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पांच सूत्रीय मांगों के लिए आशाएं भड़कीं
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sat, 23 May 2015 12:03 AM IST
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आशा एसोसिएशन ने मांगों को लेकर शुक्रवार को मुख्य
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चिकित्साधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। इस दौरान
उन्होंने पांच सूत्रीय मांगाें का ज्ञापन सीएमओ को सौंपा, जिसमें कहा कि
यदि उनका लंबित भुगतान समेत अन्य मांगें पूरी न हुईं, तो वह विभाग के
इंद्रधनुष कार्यक्रम का बहिष्कार करेंगी।
प्रदर्शन के दौरान आशा एसोसिएशन के अध्यक्ष ओमकार सिंह ने कहा कि आशा भुगतान 42 विजिट फार्म पिछले तीन वर्षों से जमा कराए जा रहे हैं, परंतु अब तक कोई भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि 250 रुपये प्रति फार्म की दर से वर्ष 2013 से पूर्ण भुगतान कराया जाए।
उन्होंने कहा कि आशाओं को उच्च योग्यता के आधार पर टीकाकरण एवं अन्य मातृ शिशु संरक्षण के लिए प्रशिक्षण दिलाया जाए, जिससे एएनएम के रिक्त पदों पर अवकाश आदि की स्थिति में राष्ट्रीय कार्यक्रम बाधित न होने पाए। जिलाध्यक्ष ने कहा कि आशाओं को एक हजार रुपये प्रतिमाह सुनिश्चित रूप से देने के शासनादेश वर्ष 14 का अनुपालन नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस शासनादेश को तत्काल प्रभाव से पूरे जनपद में लागू करवाया जाए, जिससे उत्तरदायी अधिकारी के विरुद्ध समयानुसार भुगतान न कराने पर जिम्मेदारी तय हो सके। इस मौके पर आशा ने प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. वीके गुप्ता को एक ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की।
दिए गए ज्ञापन में उक्त के अलावा आशा की समस्याओं को निपटाने के लिए एक नियमित ब्लाक स्तर पर कमेटी गठित करनेे, प्रत्येक सीएचसी एवं पीएचसी पर आशा को ठहरने की व्यवस्था अविलंब शुरू करने की भी मांगें भी शामिल हैं। इस मौके पर जिला संरक्षक विपिन श्रीवास्तव समेत काफी संख्या में आशा मौजूद थीं।
प्रदर्शन के दौरान आशा एसोसिएशन के अध्यक्ष ओमकार सिंह ने कहा कि आशा भुगतान 42 विजिट फार्म पिछले तीन वर्षों से जमा कराए जा रहे हैं, परंतु अब तक कोई भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि 250 रुपये प्रति फार्म की दर से वर्ष 2013 से पूर्ण भुगतान कराया जाए।
उन्होंने कहा कि आशाओं को उच्च योग्यता के आधार पर टीकाकरण एवं अन्य मातृ शिशु संरक्षण के लिए प्रशिक्षण दिलाया जाए, जिससे एएनएम के रिक्त पदों पर अवकाश आदि की स्थिति में राष्ट्रीय कार्यक्रम बाधित न होने पाए। जिलाध्यक्ष ने कहा कि आशाओं को एक हजार रुपये प्रतिमाह सुनिश्चित रूप से देने के शासनादेश वर्ष 14 का अनुपालन नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस शासनादेश को तत्काल प्रभाव से पूरे जनपद में लागू करवाया जाए, जिससे उत्तरदायी अधिकारी के विरुद्ध समयानुसार भुगतान न कराने पर जिम्मेदारी तय हो सके। इस मौके पर आशा ने प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. वीके गुप्ता को एक ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की।
दिए गए ज्ञापन में उक्त के अलावा आशा की समस्याओं को निपटाने के लिए एक नियमित ब्लाक स्तर पर कमेटी गठित करनेे, प्रत्येक सीएचसी एवं पीएचसी पर आशा को ठहरने की व्यवस्था अविलंब शुरू करने की भी मांगें भी शामिल हैं। इस मौके पर जिला संरक्षक विपिन श्रीवास्तव समेत काफी संख्या में आशा मौजूद थीं।