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नौ सरकारी अस्पतालों में सीबीसी जांच ठप
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फोटो-01- बंद पड़ी सीबीसी जांच मशीन
- फोटो : HARDOI
हरदोई। कोरोना महामारी के बाद से शासन-प्रशासन का सबसे अधिक ध्यान स्वास्थ्य सेवाओं को चुस्त दुरुस्त करने पर रहा है। इसके बाद भी कई सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को मिलने वाली निशुल्क कंपलीट ब्लड काउंट (सीबीसी) जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं हैं।
इसके चलते मरीजों को निशुल्क जांच के लिए भी निजी पैथालॉजी में मोटी फीस चुकानी पड़ रही है। पड़ताल में जनपद की सात प्रमुख सीएचसी और पीएचसी में सीबीसी जांच की सुविधा ठप है।
इन सात स्वास्थ्य केंद्र के हजारों मरीजों को हर माह सीबीसी जांच के लिए निजी पैथालॉजी में लाइन लगानी पड़ रही है। जहां पर इस जांच के लिए उन्हें 400 रुपये शुल्क देना पड़ रहा है।
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वहीं जिन मरीजों की आर्थिक स्थिति सही नहीं होती है। उन्हें जिला अस्पताल या आसपास के अन्य सरकारी अस्पतालों तक दौड़ लगानी पड़ती है।
ऐसे में मरीजों को कई किलोमीटर अधिक की दूरी तक भागदौड़ करने के साथ समय व किराया भी खर्च करना पड़ रहा है। बता दें कि जिले में 21 सामुदायिक और 43 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं।
बिलग्राम - सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सीबीसी मशीन कई महीनों से मशीन खराब पड़ी है।
कछौना - सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सीबीसी मशीन है, लेकिन रिजेंट नहीं। इसके लिए सात बार पत्र लिखा गया है।
पिहानी - सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन महीने से सीबीसी मशीन खराब पड़ी है।
शाहाबाद - सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मशीन है, छह माह से रिजेंट नहीं होने से जांच बंद है।
हरियावां - सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सीबीसी मशीन है, लेकिन जांच नहीं की जा रही है।
कोथावां - प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सीबीसी मशीन है, रिजेंट नहीं होने से जांच शुरू नहीं है।
मल्लावां - सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सीबीसी मशीन है लेकिन अभी तक जांचें शुरू नहीं हो सकी हैं।
दो केंद्रों में नहीं मशीन
जिले के टोडरपुर और बेहटा गोकुल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सीबीसी जांच मशीन नहीं है। इस कारण यहां के मरीजों को जांच के लिए जिला अस्पताल या आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों में जाना पड़ता है।
मरीजों की बात
पिहानी कस्बे के मोहल्ला नागर निवासी इकबाल ने बताया कि उन्हें बुखार आ रहा था। बुधवार को पिहानी सीएचसी में दवा लेने गए। डॉक्टर ने सीबीसी जांच लिखी। यहां बताया गया कि सीबीसी मशीन खराब है। इसके चलते निजी पैथालॉजी में चार सौ रुपये देकर जांच करानी पड़ी।
कस्बे के ही कोटकलां निवासी सिकंदर ने बताया कि उनकी पत्नी नरगिस को पिछले कई दिन से बुखार आ रहा था। गुरुवार को सीएचसी में इलाज कराने पहुंचे। जहां पर डॉक्टर ने सीबीसी जांच लिखी।
बताया कि यहां पर मशीन खराब है। जिला अस्पताल से जांच करा सकते हो। सिकंदर ने बताया कि जिला अस्पताल की दूरी करीब 25 किलोमीटर है। ऐसे में मजबूर होकर कस्बे मेें ही एक निजी पैथालॉजी में 400 रुपये देकर जांच करानी पड़ी।
सीबीसी में खून की 20 प्रकार की होती हैं जांचें
डॉक्टरों ने बताया कि सीबीसी मशीन की सहायता से खून की लगभग 20 तरह की जांच की जाती है। इसमें हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स, एमसीवी, आरसीबी, एमसीएच, डब्लूबीसी, टीएलसी व डीएलसी समेत कई अन्य जांचें होती हैं। सीबीसी में खून में मौजूद लाल रक्त कणिकाएं, सफेद रक्त कणिकाएं और प्लेटलेट्स की संख्या एवं उनका आकार देखा जाता है।
वर्जन
जिन केंद्र पर केमिकल नहीं होने से जांच बंद है। वहीं दो दिन में केमिकल उपलब्ध कराकर मरीजों की जांच शुरू करा दी जाएगी। इसके अलावा जिन सीएचसी व पीएचसी में स्टाफ या मशीनें खराब हैं, एक सप्ताह में व्यवस्थाएं दुरुस्त कराकर मरीजों के लिए सीबीसी जांच की सुविधा उपलब्ध करा देंगे। - डॉ. ओपी तिवारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, हरदोई
