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सरकारी राशन बेचने वालों तक नहीं पहुंचे जिम्मेदार

Fri, 14 Jan 2022 11:21 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jan 2022 11:21 PM IST
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no clue of rashan seller
हरपालपुर। अरवल थाना क्षेत्र के किर्तियापुर में जिसके घर से सरकारी राशन बरामद हुआ था, डीएम के निर्देश पर पूर्ति निरीक्षक ने उसके व दो अन्य के खिलाफ केस दर्ज करा दिया। लेकिन जिन कोटेदारों ने उसके हाथ सरकारी राशन बेचा उनका अब तक पता नहीं चला है।
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गुरुवार को एसओ अरवल राजपाल सिंह, तहसीलदार नारायन सिंह, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ओपी राना, पूर्ति निरीक्षक अर्चना सिंह और एसएफसी गोदाम प्रभारी रामप्रकाश मिश्रा ने कीर्तियापुर निवासी महेंद्र कुमार के घर से 232 बोरा चावल व 11 बोरी सरकारी गेहूं व चावल बरामद किया था। यह बोरियां 2017-18 व 2020-21 हैं।
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सभी बोरियों पर उत्तर प्रदेश सरकार का लोगो है। पूरे मामले में आसपास के कई कोटेदारों का राशन होना बताया जा रहा है। अरवल थाना क्षेत्र के किर्तियापुर गांव में बुधवार रात अरवल पुलिस के छापे में पकड़े गए सरकारी राशन के मामले में डीएम अविनाश कुमार के आदेश पर पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर अरवल पुलिस ने मुख्य आरोपी महेंद्र, जितेंद्र कुमार व एक अन्य के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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सत्यापन के बाद भी गोरखधंधा
एसएफसी गोदाम पर राशन आने के बाद बीडीओ को राशन के सत्यापन का जिम्मा है। इसके बाद कोटेदारों के यहां राशन पहुंचता है। फिर लेखपाल सत्यापन करते हैं। इसके बाद ऑनलाइन सिस्टम से राशन वितरित किया जाता है। इसके बाद भी कोटेदारों के राशन की कालाबाजारी कर बेच दिया। सूत्रों का कहना है कि कोटेदार, राशन माफिया व तहसील प्रशासन के अफसरों की मिलीभगत से पूरा गोरखधंधा चल रहा था।
शिकायत की जांच के नाम पर खानापूरी
अरवल थाना क्षेत्र के अरवल ग्राम पंचायत के कोटेदार रामनरेश की राशन की दुकान तीन माह पूर्व ग्रामीणों की शिकायत पर निलंबित कर उनकी प्रतिभूति जब्त की गई थी। इसके बाद उनकी दुकान बहाल कर दी गई।

- बारामऊ के कोटेदार राधेश्याम के विरुद्ध भी ग्रामीणों ने शिकायत की। उनके विरुद्ध जुर्माने की कार्रवाई की गई।
- किर्तियापुर गांव की कोटेदार रामप्यारी के खिलाफ भी कई ग्रामीणों ने शिकायत की। उनके विरुद्ध जुर्माना करके मामला रफा-दफा कर दिया गया।
- बेड़ीजोर की कोटेदार सावित्री के खिलाफ भी कई बार शिकायत की गई। हर बार इन कोटेदारों पर स्पष्टीकरण या एक दो हजार रुपये का जुर्माना लगाकर बरी कर दिया।
वर्जन
मामले में सवायजपुर की पूर्ति निरीक्षक अर्चना सिंह ने बताया कौन-कौन से लोगों ने महेंद्र के पास सरकारी राशन बेचा है। इसका पता लगाया जा रहा है। मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।
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