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हत्या में तीन सगे भाइयों समेत चार को आजीवन कारावास
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हरदोई। पांच वर्ष पहले अतरौली थाना क्षेत्र में हुई महिला की हत्या के मामले में अपर जिला जज प्रथम संजीव कुमार सिंह ने तीन सगे भाइयों समेत चार लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। चारों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है।
अतरौली थाना क्षेत्र के ग्राम महादेव घाट खेरवा निवासी राम सहाय ने अपनी सहन की भूमि की सुरक्षा के लिए उसके चारों ओर टटिया लगा रखी थी। गांव के ही रुन्नी उर्फ रुनई, गोपाल कश्यप, कल्लर उर्फ कालीचरन पुत्रगण द्वारिका व सरवन पुत्र रुन्नी उर्फ रूनई अक्सर उक्त टटिया उखाड़ देते थे। 31 जुलाई 2015 को रात आठ बजे इसी रंजिश को लेकर रुन्नी उर्फ रुनई व उसके भाई व उसके पुत्र सरवन ने लाठी-डंडे लेकर रामसहाय के घर पर हमला कर दिया। चारों ने वादी की मां धन्नो को लाठी-डंडों से पीट दिया। बचाने आये गुरुदयाल, प्यारेलाल व बिटोला देवी को भी गंभीर चोटें आई थी। भरावन अस्पताल में इलाज के दौरान धन्नो की मौत हो गई थी।
न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश कुमार वाजपेयी ने पैरवी की। अदालत ने मुकदमे की सुनवाई पूरी कर चारों अभियुक्तों को हत्या के अपराध का दोषी पाया। चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
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अतरौली थाना क्षेत्र के ग्राम महादेव घाट खेरवा निवासी राम सहाय ने अपनी सहन की भूमि की सुरक्षा के लिए उसके चारों ओर टटिया लगा रखी थी। गांव के ही रुन्नी उर्फ रुनई, गोपाल कश्यप, कल्लर उर्फ कालीचरन पुत्रगण द्वारिका व सरवन पुत्र रुन्नी उर्फ रूनई अक्सर उक्त टटिया उखाड़ देते थे। 31 जुलाई 2015 को रात आठ बजे इसी रंजिश को लेकर रुन्नी उर्फ रुनई व उसके भाई व उसके पुत्र सरवन ने लाठी-डंडे लेकर रामसहाय के घर पर हमला कर दिया। चारों ने वादी की मां धन्नो को लाठी-डंडों से पीट दिया। बचाने आये गुरुदयाल, प्यारेलाल व बिटोला देवी को भी गंभीर चोटें आई थी। भरावन अस्पताल में इलाज के दौरान धन्नो की मौत हो गई थी।
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न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश कुमार वाजपेयी ने पैरवी की। अदालत ने मुकदमे की सुनवाई पूरी कर चारों अभियुक्तों को हत्या के अपराध का दोषी पाया। चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
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