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हरदोईः देहात कोतवाली इंस्पेक्टर पर कार्रवाई के लिए एसपी को भेजा पत्र

Sun, 04 Sep 2022 06:00 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 04 Sep 2022 06:00 PM IST
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Hardoi, Letter sent to SP for action on countryside Kotwali inspector
हरदोई। जमानत प्रार्थना पत्र पर समय रहते आख्या न लगाने के मामले को सीजेएम संजय कुमार गोंड ने संज्ञान लिया है। उन्होंने एसपी को पत्र भेजकर प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की बात कही है। इसके साथ ही एक सप्ताह के अंदर आख्या मांगी है।
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अभियुक्त नरेश ने सीजेएम कोर्ट में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें बताया था कि उच्च न्यायालय से जमानत मंजूर होने के बाद 22 अगस्त 2022 को उसके अभिलेखों का सत्यापन के लिए देहात कोतवाली भेजे गए थे।
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पुलिस की सत्यापन रिपोर्ट दो सितंबर तक नहीं भेजी। जबकि तहसील से सत्यापन रिपोर्ट आ चुकी है। कोतवाली से आख्या न आने के कारण उसकी जमानत पर रिहाई रुकी है।
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सीजेएम ने प्रार्थना पत्र मिलने के बाद इसका संज्ञान लेते हुए कहा कि उच्च न्यायालय ने जमानत याचिका 16 अगस्त 2022 को स्वीकार कर जमानत कागजात को सत्यापन करने के बाद न्यायालय को रिहा करने का आदेश पारित किया है।
आदेश के क्रम में जमानत के कागजात 22 अगस्त को कोतवाली देहात एवं तहसील को भेजे गए थे। कोतवाली देहात से सत्यापन की कोई भी आख्या न्यायालय में प्रेषित नहीं की गई जबकि तहसील ने आख्या एक सप्ताह के अंदर ही प्रस्तुत कर दी है।
इस संबंध में 31 अगस्त को जब अभियुक्त नरेश ने सीजेएम को आख्या तलब करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया तब न्यायालय ने प्रभारी निरीक्षक कोतवाली देहात को स्पष्टीकरण के साथ उपस्थित होने के लिए पहली सितंबर को आदेशित किया था लेकिन प्रभारी निरीक्षक कोतवाली देहात न्यायालय नहीं आए और न ही उनके द्वारा सत्यापन की आख्या भेजी गई।
सीजेएम ने कहा कि प्रभारी निरीक्षक का कार्य उच्च न्यायालय के आदेश की जानबूझकर अवहेलना की प्रकृति में आता है। अभियुक्त की याचना स्वीकार कर उसे रिहा करने का आदेश दिया गया है।

सीजेएम ने अपने पत्र में कहा है कि आख्या प्रस्तुत करने के साथ एसपी को समस्त थानाध्यक्षों को भी इस तरह की अवहेलना करने से बचने के लिए आदेशित करने को कहा है।
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