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Hardoi News: माधव से कहा, सामने सब अपने हैं, जवाब था अपने हैं तो सामने क्यों...

Fri, 25 Sep 2026 11:23 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 25 Sep 2026 11:23 PM IST
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I said to Madhav, "Everyone before us is our own." The reply was, "If they are our own, then why are they standing *before* us?"
संडीला। श्री महावीर जी झंडा मेले में बृहस्पतिवार रात पुरानी गल्ला मंडी परिसर में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन हुआ। लखनऊ की कवयित्री शशि श्रेया ने सुनाया कि मैंने माधव से कहा, सामने सब अपने, जवाब था अगर अपने तो सामने क्यों।
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कवि सम्मेलन की अध्यक्षता और संचालन करते हुए कवि लटूरी लट्ठ ने अपनी रचना की प्रस्तुति दी। सुनाया कि चाहते हो यदि राम जी को जानना, तो तुलसी की मानस को सुनिए-सुनाइए...। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. शिप्रा ने सरस्वती वंदना से की। बैसवारा से आए कवि सौरभ शुक्ला ने रचना सुनाई कि चाहत हैं उपकारी ये तन हो जाए, सब कुछ मेरा राम रतन धन हो जाए। हनुमत जैसा भाग्य हमारा कहां भला, किंतु गिलहरी जैसा जीवन हो जाए। रायबरेली के कवि नीरज पांडेय ने सुनाया कि कदम जब तक हमें मंजिल तलक पहुंचा नहीं देंगे, थके को पांव तक आने का हम मौका नहीं देंगे।
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बाराबंकी के हास्य कवि प्रदीप महाजन ने अपनी प्रस्तुति से खूब हंसाया। सुनाया कि हम थे गुरु परंतु कर्मचारी बन गए, सौ-दो सौ को सिखाने में मदारी बन गए। बरेली के वीररस के कवि कमलकांत तिवारी ने देशभक्ति की रचना सुनाई, मां भारती के शीश को कटने नहीं देंगे, सम्मान अपनी भूमि का घटने नहीं देंगे। सतना के हास्य कवि रवि चतुर्वेदी ने राजनीतिक व्यंग्य प्रस्तुत करते हुए सुनाया, राजनीति में गए और फिर बिके नहीं, ऐसे जनप्रतिनिधि होने का क्या मतलब। मधुप श्रीवास्तव नरकंकाल ने ग्रामीण परिवेश पर आधारित रचना सुनाकर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं। संडीला की कवयित्री प्रियंका द्विवेदी ने मां जानकी पर आधारित रचना प्रस्तुत की।
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कुछ देर हुई बारिश के कारण कवि सम्मेलन को रोकना भी पड़ा। बारिश थमते ही श्रोता दोबारा कार्यक्रम स्थल पर आ गए। कवियों ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया। इस मौके पर मेला कमेटी अध्यक्ष शैलेश अग्निहोत्री, अजय कुमार द्विवेदी, प्रांशु सोनी, राजकुमार, कैलाश सहित बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे।
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