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कछौना को मिली सूबे की पहली डिजिटल बीआरसी की सौगात
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कस्बे मेें गुरुवार को ब्लाक संसाधन केंद्र पर बेसिक शिक्षा विभाग व एचसीएल फाउंडेशन के सहयोग से प्रदेश की पहली आधुनिक खंड शिक्षा संदर्भ केंद्र का उद्घाटन किया गया।
कार्यक्रम में एचसीएल समुदाय के डायरेक्टर आलोक वर्मा ने कहा कि परिवेश में हम कहीं पीछे न रह जाएं, इसलिए इस गैप का एचसीएल समुदाय संसाधन, अवसर व प्रशिक्षण के माध्यम से भरने का प्रयास कर रहा है।
शिक्षकों व बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए लाइव क्लासेज के माध्यम से बच्चों को शिक्षा दी जाएगी। डिजिटल माध्यम से स्कूलों का माहौल भी बदलेगा।
उन्होंने कहा कि सामाजिक प्रणाली में काफी बदलाव हो रहा है। इस प्रयास से शिक्षक व बच्चे अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्लॉक कछौना में परियोजना की शुरुआत वर्ष 2015 से की गई। प्रोजेक्टर के माध्यम से प्राथमिक स्कूलों में एक छोटी सी शुरुआत की गई और अब धीरे-धीरे कछौना एक अच्छे प्रेरक के रूप में जिला, प्रदेश एवं देश में नाम रोशन करने के लिए अग्रसर है।
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एचसीएल की तरफ से राधेश्याम दीक्षित व आशीष कुमार ने बताया कि एडवांस टेक्नोलॉजी विकसित कर बच्चों को एक बेहतर मंच उपलब्ध करा रहे हैं।
बीईओ मनोज कुमार बोस ने कहा कि यह एचसीएल के शिव नाडर की अच्छी सोच का परिणाम है। जनता की भलाई के लिए धन का सही उपयोग देश के बेहतर भविष्य में खर्च कर रहे हैं। परिषदीय विद्यालयों के अंदर छुपी प्रतिभाओं का विकास करना है।
एचसीएल टीम का ही प्रयास है जो खेलकूद के लिए एक मैदान मिला है जिसे सही विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि कोठारी आयोग का मिशन था कि बीआरसी, सीआरसी को रोल मॉडल के रूप में विकसित किया जाए। सीमित संसाधनों में बीआरसी को बेहतर करने के लिए सदैव प्रयासरत हैं।
इस मौके पर कार्यक्रम का संचालन राघवेंद्र कुमार मिश्र ने किया। इस मौके पर जिला समन्यक प्रशिक्षण राकेश शुक्ला, शिक्षक रामनरेश त्रिपाठी, प्रवीण कुमार, श्वेता विश्वकर्मा, आरती द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
जिला समन्वयक प्रशिक्षण राकेश शुक्ला का कहना है कि यह सूबे की पहली ऐसी बीआरसी है, जहां डिजिटल बोर्ड लगाया गया है। पूरे प्रदेश में कहीं नहीं हैं। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरा, प्रोजेक्टर सहित सभी कुछ है, जिसके माध्यम से शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा सकता है।
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कार्यक्रम में एचसीएल समुदाय के डायरेक्टर आलोक वर्मा ने कहा कि परिवेश में हम कहीं पीछे न रह जाएं, इसलिए इस गैप का एचसीएल समुदाय संसाधन, अवसर व प्रशिक्षण के माध्यम से भरने का प्रयास कर रहा है।
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शिक्षकों व बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए लाइव क्लासेज के माध्यम से बच्चों को शिक्षा दी जाएगी। डिजिटल माध्यम से स्कूलों का माहौल भी बदलेगा।
उन्होंने कहा कि सामाजिक प्रणाली में काफी बदलाव हो रहा है। इस प्रयास से शिक्षक व बच्चे अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्लॉक कछौना में परियोजना की शुरुआत वर्ष 2015 से की गई। प्रोजेक्टर के माध्यम से प्राथमिक स्कूलों में एक छोटी सी शुरुआत की गई और अब धीरे-धीरे कछौना एक अच्छे प्रेरक के रूप में जिला, प्रदेश एवं देश में नाम रोशन करने के लिए अग्रसर है।
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एचसीएल की तरफ से राधेश्याम दीक्षित व आशीष कुमार ने बताया कि एडवांस टेक्नोलॉजी विकसित कर बच्चों को एक बेहतर मंच उपलब्ध करा रहे हैं।
बीईओ मनोज कुमार बोस ने कहा कि यह एचसीएल के शिव नाडर की अच्छी सोच का परिणाम है। जनता की भलाई के लिए धन का सही उपयोग देश के बेहतर भविष्य में खर्च कर रहे हैं। परिषदीय विद्यालयों के अंदर छुपी प्रतिभाओं का विकास करना है।
एचसीएल टीम का ही प्रयास है जो खेलकूद के लिए एक मैदान मिला है जिसे सही विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि कोठारी आयोग का मिशन था कि बीआरसी, सीआरसी को रोल मॉडल के रूप में विकसित किया जाए। सीमित संसाधनों में बीआरसी को बेहतर करने के लिए सदैव प्रयासरत हैं।
इस मौके पर कार्यक्रम का संचालन राघवेंद्र कुमार मिश्र ने किया। इस मौके पर जिला समन्यक प्रशिक्षण राकेश शुक्ला, शिक्षक रामनरेश त्रिपाठी, प्रवीण कुमार, श्वेता विश्वकर्मा, आरती द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
जिला समन्वयक प्रशिक्षण राकेश शुक्ला का कहना है कि यह सूबे की पहली ऐसी बीआरसी है, जहां डिजिटल बोर्ड लगाया गया है। पूरे प्रदेश में कहीं नहीं हैं। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरा, प्रोजेक्टर सहित सभी कुछ है, जिसके माध्यम से शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा सकता है।