{"_id":"6058d27a8ebc3edbfe58e78d","slug":"if-you-do-not-understand-the-price-every-jug-of-water-will-drop-hardoi-news-knp619106011","type":"story","status":"publish","title_hn":"कीमत न समझी तो हर कंठ जल की बूंद-बूंद को तरसेगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कीमत न समझी तो हर कंठ जल की बूंद-बूंद को तरसेगा
विज्ञापन
जूनियर हाईस्कूल कुर्रिया में गोष्ठी के दौरान मौजूद छात्र छात्राएं व शिक्षक शिक्षिकाएं। संवाद
- फोटो : HARDOI
हरदोई। विश्व जल दिवस पर सोमवार को जूनियर हाईस्कूल कुर्रिया में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें वन रेंज अधिकारी रत्नेश श्रीवास्तव ने कहा कि जल की कीमत यदि अब भी लोगों ने नहीं जानी तो आने वाली पीढ़ियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
उन्होंने बच्चों, अभिभावकों व शिक्षक से बताया कि रियो डे जेनेरिया में 22 मार्च 1992 में पर्यावरण व विकास के लिए आयोजित संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में विश्व जल दिवस मनाने का एलान किया गया था।
बताया कि एक सर्वे के अनुसार विश्व के 105 अरब लोगों को पीने के लिए शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। तकनीकी व अन्य खराबी के चलते प्रत्येक दिन 17 से 45 प्रतिशत पानी बेकार में बह जाता है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इजरायल में औसतन दस सेंटीमीटर वर्षा होती है इस वर्षा में वह देश रिकार्ड अनाज का उत्पादन कर लेता है। उन्होंने कहा कि हमें फसलों की ऐसी नस्ल भी तैयारी करनी होगी जो कम पानी ले। गोष्ठी को प्रधानाचार्या उमा पांडे ने भी संबोधित किया।
विज्ञापन
उन्होंने बच्चों, अभिभावकों व शिक्षक से बताया कि रियो डे जेनेरिया में 22 मार्च 1992 में पर्यावरण व विकास के लिए आयोजित संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में विश्व जल दिवस मनाने का एलान किया गया था।
विज्ञापन
बताया कि एक सर्वे के अनुसार विश्व के 105 अरब लोगों को पीने के लिए शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। तकनीकी व अन्य खराबी के चलते प्रत्येक दिन 17 से 45 प्रतिशत पानी बेकार में बह जाता है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इजरायल में औसतन दस सेंटीमीटर वर्षा होती है इस वर्षा में वह देश रिकार्ड अनाज का उत्पादन कर लेता है। उन्होंने कहा कि हमें फसलों की ऐसी नस्ल भी तैयारी करनी होगी जो कम पानी ले। गोष्ठी को प्रधानाचार्या उमा पांडे ने भी संबोधित किया।