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Hardoi News: हरदोईः प्रत्येक ब्लॉक में बनेंगे पांच-पांच आश्रयस्थल
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हरदोई। निराश्रित गोवंशों को संरक्षित किए जाने के लिए प्रत्येक ब्लॉक में पांच-पांच अस्थायी पशु आश्रयस्थल बनवाए जाएंगे। बीडीओ, वीओ (पशु चिकित्साधिकारी) और एसडीएम को भूमि चिह्नित कराते हुए प्रस्ताव पशुपालन विभाग को भेजने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार 2.0 में भी गोवंश संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। वहीं निकाय चुनाव और रबी फसलों को हो रहे नुकसान के दृष्टिगत इस वित्तीय वर्ष में शत-प्रतिशत निराश्रित गोवंश के संरक्षित कराने का लक्ष्य रखा गया है।
बताया गया कि यहां पर 30,409 निराश्रित गोवंशों को संरक्षित करने का लक्ष्य है। इनमें से 21,659 गोवंश 221 पशु आश्रयस्थलों में संरक्षित हैं। 4900 गोवंश पशुपालकों को मुख्यमंत्री भरण-पोषण सहभागिता योजना में गोद दिए गए हैं। 4070 गोवंश छुट्टा श्रेेेणी में चिह्नित हैं। वहीं 13 निकायों में भी करीब 847 गोवंश छुट्टा चिह्नित हुए हैं।
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इन गोवंशों को संरक्षित किए जाने के लिए यह रणनीति तय की गई है। सीवीओ डॉ. सीवी सिंह ने बताया कि आठ आश्रयस्थल निर्माणाधीन हैं, इन्हें जल्द पूरा कराने के लिए कहा गया है।
वर्जन
छुट्टा गोवंशों को संरक्षित कराने की अधिकारियों को संयुक्त जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही प्रत्येक ब्लॉक में पांच-पांच और नवीन अस्थायी आश्रयस्थल बनवाए जाएंगे। प्रस्ताव प्राप्त होते ही पंचायतीराज विभाग और मनरेगा मद से काम कराया जाएगा। - मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी
भरण-पोषण राशि के लिए निदेशक से की वार्ता
डीएम एमपी सिंह ने बताया कि अस्थायी पशु आश्रयस्थलों में संरक्षित गोवंशों के भरण-पोषण के लिए दी जाने वाली प्रति पशु प्रतिदिन 30 रुपये की राशि के संबंध में सोमवार को पशुपालन विभाग के निदेशक से फोन पर वार्ता की। उन्हें बताया गया है कि 6.98 करोड़ की पंचायतों की देनदारी हो गई है। इसके लिए बजट की आवश्यकता है। निदेशक ने जल्द ही 3.50 करोड़ रिलीज किए जाने के प्रति आश्वास्त किया है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार 2.0 में भी गोवंश संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। वहीं निकाय चुनाव और रबी फसलों को हो रहे नुकसान के दृष्टिगत इस वित्तीय वर्ष में शत-प्रतिशत निराश्रित गोवंश के संरक्षित कराने का लक्ष्य रखा गया है।
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बताया गया कि यहां पर 30,409 निराश्रित गोवंशों को संरक्षित करने का लक्ष्य है। इनमें से 21,659 गोवंश 221 पशु आश्रयस्थलों में संरक्षित हैं। 4900 गोवंश पशुपालकों को मुख्यमंत्री भरण-पोषण सहभागिता योजना में गोद दिए गए हैं। 4070 गोवंश छुट्टा श्रेेेणी में चिह्नित हैं। वहीं 13 निकायों में भी करीब 847 गोवंश छुट्टा चिह्नित हुए हैं।
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इन गोवंशों को संरक्षित किए जाने के लिए यह रणनीति तय की गई है। सीवीओ डॉ. सीवी सिंह ने बताया कि आठ आश्रयस्थल निर्माणाधीन हैं, इन्हें जल्द पूरा कराने के लिए कहा गया है।
वर्जन
छुट्टा गोवंशों को संरक्षित कराने की अधिकारियों को संयुक्त जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही प्रत्येक ब्लॉक में पांच-पांच और नवीन अस्थायी आश्रयस्थल बनवाए जाएंगे। प्रस्ताव प्राप्त होते ही पंचायतीराज विभाग और मनरेगा मद से काम कराया जाएगा। - मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी
भरण-पोषण राशि के लिए निदेशक से की वार्ता
डीएम एमपी सिंह ने बताया कि अस्थायी पशु आश्रयस्थलों में संरक्षित गोवंशों के भरण-पोषण के लिए दी जाने वाली प्रति पशु प्रतिदिन 30 रुपये की राशि के संबंध में सोमवार को पशुपालन विभाग के निदेशक से फोन पर वार्ता की। उन्हें बताया गया है कि 6.98 करोड़ की पंचायतों की देनदारी हो गई है। इसके लिए बजट की आवश्यकता है। निदेशक ने जल्द ही 3.50 करोड़ रिलीज किए जाने के प्रति आश्वास्त किया है।