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Hardoi News: गांव-गांव पहुंच रहा अस्पताल, घर पर हो रहा मरीजों का इलाज
Thu, 18 Jan 2024 02:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Thu, 18 Jan 2024 02:07 AM IST
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कन्नौज। अस्पतालों में भले ही डॉक्टरों की कमी है, लेकिन मरीजों को चिकित्सा सुविधा उनके गांव में ही उपलब्ध करवाने के लिए शासन ने जिले में दो मोबाइल मेडिकल यूनिट की वैन संचालित कर रखी हैं। यह रोजाना एक गांव में पहुंचती हैं। यूनिट के डॉक्टर मरीजों का परीक्षण कर खून की जांच कराते हैं। मौके पर ही दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इससे मरीजों को अस्पताल का चक्कर नहीं लगाना पड़ता है।
दूर-दराज के मरीजों को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल तक की दौड़ लगानी पड़ती थी, जिसमें परेशानी के साथ ही मरीजों का किराया भी खर्च होता है। मरीजों की समस्या को देखते ही शासन ने सभी जिले में मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन कराया। इत्रनगरी में दो मोबाइल मेडिकल यूनिट की दो वैन संचालित हो रही हैं। इसमें डॉक्टर, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स के साथ एक चालक होता है।
डॉक्टर मरीजों का परीक्षण करते हैं और खून की जांच कराने की सलाह देते हैं। वैन में ही मशीन उपलब्ध रहती है जो तुरंत ही खून की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध करा देती है। इसके बाद फार्मासिस्ट व स्टाफ नर्स मरीज को दवाएं उपलब्ध कराते हैं। इससे मरीजों का समय और खर्च दोनों तो बच ही रहे हैं साथ ही घर पर ही इलाज हो जाता है। बुधवार को टीम ने सदर ब्लॉक के बंशीपुरवा गांव में डॉ. वसीम खान ने 63 मरीजों का परीक्षण किया। लैब टेक्नीशियन सौरभ कुमार ने खून की जांच कर इलाज किया और फार्मासिस्ट आकाश देववंशी और स्वास्थ्य कर्मी रवींद्र कुमार ने दवाएं उपलब्ध कराईं।
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इनसेट
पिछले साल 34,754 मरीजों का हुआ इलाज
प्रोग्राम मैनेजर समरजीत गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2023 में मोबाइल मेडिकल यूनिट की दोनों टीम ने 34,754 मरीजों का इलाज किया। जिसमें 11109 मरीजों की खून की जांच की गई। सर्दी के मौसम में सबसे अधिक मरीज खांसी, जुकाम, बुखार और सांस लेने में दिक्कत के आ रहे हैं।
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दूर-दराज के मरीजों को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल तक की दौड़ लगानी पड़ती थी, जिसमें परेशानी के साथ ही मरीजों का किराया भी खर्च होता है। मरीजों की समस्या को देखते ही शासन ने सभी जिले में मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन कराया। इत्रनगरी में दो मोबाइल मेडिकल यूनिट की दो वैन संचालित हो रही हैं। इसमें डॉक्टर, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स के साथ एक चालक होता है।
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डॉक्टर मरीजों का परीक्षण करते हैं और खून की जांच कराने की सलाह देते हैं। वैन में ही मशीन उपलब्ध रहती है जो तुरंत ही खून की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध करा देती है। इसके बाद फार्मासिस्ट व स्टाफ नर्स मरीज को दवाएं उपलब्ध कराते हैं। इससे मरीजों का समय और खर्च दोनों तो बच ही रहे हैं साथ ही घर पर ही इलाज हो जाता है। बुधवार को टीम ने सदर ब्लॉक के बंशीपुरवा गांव में डॉ. वसीम खान ने 63 मरीजों का परीक्षण किया। लैब टेक्नीशियन सौरभ कुमार ने खून की जांच कर इलाज किया और फार्मासिस्ट आकाश देववंशी और स्वास्थ्य कर्मी रवींद्र कुमार ने दवाएं उपलब्ध कराईं।
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पिछले साल 34,754 मरीजों का हुआ इलाज
प्रोग्राम मैनेजर समरजीत गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2023 में मोबाइल मेडिकल यूनिट की दोनों टीम ने 34,754 मरीजों का इलाज किया। जिसमें 11109 मरीजों की खून की जांच की गई। सर्दी के मौसम में सबसे अधिक मरीज खांसी, जुकाम, बुखार और सांस लेने में दिक्कत के आ रहे हैं।