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कारोबार को दी गई दुकानों पर करा लिया अवैध निर्माण
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हरदोई। अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत आवंटित दुकानों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पूरे जनपद की रिपोर्ट आने के बाद पता चला है कि 483 दुकानों में से 42 पर अवैध निर्माण कर लिया गया है। खास बात यह है कि अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम और समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों की निगाह के सामने अवैध निर्माण हो गए, लेकिन किसी ने उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी तक नहीं दी।
स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत आवंटित दुकानों को किराये पर उठाने और इन पर अवैध निर्माण कराने की गोपनीय शिकायत सीडीओ आकांक्षा राना को मिली थी। इस पर सीडीओ ने जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) श्रद्धा पांडेय को निर्देश दिए थे कि ऐसी सभी दुकानों का सत्यापन कराने के बाद आख्या उपलब्ध कराएं।
सत्यापन तो कराया गया, लेकिन आख्या फुटकर में दी गई। इसके बाद सीडीओ आकांक्षा राना ने पूरी रिपोर्ट को संकलित कराया तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। सूत्रों के मुताबिक जनपद में स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत कुल 483 दुकानें बनीं हैं। इन सभी दुकानों का सत्यापन किया गया। सत्यापन के दौरान पता चला कि 42 दुकानों पर अवैध निर्माण करा लिए गए हैं।
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इसके अलावा 178 दुकानों को आवंटियों ने किराये पर उठा दिया है। पूरी स्थिति सामने आने के बाद सीडीओ आकांक्षा राना ने गहरी नाराजगी जताई है। इस मामले में अवैध निर्माण करने वालों पर कार्रवाई के साथ ही दुकानों को किराये पर उठाने वाले लोगों का आवंटन भी निरस्त हो सकता है।
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स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत आवंटित दुकानों को किराये पर उठाने और इन पर अवैध निर्माण कराने की गोपनीय शिकायत सीडीओ आकांक्षा राना को मिली थी। इस पर सीडीओ ने जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) श्रद्धा पांडेय को निर्देश दिए थे कि ऐसी सभी दुकानों का सत्यापन कराने के बाद आख्या उपलब्ध कराएं।
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सत्यापन तो कराया गया, लेकिन आख्या फुटकर में दी गई। इसके बाद सीडीओ आकांक्षा राना ने पूरी रिपोर्ट को संकलित कराया तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। सूत्रों के मुताबिक जनपद में स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत कुल 483 दुकानें बनीं हैं। इन सभी दुकानों का सत्यापन किया गया। सत्यापन के दौरान पता चला कि 42 दुकानों पर अवैध निर्माण करा लिए गए हैं।
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इसके अलावा 178 दुकानों को आवंटियों ने किराये पर उठा दिया है। पूरी स्थिति सामने आने के बाद सीडीओ आकांक्षा राना ने गहरी नाराजगी जताई है। इस मामले में अवैध निर्माण करने वालों पर कार्रवाई के साथ ही दुकानों को किराये पर उठाने वाले लोगों का आवंटन भी निरस्त हो सकता है।