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लीपापोती के लिए स्प्रिट और सैनिटाइजर से जलवाई दवाइयां
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फोटो-11- बुधवार के अंक में प्रकाशित खबर।
- फोटो : HARDOI
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हरियावां। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरियावां के पीछे मरीजों को वितरित करने के लिए आई दवाइयां और सीरप फेेंके जाने का मामला तूल पकड़ने के बाद महकमे के जिम्मेदारों ने लीपापोती शुरू कर दी है। चतुर्थश्रेणी के कर्मचारियों और कुछ बाहरी लोगों की मदद से फेंकी गईं दवाइयों को कूड़े के ढेर से हटवा दिया गया। बाद में सैनिटाइजर और स्प्रिट का इस्तेमाल कर उन दवाओं को आग के हवाले कर दिए गया जो हटाई नहीं जा सकीं।
सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी जिला अस्पताल की तरह मरीजों को वितरित करने के लिए निशुल्क दवाएं आती हैं। आमतौर पर जरूरत पड़ने पर मरीजों को दवा नहीं मिल पाती और उन्हें बाहर से दवा खरीदनी पड़ती है। उधर, दूसरी ओर अस्पताल में आने वालीं दवाएं लापरवाही के चलते फेंकी जाती हैं।
मंगलवार को सीएचसी हरियावां के पीछे भारी मात्रा में दवाएं और सीरप की शीशी कूड़े के ढेर में पड़ी मिली थीं। बुधवार को इस संबंध में अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद सीएचसी के जिम्मेदारों में खलबली मच गई।
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आनन फानन ही बुधवार को सीएचसी के पीछे सफाई कराई गई और यहां पड़ी दवाओं को हटवाया गया। जो दवाएं नहीं हटाई जा सकीं, उन्हें कूड़े के ढेर में रखकर स्प्रिट और सैनिटाइजर डालकर जलवा दिया गया। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अखिलेश वाजपेयी ने बताया कि अगर ऐसा किया गया है तो यह गलत है। एक अन्य आवश्यक जनहित के कार्य में व्यस्त होने के कारण प्रकरण दिखवा नहीं पाए। पूरे मामले के लिए जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी जिला अस्पताल की तरह मरीजों को वितरित करने के लिए निशुल्क दवाएं आती हैं। आमतौर पर जरूरत पड़ने पर मरीजों को दवा नहीं मिल पाती और उन्हें बाहर से दवा खरीदनी पड़ती है। उधर, दूसरी ओर अस्पताल में आने वालीं दवाएं लापरवाही के चलते फेंकी जाती हैं।
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मंगलवार को सीएचसी हरियावां के पीछे भारी मात्रा में दवाएं और सीरप की शीशी कूड़े के ढेर में पड़ी मिली थीं। बुधवार को इस संबंध में अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद सीएचसी के जिम्मेदारों में खलबली मच गई।
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आनन फानन ही बुधवार को सीएचसी के पीछे सफाई कराई गई और यहां पड़ी दवाओं को हटवाया गया। जो दवाएं नहीं हटाई जा सकीं, उन्हें कूड़े के ढेर में रखकर स्प्रिट और सैनिटाइजर डालकर जलवा दिया गया। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अखिलेश वाजपेयी ने बताया कि अगर ऐसा किया गया है तो यह गलत है। एक अन्य आवश्यक जनहित के कार्य में व्यस्त होने के कारण प्रकरण दिखवा नहीं पाए। पूरे मामले के लिए जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।

फोटो-09- कूड़े के ढ़ेर में पड़ी दवाइयों को जलाने के लिए उस पर सैनिटाइजर छिड़कता कर्मी। संवाद- फोटो : HARDOI

फोटो-10- आग लगाए जाने के बाद जलता कूड़ा व उसमें पड़ी दवाएं। संवाद- फोटो : HARDOI