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Hardoi News: बारिश में सड़कें छलनी, अभी राहत की उम्मीद भी नहीं
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फोटो-10- लखनऊ रोड पर गड्डों में भरे पानी से निकलते वाहन। संवाद
हरदोई। बारिश ने सड़कों को छलनी कर दिया है। शहर से लेकर गांवों तक करीब 521 किलोमीटर लंबाई में मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इन मार्गों पर अभी आवागमन में राहत की उम्मीद नहीं हैं। मार्ग पर कहीं बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं तो कहीं जलभराव हुआ है।
बारिश और अन्य कारणों से खराब हुए मार्गों पर लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। वाहन चालकों को गड्ढों से बचते हुए निकलना पड़ रहा है। शहर की प्रमुख सड़कों से लेकर ग्रामीण संपर्क मार्गों तक की बारिश ने स्थिति बिगाड़ दी है। पानी पड़ने से पहले से क्षतिग्रस्त सड़कों के गड्ढे और गहरे हो गए हैं। कई जगह सड़क की परत उखड़ने से नीचे की गिट्टी तक उखड़ कर बाहर आ गई है।
लखनऊ रोड पर शहर से निकलते ही मन्नापुरवा के पास करीब एक किलोमीटर में सड़क पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो गई है। ऐसे ही बिलग्राम चुंगी से सांडी चुंगी तक सरकुलर रोड पर भी गड्ढों के कारण सड़क ही गायब हो गई है। बरसात में गड्ढों में होने वाले जलभराव के कारण एक तो गड्ढों की गहराई का पता नहीं चलता है, दूसरे वाहनों का संतुलन भी गड़बड़ा जाता है। इससे हादसों की आशंका भी रहती है।
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वर्जन
जिले में बारिश और अन्य कारणों से क्षतिग्रस्त मार्गों का सर्वेक्षण कराया गया है। इसमें 521 किलोमीटर लंबाई में क्षतिग्रस्त सड़क चिह्नित की गई हैं। इनकी मरम्मत के लिए 7.88 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। 10 सितंबर को ही मुख्यमंत्री ने स्वीकृति के साथ ही काम कराने के लिए 1.48 करोड़ रुपये जिले को आवंटित करा दिए हैं। मौसम साफ होने पर ही काम कराया जा सकेगा। -मुरलीधर गंगवार, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड
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बारिश और अन्य कारणों से खराब हुए मार्गों पर लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। वाहन चालकों को गड्ढों से बचते हुए निकलना पड़ रहा है। शहर की प्रमुख सड़कों से लेकर ग्रामीण संपर्क मार्गों तक की बारिश ने स्थिति बिगाड़ दी है। पानी पड़ने से पहले से क्षतिग्रस्त सड़कों के गड्ढे और गहरे हो गए हैं। कई जगह सड़क की परत उखड़ने से नीचे की गिट्टी तक उखड़ कर बाहर आ गई है।
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लखनऊ रोड पर शहर से निकलते ही मन्नापुरवा के पास करीब एक किलोमीटर में सड़क पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो गई है। ऐसे ही बिलग्राम चुंगी से सांडी चुंगी तक सरकुलर रोड पर भी गड्ढों के कारण सड़क ही गायब हो गई है। बरसात में गड्ढों में होने वाले जलभराव के कारण एक तो गड्ढों की गहराई का पता नहीं चलता है, दूसरे वाहनों का संतुलन भी गड़बड़ा जाता है। इससे हादसों की आशंका भी रहती है।
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जिले में बारिश और अन्य कारणों से क्षतिग्रस्त मार्गों का सर्वेक्षण कराया गया है। इसमें 521 किलोमीटर लंबाई में क्षतिग्रस्त सड़क चिह्नित की गई हैं। इनकी मरम्मत के लिए 7.88 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। 10 सितंबर को ही मुख्यमंत्री ने स्वीकृति के साथ ही काम कराने के लिए 1.48 करोड़ रुपये जिले को आवंटित करा दिए हैं। मौसम साफ होने पर ही काम कराया जा सकेगा। -मुरलीधर गंगवार, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड

फोटो-10- लखनऊ रोड पर गड्डों में भरे पानी से निकलते वाहन। संवाद