गमगीन माहौल में सात फेरे हुए
अरवल
थाना क्षेत्र के बन्नामऊ निवासी भीमसेन के पुत्र अखिलेश की शादी सोमवार
रात बिलग्राम कोेतवाली क्षेत्र के ग्राम बसार निवासी रामविलास की बेटी से
हो रही थी। रात करीब 12 बजे फेरों की तैयारी चल रही थी। घर पर महिलाएं मंगल
गीत गा रही थीं तो जनवासे में जश्न चल रहा था।
तभी एक बाराती की मोबाइल की
घंटी बजी और बन्नामऊ के तीन युवकों की मौत की खबर मिली। इस खबर ने जश्न के
माहौल को चीख-पुकार में बदल दिया। बाराती बिलखने लगे और शादी की प्रक्रिया
भी कुछ देर के लिए रूक गई। तीनों युवकों के गांव के ही मूल निवासी होने की
वजह से ज्यादातर बाराती घटनास्थल की ओर भागे।
इस बीच कुछ रिश्तेदारों ने
सूझबूझ से काम लिया। दोनों पक्षों को समझाया बुझाया और शादी की रस्म पूरी
करवा दुल्हन की विदाई कराई। बताया जाता है कि मृतक शैलेंद्र अपने मां बाप
का एकलौता पुत्र था। उसकी मौत होने से परिवार का चिराग बुझा गया। जबकि
बुद्धि प्रकाश चार भाइयों में दूसरे नंबर पर था।
राम सुमिरन के तीन बच्चे
है। वहीं जिंदगी मौत के बीच जूझ रहे सुनील के दो पुत्रियां और एक पुत्र है।
घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। मृतक राम सुमिरन के चाचा लल्लन
बाबू ने बताया कि ये लोग बारात जाने के लिए बन्नामऊ निवासी रजनीश की बाइक
मांग कर ले आए थे। साथी की तबीयत खराब होने की वजह से सभी एक ही बाइक से
अस्पताल जाने के लिए निकले, लेकिन उन्हें क्या पता था सामने मौत खड़ी है।