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हंसी ठिठोली के बीच कुंवर कलेवा
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Tue, 03 Feb 2015 12:52 AM IST
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मेला श्रीरामलीला कमेटी के तत्वावधान में श्रीराम
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चंद्र की बारात के बाद सोमवार को जनक पुरी के दृश्यों का भावपूर्ण मंचन
किया गया। कलाकारों ने वैदिक मंत्रोच्चारण से हुए विवाह समेत कुंवर कलेवा
की लीला का सजीव मंचन किया। जिसे देखने के लिए लोगों की काफी भीड़ जुटी।
वहीं कलाकारों ने भी अपने मंचन से लोगों को प्रभावित कर लिया। कलाकारों ने मंचन में दिखाया कि धनुष टूटने के बाद राजा जनक निमंत्रण भेज कर महाराज दशरथ, भरत व शत्रुघभन को बुलाते हैं और श्रीराम समेत चारों पुत्रों का विवाह वैदिक रीति रिवाजों के अनुसार कराते हैं।
कलाकारों ने लीला का बड़ा ही भाव पूर्ण मंचन किया। लीला मंचन में कुंवर कलेवा की लीला को भी बड़े ही प्रभावपूर्ण ढंग से दिखाया। जिसमें सीता जी सखियों की हंसी ठिठोली का मंचन किया गया। इस दौरान मेला आयोजक राम प्रकाश शुक्ला, कृष्ण अवतार दीक्षित बाले, वियोग चंद्र मिश्र, संत कुमार सिंह, राकेश गुप्ता मौजूद रहे।
वहीं कलाकारों ने भी अपने मंचन से लोगों को प्रभावित कर लिया। कलाकारों ने मंचन में दिखाया कि धनुष टूटने के बाद राजा जनक निमंत्रण भेज कर महाराज दशरथ, भरत व शत्रुघभन को बुलाते हैं और श्रीराम समेत चारों पुत्रों का विवाह वैदिक रीति रिवाजों के अनुसार कराते हैं।
कलाकारों ने लीला का बड़ा ही भाव पूर्ण मंचन किया। लीला मंचन में कुंवर कलेवा की लीला को भी बड़े ही प्रभावपूर्ण ढंग से दिखाया। जिसमें सीता जी सखियों की हंसी ठिठोली का मंचन किया गया। इस दौरान मेला आयोजक राम प्रकाश शुक्ला, कृष्ण अवतार दीक्षित बाले, वियोग चंद्र मिश्र, संत कुमार सिंह, राकेश गुप्ता मौजूद रहे।