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Hardoi News: त्योहार से पहले थाली पर महंगाई का वार, शक्कर, आटा व तेल के दाम बढ़े
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हरदोई। त्योहारी सीजन में किराना और मेवा के दाम बढ़ने से आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ गया है। चीनी, चावल, दाल और मसालों से लेकर महंगे मेवा तक की कीमतों में उछाल आया है। इससे त्योहारों पर मिठाइयां और पकवान तैयार करना महंगा पड़ सकता है। बाजार में खरीदारी की मांग के बीच बढ़ते दामों ने ग्राहकों का बजट बिगाड़ दिया है।
त्योहारी सीजन के बीच आम लोगों की रसोई का खर्च बढ़ गया है। रसोई का बजट खाद्य तेल, चावल और शक्कर समेत मेवों की कीमतों में बढ़ोतरी ने बढ़ा दिया है। खाद्य तेल की कीमतें इस बार करीब 12 प्रतिशत तक बढ़ी हैं। जबकि केंद्र सरकार की तरफ से पाम ऑयल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी घटाया गया लेकिन कीमतों में राहत नहीं मिली।
व्यापारियों का कहना है कि वैश्विक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उत्पादन प्रभावित होने के कारण घरेलू कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है। इसी वजह से चीनी के दाम 51 से बढ़कर 62 रुपये किलो और चावल के भाव 50 से बढ़कर 60 रुपये किलो हो गए हैं। पिस्ता 300 से उछलकर 450 रुपये किलो और बादाम 1000 से बढ़कर 1300 रुपये किलो पहुंच गया है। हींग के दाम 200 से बढ़कर 280 रुपये तथा जीरा 280 से बढ़कर 400 रुपये किलो हो गया है। इसी तरह अरहर की दाल 130 से बढ़कर 150 रुपये किलो बताई जा रही है।
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आटा व चावल भी महंगा
दालों और चावल के दाम भी बढ़ गए हैं। इससे रसोई का बजट बिगड़ गया है। किराना व्यापारी मुकेश सोमवंशी ने बताया कि फुटकर में आटा 30 से बढ़कर 32-33 रुपये किलो पहुंच गया है। सरसों का तेल 182 की जगह 185 रुपये किलो हो गया है। 50 रुपये वाला चावल 56-57 रुपये किलो हो गया है। थोक में ही खाद्य सामग्री महंगी मिल रही है, ऐसे में कीमतें बढ़ी हैं।
. शक्कर, आटा, सरसों का तेल, चावल भी महंगा हो गया है। हल्दी, जीरा, कलौंजी आदि के भाव भी बढ़ गए हैं। शक्कर का स्टॉक बढ़ाया जा रहा है। दामों में रिकॉर्ड तेजी है।
मुकेश सोमवंशी, व्यापारी
. त्योहारी मांग के बीच आपूर्ति घटने से मेवा महंगा हो गया है। महंगे दामों के चलते ग्राहकों की खरीदारी प्रभावित हो सकती है। मिठाई में मेवा का ही इस्तेमाल बढ़ गया है।
विनोद कुमार गुप्ता, व्यापारी
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त्योहारी सीजन के बीच आम लोगों की रसोई का खर्च बढ़ गया है। रसोई का बजट खाद्य तेल, चावल और शक्कर समेत मेवों की कीमतों में बढ़ोतरी ने बढ़ा दिया है। खाद्य तेल की कीमतें इस बार करीब 12 प्रतिशत तक बढ़ी हैं। जबकि केंद्र सरकार की तरफ से पाम ऑयल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी घटाया गया लेकिन कीमतों में राहत नहीं मिली।
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व्यापारियों का कहना है कि वैश्विक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उत्पादन प्रभावित होने के कारण घरेलू कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है। इसी वजह से चीनी के दाम 51 से बढ़कर 62 रुपये किलो और चावल के भाव 50 से बढ़कर 60 रुपये किलो हो गए हैं। पिस्ता 300 से उछलकर 450 रुपये किलो और बादाम 1000 से बढ़कर 1300 रुपये किलो पहुंच गया है। हींग के दाम 200 से बढ़कर 280 रुपये तथा जीरा 280 से बढ़कर 400 रुपये किलो हो गया है। इसी तरह अरहर की दाल 130 से बढ़कर 150 रुपये किलो बताई जा रही है।
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आटा व चावल भी महंगा
दालों और चावल के दाम भी बढ़ गए हैं। इससे रसोई का बजट बिगड़ गया है। किराना व्यापारी मुकेश सोमवंशी ने बताया कि फुटकर में आटा 30 से बढ़कर 32-33 रुपये किलो पहुंच गया है। सरसों का तेल 182 की जगह 185 रुपये किलो हो गया है। 50 रुपये वाला चावल 56-57 रुपये किलो हो गया है। थोक में ही खाद्य सामग्री महंगी मिल रही है, ऐसे में कीमतें बढ़ी हैं।
. शक्कर, आटा, सरसों का तेल, चावल भी महंगा हो गया है। हल्दी, जीरा, कलौंजी आदि के भाव भी बढ़ गए हैं। शक्कर का स्टॉक बढ़ाया जा रहा है। दामों में रिकॉर्ड तेजी है।
मुकेश सोमवंशी, व्यापारी
. त्योहारी मांग के बीच आपूर्ति घटने से मेवा महंगा हो गया है। महंगे दामों के चलते ग्राहकों की खरीदारी प्रभावित हो सकती है। मिठाई में मेवा का ही इस्तेमाल बढ़ गया है।
विनोद कुमार गुप्ता, व्यापारी