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सीएचसी में पहली बार किया गर्भवती का सीजर
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फोटो-17-बिलग्राम सीएचसी में नवजात बच्चे के साथ प्रसूता
- फोटो : HARDOI
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बिलग्राम। सीएचसी में पहली बार सोमवार को डॉक्टरों ने गर्भवती का आपरेशन करके सफल प्रसव कराया। डॉक्टरों के मुताबिक जच्चा-बच्चा दोनों पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
सीएचसी में सीजर की सुविधा शुरू होने से क्षेत्र की जनता को काफी राहत मिलेगी। टीम ने वार्ड को फूल व गुब्बारों से सजाकर जच्चा- बच्चा को भर्ती किया है।
बिलग्राम सीएचसी में आपरेशन से प्रसव कराने की सुविधा नहीं थी। ऐसे में यहां पर गंभीर प्रसव केस आने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता था।
इस पर सीएचसी इंचार्ज डॉ. विनीत तिवारी लगातार उच्चाधिकारियों से आपरेशन की सुविधा के लिए ओटी व सर्जन आदि की तैनाती की मांग कर रहे थे। उनकी मांग को संज्ञान में लेते हुए कुछ माह पहले यहां पर सर्जन, एनेस्थीसिया के डॉक्टर की तैनाती की गई थी।
ओटी में सीजर से संबंधित उपकरण आदि भी उपलब्ध करा दिए गए थे। सोमवार को डाभा निवासी मनीष की पत्नी आरती को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन उसे सीएचसी लेकर आए।
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जहां पर उसका सामान्य प्रसव नहीं हो सका। इसके बाद सर्जन डॉ.स्मिता सिंह, डॉ. सतेंद्र गौतम एनेस्थीसिया, फर्मासिस्ट अनिल अवस्थी, स्टाफ नर्स शालिनी वर्मा, ओटी टेक्नीशियन विपन ने आपरेशन करके सफल प्रसव कराया।
30-35 हजार करने पड़ते थे खर्च
बता दें कि इससे पहले आपरेशन की स्थिति वाले केस यहां से जिला महिला अस्पताल रेफर किए जाते थे। इनमें से कई बार हालत गंभीर होने पर तीमारदार जिला मुख्यालय न ले जाकर निजी अस्पतालों में भर्ती कराते थे। जहां पर उन्हें 30 से 35 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते थे।
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सीएचसी में सीजर की सुविधा शुरू होने से क्षेत्र की जनता को काफी राहत मिलेगी। टीम ने वार्ड को फूल व गुब्बारों से सजाकर जच्चा- बच्चा को भर्ती किया है।
बिलग्राम सीएचसी में आपरेशन से प्रसव कराने की सुविधा नहीं थी। ऐसे में यहां पर गंभीर प्रसव केस आने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता था।
इस पर सीएचसी इंचार्ज डॉ. विनीत तिवारी लगातार उच्चाधिकारियों से आपरेशन की सुविधा के लिए ओटी व सर्जन आदि की तैनाती की मांग कर रहे थे। उनकी मांग को संज्ञान में लेते हुए कुछ माह पहले यहां पर सर्जन, एनेस्थीसिया के डॉक्टर की तैनाती की गई थी।
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ओटी में सीजर से संबंधित उपकरण आदि भी उपलब्ध करा दिए गए थे। सोमवार को डाभा निवासी मनीष की पत्नी आरती को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन उसे सीएचसी लेकर आए।
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जहां पर उसका सामान्य प्रसव नहीं हो सका। इसके बाद सर्जन डॉ.स्मिता सिंह, डॉ. सतेंद्र गौतम एनेस्थीसिया, फर्मासिस्ट अनिल अवस्थी, स्टाफ नर्स शालिनी वर्मा, ओटी टेक्नीशियन विपन ने आपरेशन करके सफल प्रसव कराया।
30-35 हजार करने पड़ते थे खर्च
बता दें कि इससे पहले आपरेशन की स्थिति वाले केस यहां से जिला महिला अस्पताल रेफर किए जाते थे। इनमें से कई बार हालत गंभीर होने पर तीमारदार जिला मुख्यालय न ले जाकर निजी अस्पतालों में भर्ती कराते थे। जहां पर उन्हें 30 से 35 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते थे।