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महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Tue, 17 Mar 2015 12:26 AM IST
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गायत्री शक्ति पीठ के वार्षिकोत्सव पर कई आयोजनों की
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शुरुआत सोमवार को भव्य कलश यात्र के साथ हुई। जगह-जगह कलश यात्रा का स्वागत
किया गया। इस मौके पर टोली नायक आरवी शर्मा ने कहा कि सिर पर कलश धारण
करने वाली महिलाएं भाग्यशाली हैं, इसका लाभ उन्हें अवश्य मिलता है।
कलश यात्रा की शुरुआत सुबह नौ बजे से गायत्री शक्ति पीठ मझिया से हुई। यहां पर शांति कुंज हरिद्वार की टोली ने ‘मां तेरे चरणों में स्थान जो मिल जाए’ गीत पेश किया। दर्जनों महिलाओं ने पीत वस्त्र धारण किए और सिरों पर कलश रख कर गांव भ्रमण करने को निकलीं।
गांव के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी यात्रा में शामिल महिलाओं ने ‘गायत्री मां की जय’, ‘एक बनेंगे, नेक बनेंगे’ ‘अगर रोकनी है बर्बादी’ और ‘जैसी करनी, वैसी भरनी, आज नहीं तो निश्चित कल’ आदि उद्घोष लगाते हुए समाज सुधार का संदेश दिया। गांव में स्टाल लगाकर महिलाओं को जलपान आदि कराया गया।
कलश यात्रा ग्राम भ्रमण के पश्चात पुन: शक्तिपीठ पर पहुंची। यहां शांतिकुंज हरिद्वार से आई टोली के नायक आरवी शर्मा ने कहा कि कलश यात्रा में शामिल होने वाले लोग और सिर पर कलश धारण करने वाली महिलाएं बड़ी भाग्यशाली होती हैं। उन्हें इस श्रेष्ठ कार्य के लिए प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से लाभ मिलता है।
गायत्री परिवार से जुड़ने और ऐसे पुण्य करने से परिवार के लिए ऐसा सुरक्षा कवच तैयार होता है, जिसे मुसीबतें भेद नहीं सकतीं। इसके बाद कलश यात्रा में शामिल होने वाली महिलाओं की आरती उतारी गई और प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन में डा. महेंद्र पाल, रामआसरे, अशीष कुमार, रमेश सिंह, संतोष, आदित्य सिंह आदि मौजूद थे।
कलश यात्रा की शुरुआत सुबह नौ बजे से गायत्री शक्ति पीठ मझिया से हुई। यहां पर शांति कुंज हरिद्वार की टोली ने ‘मां तेरे चरणों में स्थान जो मिल जाए’ गीत पेश किया। दर्जनों महिलाओं ने पीत वस्त्र धारण किए और सिरों पर कलश रख कर गांव भ्रमण करने को निकलीं।
गांव के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी यात्रा में शामिल महिलाओं ने ‘गायत्री मां की जय’, ‘एक बनेंगे, नेक बनेंगे’ ‘अगर रोकनी है बर्बादी’ और ‘जैसी करनी, वैसी भरनी, आज नहीं तो निश्चित कल’ आदि उद्घोष लगाते हुए समाज सुधार का संदेश दिया। गांव में स्टाल लगाकर महिलाओं को जलपान आदि कराया गया।
कलश यात्रा ग्राम भ्रमण के पश्चात पुन: शक्तिपीठ पर पहुंची। यहां शांतिकुंज हरिद्वार से आई टोली के नायक आरवी शर्मा ने कहा कि कलश यात्रा में शामिल होने वाले लोग और सिर पर कलश धारण करने वाली महिलाएं बड़ी भाग्यशाली होती हैं। उन्हें इस श्रेष्ठ कार्य के लिए प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से लाभ मिलता है।
गायत्री परिवार से जुड़ने और ऐसे पुण्य करने से परिवार के लिए ऐसा सुरक्षा कवच तैयार होता है, जिसे मुसीबतें भेद नहीं सकतीं। इसके बाद कलश यात्रा में शामिल होने वाली महिलाओं की आरती उतारी गई और प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन में डा. महेंद्र पाल, रामआसरे, अशीष कुमार, रमेश सिंह, संतोष, आदित्य सिंह आदि मौजूद थे।