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इंपैक्ट : पट्टा में गड़बड़ी पर नायब तहसीलदार से जवाब-तलब
Sat, 28 Dec 2024 10:56 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Sat, 28 Dec 2024 10:56 PM IST
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फोटो : 13 अगस्त के अंक में प्रकाशित खबर।
71 अपात्रों को पट्टा देने और 14 अपात्रों की प्रस्ताव में की गई थी अनदेखी
इसी मामले में फर्रुखाबाद एडीएम, एटा के एसडीएम हो चुके हैं निलंबित
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। 71 अपात्रों को कृषि भूमि का पट्टा देने और 14 भूमिहीन की प्रस्ताव में अनदेखी किए जाने को राजस्व परिषद के अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। राजस्व परिषद की ओर से मामले से जुड़ी नायब तहसीलदार से जवाब-तलब किया गया है। नायब तहसीलदार वर्तमान में तहसील सवायजपुर में तैनात हैं।
तहसील सवायजपुर में तैनात नायब तहसीलदार आभा चौधरी साल 2023 में सदर तहसील में तैनात थीं। सदर तहसील में तैनाती के दौरान वह सुरसा क्षेत्र के फरीदापुर गांव में 71 काश्तकारों को कृषि योग्य भूमि का पट्टा दिया गया था। ग्राम पंचायत की भूमि प्रबंध समिति की ओर से 9 दिसंबर 2022 को तहसील में दिए गए प्रस्ताव की जांच नायब तहसीलदार, तहसीलदार और एसडीएम की ओर से की जानी थी। ताकि कोई अपात्र कृषि भूमि का पट्टा न पा सकें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
भूमि प्रबंध समिति की ओर से दिए गए प्रस्ताव पर जांच-पड़ताल की औपचारिकता पूरी कर 30 मई 2023 को तत्कालीन एसडीएम स्वाति शुक्ला ने स्वीकृति दे दी थी। 71 लोगों को किए गए पट्टा की पत्रावली को डीएम एमपी सिंह ने संज्ञान लिया था। एडीएम प्रियंका सिंह ने जांच की थी। पट्टा पाने वाले लोग अपात्र थे और 14 पात्रों को पट्टा से वंचित किया गया था।
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कृषि भूमि पट्टा आवंटन में गड़बड़ी से जुड़ी खबर अमर उजाला ने 13 अगस्त के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की थी। डीएम ने न्यायालय में पत्रावली तलब कर प्रस्ताव को निरस्त कर दिया था। इसी मामले में शासन ने तत्कालीन एसडीएम रहीं फर्रुखाबाद की एडीएम न्यायिक स्वाति शुक्ला और तत्कालीन तहसीलदार रहे एटा के एसडीएम डॉ. प्रतीत त्रिपाठी को तीन सितंबर को निलंबित कर दिया था। अब राजस्व परिषद ने नायब तहसीलदार आभा चौधरी से जवाब-तलब किया है।
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71 अपात्रों को पट्टा देने और 14 अपात्रों की प्रस्ताव में की गई थी अनदेखी
इसी मामले में फर्रुखाबाद एडीएम, एटा के एसडीएम हो चुके हैं निलंबित
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। 71 अपात्रों को कृषि भूमि का पट्टा देने और 14 भूमिहीन की प्रस्ताव में अनदेखी किए जाने को राजस्व परिषद के अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। राजस्व परिषद की ओर से मामले से जुड़ी नायब तहसीलदार से जवाब-तलब किया गया है। नायब तहसीलदार वर्तमान में तहसील सवायजपुर में तैनात हैं।
तहसील सवायजपुर में तैनात नायब तहसीलदार आभा चौधरी साल 2023 में सदर तहसील में तैनात थीं। सदर तहसील में तैनाती के दौरान वह सुरसा क्षेत्र के फरीदापुर गांव में 71 काश्तकारों को कृषि योग्य भूमि का पट्टा दिया गया था। ग्राम पंचायत की भूमि प्रबंध समिति की ओर से 9 दिसंबर 2022 को तहसील में दिए गए प्रस्ताव की जांच नायब तहसीलदार, तहसीलदार और एसडीएम की ओर से की जानी थी। ताकि कोई अपात्र कृषि भूमि का पट्टा न पा सकें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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भूमि प्रबंध समिति की ओर से दिए गए प्रस्ताव पर जांच-पड़ताल की औपचारिकता पूरी कर 30 मई 2023 को तत्कालीन एसडीएम स्वाति शुक्ला ने स्वीकृति दे दी थी। 71 लोगों को किए गए पट्टा की पत्रावली को डीएम एमपी सिंह ने संज्ञान लिया था। एडीएम प्रियंका सिंह ने जांच की थी। पट्टा पाने वाले लोग अपात्र थे और 14 पात्रों को पट्टा से वंचित किया गया था।
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कृषि भूमि पट्टा आवंटन में गड़बड़ी से जुड़ी खबर अमर उजाला ने 13 अगस्त के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की थी। डीएम ने न्यायालय में पत्रावली तलब कर प्रस्ताव को निरस्त कर दिया था। इसी मामले में शासन ने तत्कालीन एसडीएम रहीं फर्रुखाबाद की एडीएम न्यायिक स्वाति शुक्ला और तत्कालीन तहसीलदार रहे एटा के एसडीएम डॉ. प्रतीत त्रिपाठी को तीन सितंबर को निलंबित कर दिया था। अब राजस्व परिषद ने नायब तहसीलदार आभा चौधरी से जवाब-तलब किया है।