हरदोई। गंगा देवी इंटर कालेज में आयोजित काव्य गोष्ठी में कवियों ने अपनी रचनाओं से समा बांधा। इस दौरान कविता किसी हाल में भारत मां की शान नहीं जाने देंगे....काफी सराही गई। काव्य धारा में वीर रस, श्रृंगार, करुण, व्यंग आदि का अद्भुत संगम भी दिखा।
प्रधानाचार्य डॉ. अभिराम सिंह ने काव्य गोष्ठी की शुरुआत की। जिसमें कौशलेंद्र सिंह ने हे अमृतपुत्रों पृथ्वी के दिव्य शक्ति भंडार जगो, विश्व गुरु की संतति शाश्वत प्रज्ञा के भंडार जगो...पढ़कर सभी की तालियां बटोरीं। कवि रामदेव बाजपेई ने हुश्र की भी आरती करिए जनाब...गाकर सभी की वाहवाही लूटी। कवि विमल कुमार शुक्ला ने है व्हाइट मेरी राधा रानी, ब्लैक मनी घनश्याम जी..पढ़कर सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। पंकज पांडे ने तुम चले आओ कि कुछ बात अभी बांकी है..., कवि राजेश बाबू अवस्थी ने किसी हाल में भारत मां की शान नहीं जाने देंगे...व्यंग्यकार अनिल अनिकेत ने कहा कि लूट मची है परधानी में, कवनऊ का करि लेगा...गाकर सभी को तालियां बटोरीं। प्रियंका द्विवेदी ने पढ़ा है विनयभाव सबसे विनयवान हो, कवित्री पूर्णिमा मिश्रा ने पढ़ा कि वक्त के तरकशों में वो क्यों फंस गए, जानकर ये तमाशा वो क्यों थक गए..सभी का ध्यान अपनी ओर केंद्रित कर लिया। गुंजन मिश्र ने स्वार्थी मापदंडों को अपनाते राक्षसी इरादे, मुंह में जाम बगल में काम...., पवन कश्यप ने हे! चंदन, इस सकल भुवन में...पंक्तियां पढ़कर खूब तालियां बटोरीं। संचालन नितिश नयन व राजकुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर आलोक कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।