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बेंहदर की खंड विकास अधिकारी सुधा आर्या निलंबित
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हरदोई। शासन ने बेंहदर की खंड विकास अधिकारी सुधा आर्या को निलंबित कर दिया है। उन पर कोविड-19 के संक्रमण के दौरान जिला स्तरीय अधिकारियों की ओर से दिए जाने वाले निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप है। खंड विकास अधिकारी सुधा आर्या को अब ग्राम्य विकास आयुक्त के कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
बेंहदर में खंड विकास अधिकारी के पद पर तैनात सुधा आर्या को लेकर जिला प्रशासन को पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रहीं थीं। कोरोना संक्रमणकाल के दौरान उपजी परिस्थितियों में भी सुधा आर्या ने जिला स्तरीय अधिकारियों की ओर से दिए जाने वाले आदेशों का पालन नहीं किया। विभिन्न विभागीय कार्यों में भी वह गंभीरता नहीं दिखा रहीं थीं।
इन सब कारणों के चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया है। उधर, दूसरी ओर विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि बेंहदर विकास खंड में नागरिक सूचना पट बनाने का कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूह के भुगतान को नियम के विपरीत रोकने और एक दूसरी प्राइवेट फर्म से नागरिक सूचना पट खरीदे जाने में भी सुधा आर्या को नोटिस दी गई थी।
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तीन बार नोटिस देने के बाद भी सुधा आर्या की तरफ से कोई जवाब नहीं भेजा गया था। बीते दिनों जनपद में आए ग्राम्य विकास राज्यमंत्री आनंद स्वरुप शुक्ला के सामने भी बेंहदर में नियम विपरीत भुगतान जान-बूझकर रोके जाने और एक प्राइवेट फर्म से नागरिक पट खरीदे जाने का मामला उठा था। विभागीय सूत्र बताते हैं कि इन्हीं कारणों के चलते भी निलंबन हुआ। वहीं, जिला विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास ने बताया कि कोरोना संक्रमण के दौरान अधिकारियों की ओर से दिए जाने वाले निर्देशों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की गई।
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बेंहदर में खंड विकास अधिकारी के पद पर तैनात सुधा आर्या को लेकर जिला प्रशासन को पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रहीं थीं। कोरोना संक्रमणकाल के दौरान उपजी परिस्थितियों में भी सुधा आर्या ने जिला स्तरीय अधिकारियों की ओर से दिए जाने वाले आदेशों का पालन नहीं किया। विभिन्न विभागीय कार्यों में भी वह गंभीरता नहीं दिखा रहीं थीं।
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इन सब कारणों के चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया है। उधर, दूसरी ओर विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि बेंहदर विकास खंड में नागरिक सूचना पट बनाने का कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूह के भुगतान को नियम के विपरीत रोकने और एक दूसरी प्राइवेट फर्म से नागरिक सूचना पट खरीदे जाने में भी सुधा आर्या को नोटिस दी गई थी।
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तीन बार नोटिस देने के बाद भी सुधा आर्या की तरफ से कोई जवाब नहीं भेजा गया था। बीते दिनों जनपद में आए ग्राम्य विकास राज्यमंत्री आनंद स्वरुप शुक्ला के सामने भी बेंहदर में नियम विपरीत भुगतान जान-बूझकर रोके जाने और एक प्राइवेट फर्म से नागरिक पट खरीदे जाने का मामला उठा था। विभागीय सूत्र बताते हैं कि इन्हीं कारणों के चलते भी निलंबन हुआ। वहीं, जिला विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास ने बताया कि कोरोना संक्रमण के दौरान अधिकारियों की ओर से दिए जाने वाले निर्देशों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की गई।