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इसके चलते मरीजों को निशुल्क जांच के लिए भी निजी पैथालॉजी में मोटी फीस चुकानी पड़ रही है। पड़ताल में जनपद की सात प्रमुख सीएचसी और पीएचसी में सीबीसी जांच की सुविधा ठप है।
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इन सात स्वास्थ्य केंद्र के हजारों मरीजों को हर माह सीबीसी जांच के लिए निजी पैथालॉजी में लाइन लगानी पड़ रही है। जहां पर इस जांच के लिए उन्हें 400 रुपये शुल्क देना पड़ रहा है।
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वहीं जिन मरीजों की आर्थिक स्थिति सही नहीं होती है। उन्हें जिला अस्पताल या आसपास के अन्य सरकारी अस्पतालों तक दौड़ लगानी पड़ती है।
ऐसे में मरीजों को कई किलोमीटर अधिक की दूरी तक भागदौड़ करने के साथ समय व किराया भी खर्च करना पड़ रहा है। बता दें कि जिले में 21 सामुदायिक और 43 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं।
बिलग्राम - सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सीबीसी मशीन कई महीनों से मशीन खराब पड़ी है।
कछौना - सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सीबीसी मशीन है, लेकिन रिजेंट नहीं। इसके लिए सात बार पत्र लिखा गया है।
पिहानी - सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन महीने से सीबीसी मशीन खराब पड़ी है।
शाहाबाद - सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मशीन है, छह माह से रिजेंट नहीं होने से जांच बंद है।
हरियावां - सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सीबीसी मशीन है, लेकिन जांच नहीं की जा रही है।
कोथावां - प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सीबीसी मशीन है, रिजेंट नहीं होने से जांच शुरू नहीं है।
मल्लावां - सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सीबीसी मशीन है लेकिन अभी तक जांचें शुरू नहीं हो सकी हैं।
दो केंद्रों में नहीं मशीन
जिले के टोडरपुर और बेहटा गोकुल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सीबीसी जांच मशीन नहीं है। इस कारण यहां के मरीजों को जांच के लिए जिला अस्पताल या आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों में जाना पड़ता है।
मरीजों की बात
पिहानी कस्बे के मोहल्ला नागर निवासी इकबाल ने बताया कि उन्हें बुखार आ रहा था। बुधवार को पिहानी सीएचसी में दवा लेने गए। डॉक्टर ने सीबीसी जांच लिखी। यहां बताया गया कि सीबीसी मशीन खराब है। इसके चलते निजी पैथालॉजी में चार सौ रुपये देकर जांच करानी पड़ी।
कस्बे के ही कोटकलां निवासी सिकंदर ने बताया कि उनकी पत्नी नरगिस को पिछले कई दिन से बुखार आ रहा था। गुरुवार को सीएचसी में इलाज कराने पहुंचे। जहां पर डॉक्टर ने सीबीसी जांच लिखी।
बताया कि यहां पर मशीन खराब है। जिला अस्पताल से जांच करा सकते हो। सिकंदर ने बताया कि जिला अस्पताल की दूरी करीब 25 किलोमीटर है। ऐसे में मजबूर होकर कस्बे मेें ही एक निजी पैथालॉजी में 400 रुपये देकर जांच करानी पड़ी।
सीबीसी में खून की 20 प्रकार की होती हैं जांचें
डॉक्टरों ने बताया कि सीबीसी मशीन की सहायता से खून की लगभग 20 तरह की जांच की जाती है। इसमें हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स, एमसीवी, आरसीबी, एमसीएच, डब्लूबीसी, टीएलसी व डीएलसी समेत कई अन्य जांचें होती हैं। सीबीसी में खून में मौजूद लाल रक्त कणिकाएं, सफेद रक्त कणिकाएं और प्लेटलेट्स की संख्या एवं उनका आकार देखा जाता है।
वर्जन
जिन केंद्र पर केमिकल नहीं होने से जांच बंद है। वहीं दो दिन में केमिकल उपलब्ध कराकर मरीजों की जांच शुरू करा दी जाएगी। इसके अलावा जिन सीएचसी व पीएचसी में स्टाफ या मशीनें खराब हैं, एक सप्ताह में व्यवस्थाएं दुरुस्त कराकर मरीजों के लिए सीबीसी जांच की सुविधा उपलब्ध करा देंगे। - डॉ. ओपी तिवारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, हरदोई

फोटो-02- सीएमओ डॉक्टर ओपी तिवारी- फोटो : HARDOI