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Hardoi News: ओटी में लगा हुआ था ताला, स्ट्रेचर पर होता रहा मरीज का इलाज, सीएमएस बोले- जल्द व्यवस्था होगी

Thu, 12 Jan 2023 12:28 AM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई Published by: कानपुर ब्यूरो Updated Thu, 12 Jan 2023 12:28 AM IST
सार

जिला अस्पताल में हादसों में घायल होकर आने वाले मरीजों के साथ खिलवाड़ हो रहा है। यहां ओटी में ताला लगा हुआ है और मरीजों का इलाज स्ट्रेचर पर किया जा रहा है।
 

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OT was locked and patient was being treated on stretcher in Hardoi
स्ट्रेचर पर होता इलाज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरदोई जिले में सर्दी बढ़ने के साथ ही अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है, मगर जिम्मेदारों ने इमरजेंसी की माइनर ओटी को अर्थो ओटी बना दिया है। इस वजह से ओटी पर ताला लगा है। ऐसे में सड़क हादसों के घायलों की सर्जरी व टांके लगने का काम बरामदे में स्ट्रेचर पर हो रहा है।

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मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में अधिकारियों की अनदेखी मरीजों को भारी पड़ रही है। सर्दी व कोहरे के चलते इन दिनों सड़क हादसों की संख्या बढ़ गई है। इन घायलों का अस्पताल की इमरजेंसी स्थित माइनर ओटी में इलाज होता था। यहीं पर घायलों की सर्जरी के साथ टांके लगाने का काम होता है।
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मगर यह ओटी 15 दिन पहले अर्थो विभाग को दे दी गई है। इसके चलते ओटी पर ताला लगा रहता है। जब डॉक्टर ओटी में आते हैं, तभी ताला खुलता है। दुर्घटनाओं में घायल होकर आने वाले घायलों का इलाज बरामदे में स्ट्रेचर पर होता है। कभी-कभी मरीज गंभीर होते हैं, तो उनके इलाज में दिक्कत आ जाती है।

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कहीं धन उगाही के चलते, तो नहीं लग गया ताला
ओटी के संचालन की जिम्मेदारी अर्थो विभाग को मिलने के बाद संबंधित मरीजों का ऑपरेशन होता है। हालांकि आर्थों के आपरेशन कम होने से इस पर ताला ही लगा रहता है। वहीं ऑपरेशन के नाम पर कई बार मरीजों से धन उगाही के मामले भी प्रकाश में आ चुके हैं। इसके अलावा इमरजेंसी की ओटी को आर्थों की ओटी बनने के बाद लोगों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

तीमारदारों की जुबानी....
कोतवाली देहात के मोहल्ला शिवपार निवासी अजय कुमार का कहना है कि उनके पड़ोस का युवक सड़क हादसे में घायल हो गया था। इलाज के लिए अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड आए। यहां ओटी में ताला लगा था। इससे स्ट्रेचर पर ही उसका इलाज हुआ। 

कोतवाली शहर के चंदी पुरवा निवासी नितिन का कहना है जिला अस्पताल की ओपीडी में करीब एक सप्ताह से ताला लगा है। यहां पर हादसों के घायलों का इलाज माइनर ओटी में नहीं हो रहा है। बल्कि बरामदे में बेंच पर ही टांके लगाए जा रहे हैं।

इमरजेंसी की माइनर ओटी को अर्थो ओटी बनाया गया है। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए माइनर ओटी की जल्द व्यवस्था की जाएगी। नया भवन मिलने वाला है। इसके बाद यह परेशानी दूर हो जाएगी।  -डॉ. जेएन तिवारी, सीएमएस जिला अस्पताल

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