फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   hardoi news,Japan's Miyawaki technology will make the district green

जिले को हरा-भरा बनाएगी जापान की मियावाकी तकनीक

Tue, 10 May 2022 10:45 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 10 May 2022 10:45 PM IST
विज्ञापन
hardoi news,Japan's Miyawaki technology will make the district green
फोटो-25- शहाबुद्दीन पुर स्थित पौधशाला - फोटो : HARDOI
हरदोई। जापानी वनस्पति शास्त्री अकीरा मियावाकी की पद्घति से जिले को हरा-भरा बनाने में काम शुरू हो गया है। इस पद्घति से प्रत्येक ब्लॉक में 10 मियावाकी पौधशाला बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।
विज्ञापन

100 वर्ग मीटर जमीन पर एक पौधशाला बनाई जाएगी। इसमें 350 पौधे रोपे जाएंगे। इस कार्य में लगने वाला श्रम और धन मनरेगा और ग्राम निधि से खर्च होगा। इसमें तकनीकी सहयोग वन विभाग करेगा। पूरे जिले में 190 मियावाकी पौधशाला बनाई जानी हैं।
विज्ञापन

महज दो वर्षों में पौधों को पेड़ बनाने की जापानी तकनीक के सहारे जिले में हरियाली लौटाने की कवायद शुरू हो गई है। ग्राम समाज की बेकार पड़ीं जमीनों को चिह्नित कर इन पर पौधशाला तैयार की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले में करीब दो वर्ष पहले प्रयोग के तौर पर सदर तहसील के शहाबुद्दीनपुर गांव में इस तकनीक से पौधशाला बनाई जा चुकी है। इस पौधशाला में लगाए गए पौधे अब पेड़ बनकर खड़े हो चुके हैं।
इस पद्घति में कम स्थान पर ज्यादा पौधे कम समय में उगाए जा सकते हैं। जापान में विकसित इस तकनीक का प्रयोग देश के अन्य प्रदेशों में भी हो चुका है। अब इस तकनीक से जिले में बंजर जमीन पर भी हरियाली लाने का प्रयोग किया जा रहा है।
ऐसे बनाई जाएंगी मियावाकी पौधशाला
मियावाकी पद्घति में पौधों का रोपण काफी पास-पास एक-दूसरे से सटाकर किया जाता है। इससे पहले जमीन में गड्ढा खोदकर उसमें खाद भरकर उसे मिट्टी से बंद किया जाएगा। जमीन खुदाई व खाद भरकर मिट्टी डालने का काम मनरेगा से होगा। इसके बाद वन विभाग पौध रोपित कराएगा। करीब दो वर्षों में पौधे पेड़ का रूप ले लेंगे। तीन वर्ष में यह पेड़ पूरी तरह से परिपक्व हो जाएंगे। इस पद्घति में मिट्टी के अनुकूल प्रजाति के पौधे ही लगाए जाते हैं।
शहाबुद्दीन में तैयार हो गए बरगद, पीपल, पाकड़
सदर तहसील के ग्राम शहाबुद्दीनपुर गांव में वर्ष 2022 में लगाए गए नीम, बरगद, पीपल, पाकड़, आम, एलोवेरा और गिलोय के पौधे अब पेड़ की तरह तनकर खड़े हो चुके हैं। यहां 100 वर्ग मीटर की जमीन में 350 पौधे रोपित किए गए थे। इसकी सफलता के बाद अब पूरे जिले में मियावाकी पद्घति से पौधशालाएं बनाने की रणनीति पर काम शुरू हो गया है।

वर्जन
जिले के सभी 19 ब्लॉकों में 10-10 मियावाकी पौधशालाएं बनाए जाने की योजना है। इस योजना पर काम भी शुरू हो चुका है। मनरेगा के अलावा ग्रामसभा और वन विभाग के सहयोग से पौधशालाएं रोपित की जाएंगी। - पीसी चंद्रौल, उपायुक्त मनरेगा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed