{"_id":"633c5c100a8d3f73f5767116","slug":"hardoi-even-after-spending-crores-villages-are-not-online-hardoi-news-knp721665935","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरदोईः करोड़ों खर्च फिर भी गांव नहीं हुए ऑनलाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरदोईः करोड़ों खर्च फिर भी गांव नहीं हुए ऑनलाइन
विज्ञापन
फोटो-23- बीएसएनएल कार्यालय
- फोटो : HARDOI
हरदोई। ग्राम पंचायतों को नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (भारत-नेट) से जोड़ने के लिए करोड़ों रुपये खर्च हो गए। इसके बाद भी ग्राम पंचायतें ऑनलाइन नहीं हो सकी।
हालात ये हैं कि पंचायतें डाटा कनेक्टीविटी कनेक्शन लेने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहीं हैं। ऐसे में 50 फीसदी से अधिक ग्राम पंचायतों के सचिवालय अभी तक ऑफलाइन हैं।
नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क योजना के तहत जिले के 13 ब्लॉकों की 833 ग्राम पंचायतों तक बीएसएनएल का नेटवर्क पहुंच चुका है। इन ब्लॉकों में केबिल डालने पर लगभग 85 करोड़ रुपये खर्च हो चुका हैं। योजना के तहत ग्राम पंचायतों तक कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए लगभग 1700 किलोमीटर ओएफसी डाली जा चुकी है। प्रति किलोमीटर औसतन पांच लाख का खर्च आया है।
विज्ञापन
अब शेष रहे बावन, बिलग्राम, टड़ियावां, अहिरोरी, हरपालपुर और बेंहदर ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में 750 किलोमीटर ओएफसी डालने की कार्ययोजना पर काम चल रहा है। इन ब्लॉक क्षेत्रों की 473 ग्राम पंचायतों को जोड़ने के लिए यह कार्य पूरा किया जाना है। नेटवर्क से जुड़ चुकी ग्राम पंचायतों की ओर से कनेक्शन लेने में रुचि नहीं दिखाई गई है।
ऐसे में जहां गांव ऑफलाइन हैं, वहीं बीएसएनएल के हाथ राजस्व के नाम पर खाली हैं। ऐसे में बीएसएनएल ने शहर से लेकर गांवों तक फाइबर टू होम के जरिये बेसिक फोन और डाटा सर्विस एक साथ देने की तैयारी की है। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर फ्रेंचाइजी बनाई जा रही हैं।
गांवों में फिर से बजेगी ट्रिंग ट्रिंग
फाइबर टू होम (एफटीएच) के सेवा के जरिये अब बीएसएनएल शहर से लेकर गांव-गांव तक इंटरनेट व टेलीफोन कनेक्शन देने की तैयारी कर रहा है। शहर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में फ्रेंचाइजी के माध्यम से कनेेक्शन दिए जा रहे हैं। फाइबर टू होम के लिए ओएफसी नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए प्लान के अनुसार स्मार्ट टीवी को चलाने की भी सुविधा दी जा रही है।
पुराने टेलीफोन नंबर पाने की सुविधा
शहर में शुरू हो चुकी फाइबर टू होम सेवा के लिए कोई भी बेसिक फोन उपभोक्ता अपने नंबर को इस सेवा में कनवर्ट करा सकता हैं या फिर अपने बंद हो चुके पुराने नंबर को इस सेवा में चालू करा सकता है। विभागीय अफसरों ने बताया कि पुुराने उपभोक्ताओं को अपना लैंडलाइन नंबर एफटीएच में कनवर्ट कराने की सुविधा दी जा रही है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए टेलीफोन एक्सचेंज में संपर्क किया जा सकता है।
वर्जन
फाइबर टू होम सेवा में बीएसएनएल ने उपभोक्ताओं को अपने पुराने लैंडलाइन नंबर चालू कराने की सुविधा दी है। इस सेवा में इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं ओएनटी तकनीक से दी जा रही हैं। शहर में सेवा शुरू करने के बाद अब गांवों में भी इसे शुरू किया जा रहा है। 13 ब्लॉकों की ग्राम पंचायतों तक भारत नेट कनेक्टीविटी हो चुकी है। अब कनेक्शनों के लिए सभी ग्राम पंचायतों को प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ ही गांवों में आम लोगों की मांग पर कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे। - आलोक कुमार, टीडीएम
विज्ञापन
हालात ये हैं कि पंचायतें डाटा कनेक्टीविटी कनेक्शन लेने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहीं हैं। ऐसे में 50 फीसदी से अधिक ग्राम पंचायतों के सचिवालय अभी तक ऑफलाइन हैं।
विज्ञापन
नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क योजना के तहत जिले के 13 ब्लॉकों की 833 ग्राम पंचायतों तक बीएसएनएल का नेटवर्क पहुंच चुका है। इन ब्लॉकों में केबिल डालने पर लगभग 85 करोड़ रुपये खर्च हो चुका हैं। योजना के तहत ग्राम पंचायतों तक कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए लगभग 1700 किलोमीटर ओएफसी डाली जा चुकी है। प्रति किलोमीटर औसतन पांच लाख का खर्च आया है।
विज्ञापन
अब शेष रहे बावन, बिलग्राम, टड़ियावां, अहिरोरी, हरपालपुर और बेंहदर ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में 750 किलोमीटर ओएफसी डालने की कार्ययोजना पर काम चल रहा है। इन ब्लॉक क्षेत्रों की 473 ग्राम पंचायतों को जोड़ने के लिए यह कार्य पूरा किया जाना है। नेटवर्क से जुड़ चुकी ग्राम पंचायतों की ओर से कनेक्शन लेने में रुचि नहीं दिखाई गई है।
ऐसे में जहां गांव ऑफलाइन हैं, वहीं बीएसएनएल के हाथ राजस्व के नाम पर खाली हैं। ऐसे में बीएसएनएल ने शहर से लेकर गांवों तक फाइबर टू होम के जरिये बेसिक फोन और डाटा सर्विस एक साथ देने की तैयारी की है। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर फ्रेंचाइजी बनाई जा रही हैं।
गांवों में फिर से बजेगी ट्रिंग ट्रिंग
फाइबर टू होम (एफटीएच) के सेवा के जरिये अब बीएसएनएल शहर से लेकर गांव-गांव तक इंटरनेट व टेलीफोन कनेक्शन देने की तैयारी कर रहा है। शहर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में फ्रेंचाइजी के माध्यम से कनेेक्शन दिए जा रहे हैं। फाइबर टू होम के लिए ओएफसी नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए प्लान के अनुसार स्मार्ट टीवी को चलाने की भी सुविधा दी जा रही है।
पुराने टेलीफोन नंबर पाने की सुविधा
शहर में शुरू हो चुकी फाइबर टू होम सेवा के लिए कोई भी बेसिक फोन उपभोक्ता अपने नंबर को इस सेवा में कनवर्ट करा सकता हैं या फिर अपने बंद हो चुके पुराने नंबर को इस सेवा में चालू करा सकता है। विभागीय अफसरों ने बताया कि पुुराने उपभोक्ताओं को अपना लैंडलाइन नंबर एफटीएच में कनवर्ट कराने की सुविधा दी जा रही है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए टेलीफोन एक्सचेंज में संपर्क किया जा सकता है।
वर्जन
फाइबर टू होम सेवा में बीएसएनएल ने उपभोक्ताओं को अपने पुराने लैंडलाइन नंबर चालू कराने की सुविधा दी है। इस सेवा में इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं ओएनटी तकनीक से दी जा रही हैं। शहर में सेवा शुरू करने के बाद अब गांवों में भी इसे शुरू किया जा रहा है। 13 ब्लॉकों की ग्राम पंचायतों तक भारत नेट कनेक्टीविटी हो चुकी है। अब कनेक्शनों के लिए सभी ग्राम पंचायतों को प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ ही गांवों में आम लोगों की मांग पर कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे। - आलोक कुमार, टीडीएम