर से परामर्श लिया था। डॉक्टर ने करीब पांच प्रकार की दवाएं लिखी हैं। एक भी दवा उनको जिला अस्पताल के दवा काउंटर पर नहीं मिली है।
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